व्यंग्य : लो आ गया नागिन डांस का मौसम!



देश में सर्दी, बारिश और गर्मी का अपना मौसम है या यूं कहा जाए कि इन मौसमों से ही आम जनजीवन चलता है। मगर एक ऐसा मौसम भी है जिस पर आज तक किसी मौसम विज्ञानी ने ध्यान दिया ही नहीं।
देश के सर्वाधिक लोकप्रिय इस मौसम के आने और जाने का अपना समय है। एक निश्चित नियत तिथि से इसका आगाज हो जाता है जिसका सबको इंतजार रहता है। इस मौसम का लुत्फ देशभर में दूरदराज तक के लोग उठाते हैं। क्या बच्चे, क्या जवान और किशोर? यहां तक कि प्रौढ़ भी इसका फायदा उठा ही लेते हैं।

दीपावली के 11 दिनों बाद जब देव के जागने का दिन होता है तब ये मौसम भी शुरू होता है। वैसे जो सोता है, वह उठता भी है, चाहे वह इंसान हो या भगवान। मगर देवताओं के जागने के इस पर्व का खासकर कुंआरे युवक-युवतियों को बेसब्री से इंतजार रहता है, क्योंकि इस मौसम के साथ ही 'मंगलम् भगवान विष्णु, मंगलम् गरूड़ ध्वज/ मंगलम् पुण्डरीकाक्ष, मंगलाय तनो हरि' की मंगल ध्वनि के साथ 7 जन्मों के बंधन का मौसम शुरू हो जाता है और इसी के साथ करने वालों का मौसम भी आ जाता है। इस नागिन डांस को किसी शैली में नहीं बांधा जा सकता। ये फ्रीस्टाइल का डांस होता है।
सड़क पर लौटकर दोनों हाथ सिर के ऊपर ले जाकर जैसा बनाने वाली शैली इसकी चर्चित शैली है। बारात के चल समारोह का मुख्य आकर्षण ये डांस होता है। नागिन का ऐसा डांस जिसे यदि सचमुच में नागिन देख ले तो वह गश खाकर मूर्छित हो जाए, मगर इस डांस के बिना बारात का मजा अधूरा रहता है।

अगर डांस की बात की जाए तो इस डांस का प्रादुर्भाव कब, कहां और कैसे हुआ? इस बात पर शोध किया जा सकता है। शोध तो इस बात पर भी किया जा सकता है कि ये डांस कला है या विज्ञान? खोज तो इस बात पर भी की जा सकती है कि जिन लोगों में नागिन की आत्मा प्रवेश कर जाती है और ये इस डांस को करने लगते हैं तो क्या वे डांसर होते हैं? यदि नहीं तो फिर वे कैसे ये डांस कर लेते हैं? क्या डांस करने वाले को किसी 'पेय पदार्थ' (!) की जरूरत होती है और उसके सेवन के बाद ही वे इस सर्वाधिक जनप्रिय डांस को कुशलता से करने लगते हैं?
इस डांस के लिए जो लोग लालायित होते हैं, वे कोई प्रशिक्षित नहीं होते। न ही उन्हें कोई अनुभव होता है। पर एक की देखादेखी अनेक लोग इस नागिन डांस के दीवाने हो जाते हैं और बेचारा दूल्हा, जिसके मन में शादी की जल्दी होती है, इन नागिन डांस करने वालों पर मन ही मन कुढ़ता रहता है।

कारण जो भी हो, पर नागिन डांस का अपना मजा है। देश की रग-रग की जीवनशैली में रचे-बसे इस नागिन डांस पर मेरे 'मन डोले मेरा, तन डोले...' की धुन राष्ट्रीय और स्थायी है। बैंड वाले भिया तो अब इस धुन के आदी हो गए हैं।

Widgets Magazine
वेबदुनिया हिंदी मोबाइल ऐप अब iOS पर भी, डाउनलोड के लिए क्लिक करें। एंड्रॉयड मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें। ख़बरें पढ़ने और राय देने के लिए हमारे फेसबुक पन्ने और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं।



और भी पढ़ें :

बस,एक छोटा सा 'आभार' कम कर देगा जीवन के कई भार

बस,एक छोटा सा 'आभार' कम कर देगा जीवन के कई भार
आभार व्यक्त तो कीजिए। फिर देखिए, उसकी सुगंध कैसे आपके रिश्तों को अद्भुत स्नेह से सींचती ...

अपने लिए भी वक्त निकालें, यह वक्त का तकाजा है

अपने लिए भी वक्त निकालें, यह वक्त का तकाजा है
थोड़ा समय अपने शौक को देंगे तो आपको अपना आराम और मनोरंजन पूर्ण महसूस होगा।

जरा चेक करें कहीं आपकी कोहनी भी तो कालापन लिए हुए नहीं?

जरा चेक करें कहीं आपकी कोहनी भी तो कालापन लिए हुए नहीं?
भले ही आप चेहरे से कितनी ही खूबसूरत क्यों न हों, देखने वालों की नजर कुछ ही मिनटों में ...

5 मिनट में चमकती स्किन चाहिए तो इसे जरूर पढ़ें

5 मिनट में चमकती स्किन चाहिए तो इसे जरूर पढ़ें
जिस तरह बालों को सॉफ्ट और शाइनी बनाने के लिए आप हेयर कंडीशनिंग करते हैं, उसी तरह से त्वचा ...

पेट फूला-फूला रहता है तुंरत बदलिए लाइफ स्टाइल, पढ़ें 10 काम ...

पेट फूला-फूला रहता है तुंरत बदलिए लाइफ स्टाइल, पढ़ें 10 काम की बातें
लगातार बैठे रहने और कम मेहनत करने वालों का पेट बाहर आ जाता है लेकिन यह जरूरी नहीं है... ...

रोहिणी थीं चंद्र की प्रिय पत्नी, क्रोधित ससुर ने दिया शाप, ...

रोहिणी थीं चंद्र की प्रिय पत्नी, क्रोधित ससुर ने दिया शाप, शिव ने रखा शीश पर
चंद्र का विवाह दक्ष प्रजापति की 27 नक्षत्र कन्याओं के साथ संपन्न हुआ। चंद्र का रोहिणी पर ...

ऐसे हुआ सुंदर चमकीले चंद्रदेव का जन्म, पढ़ें पौराणिक कथा

ऐसे हुआ सुंदर चमकीले चंद्रदेव का जन्म, पढ़ें पौराणिक कथा
चंद्रमा के जन्म की कहानी पुराणों में अलग-अलग मिलती है। मत्स्य एवम अग्नि पुराण के अनुसार ...

मैक्सिको से सीखें हम नेताओं को सुधारने के गुर

मैक्सिको से सीखें हम नेताओं को सुधारने के गुर
मैक्सिको के चिचीकुइला शहर के महापौर अल्फांसो मोंटीएल ने अपने चुनावी प्रचार में शहर के ...

पूर्णिमा 29 मई को, क्या है इस दिन का धार्मिक और वैज्ञानिक ...

पूर्णिमा 29 मई को, क्या है इस दिन का धार्मिक और वैज्ञानिक रहस्य
जब पूर्णिमा आती है तो समुद्र में ज्वार-भाटा उत्पन्न होता है, क्योंकि चंद्रमा समुद्र के जल ...

उम्र को बढ़ने से रोकेगा यह ड्रायफ्रूट, इसके फायदे भी हैं ...

उम्र को बढ़ने से रोकेगा यह ड्रायफ्रूट, इसके फायदे भी हैं खूब, जानिए कैसे करें सेवन
आप मखाने के चार दानों का सेवन करके शुगर से हमेशा के लिए निजात पा सकते है। इसके सेवन से ...