बाजल: ऐसा होता है स्मार्ट सिटी

पुनः संशोधित सोमवार, 19 नवंबर 2018 (12:06 IST)
सांकेतिक चि‍त्र
भारत में सौ शहरों को स्मार्ट सिटी में तब्दील करने पर काम चल रहा है। यूरोप के कुछ शहर इसके लिए मिसाल हो सकते हैं, जैसे कि का बाजल। इस शहर में सब कुछ आपस में कनेक्टेड है।

स्विट्जरलैंड के शहर को स्मार्ट सिटी की मिसाल कहा जाता है। पूरा शहर से जुड़ा हुआ है। जगह जगह सेंसर लगे हैं जो लोगों का डाटा जमा कर रहे हैं। इस काम में सबसे बड़ा योगदान रहा है यहां की छोटी छोटी स्टार्टअप कंपनियों का। हाईवमाइंड नाम की एक स्टार्टअप कंपनी में युवा आईटी एक्सपर्ट शहर के सेंसरों को एक दूसरे से जोड़ने पर काम कर रहे हैं।

हाईवमाइंड कंपनी के संस्थापक विक्रम भटनाकर ने बताया, "हमने पूरे शहर में अलग अलग तरह के सेंसर फैलाए हुए हैं। इनसे हम कई तरह के काम ले सकते हैं। हमने शहर में कई तरह के पार्किंग सेंसर लगाए हैं। और कंट्रोल सेंटर में बैठे बैठे हम देख सकते हैं कि हागेनाऊए श्ट्रासे में पार्किंग की जगह भरी है।"


विक्रम ने बताया कि पार्किंग सेंसर बहुत छोटे होते हैं और इन्हें जमीन पर लगाया जा सकता है। जब गाड़ी इसके ऊपर आती है, तो सेंसर दिखाता है कि जगह भर गई है। इसी तरह से एक और सेंसर है जिससे पता किया जा सकता है कि कहां पर कूड़े का कंटेनर खाली है, या फिर यह कि कहां लोगों की कितनी भीड़ लगी है, या फिर कितना शोर है।

इन सेंसरों से शहर की व्यवस्था और उसके बारे में लोगों की समझ बेहतर बनाने में मदद मिल रही है। सेंसर यह भी बता सकता है कि नदी किनारे कितनी चोरियां हुईं। विक्रम कहते हैं, "बाजल में लाइफरिंग (डूबने से बचाने वाली ट्यूब) बहुत चोरी होते हैं। अब हमने उनमें सेंसर लगा दिए हैं। इसलिए अब जब भी कोई लाइफरिंग को अपनी जगह से निकालेगा, तो हमें यहां सेंसर से पता चल जाएगा।"


सरकारों की भी इस तरह की तकनीक में काफी रुचि है और स्थानीय प्रशासन इन्हें अपनाने में बढ़ चढ़ कर सामने आ रहा है। रिसर्चर मानते हैं कि अगले पांच सालों में पूरी तरह कनेक्टेड स्मार्ट सिटी संभव हैं।

इन शहरों के चप्पे चप्पे पर नजर रहेगी और जरूरत के मुताबिक उनकी खबर ली जा सकेगी। इनसे ना सिर्फ लोगों की रोजमर्रा की दिक्कतें दूर होंगी बल्कि चोरी और इस तरह की कई दूसरी समस्याओं से मुक्ति भी मिल सकती है।

रिपोर्ट: क्रिस्टियान बाखमान/एनआर





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