पेट्रोल-डीजल के दामों में राहत की उम्मीद नहीं, जीएसटी में लाने का सरकार का इरादा नहीं

शिमला| पुनः संशोधित शनिवार, 9 जून 2018 (20:22 IST)
शिमला। जनता अगर यह उम्मीद कर रही हो कि पेट्रोलियम पदार्थों की आसमान छूती कीमतों में किसी तरह की राहत केंद्र सरकार उसे देगी तो उसे ऐसी उम्मीद पालने की जरूरत नहीं है। यहां तक कि पेट्रोल-डीज़ल को जीएसटी के दायरे में लाने का भी केंद्र सरकार का फिलहाल कोई इरादा नहीं है।
भाजपा राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने शनिवार को यहां प्रदेश पार्टी के आई प्रकोष्ठ की एक कार्यशाला के इतर एक पत्रकार सम्मेलन में आम जनता की उम्मीदों पर पानी फेरते हुए साफ कहा कि मोदी सरकार का पेट्रोल-डीज़ल को जीएसटी के दायरे में लाने की फिलहाल कोई योजना नहीं है।

उन्होंने हालांकि ये संकेत दिए कि केंद्र सरकार एक दूरगामी नीति के तहत पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों पर नियंत्रण रखने का प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतें नियंत्रित करने के लिए एक दूरगामी नीति बनाएगी और इन कीमतों को जीएसटी दायरे में लाने की भी फिलहाल कोई योजना नहीं है। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतें नियंत्रित करने के लिए इससे संबद्ध विभिन्न पक्षकारों के साथ बातचीत कर रहे हैं।

उन्होंने दावा किया कि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों के अस्थिरता और इराक में जारी गृह युद्ध के कारण पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतें प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि पिछली केंद्र सरकार के मुकाबले वर्तमान सरकार के शासन में आवश्यक वस्तुओं की कीमतें नियंत्रण में रही हैं।

मोदी सरकार पर उसके 'मेक इन इंडिया' मिशन को लेकर अक्सर हमला बोलने वाले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर पलटवार करते हुए पात्रा ने कहा कि नेहरू-गांधी परिवार का यह उत्तराधिकारी अपने विदेश दौरे के बाद अक्सर इस तरह की बयानबाजी करता है। भाजपा को सत्ता से बाहर रखने को लेकर उसके खिलाफ विपक्षी राजनीतिक दलों के एकजुट होने को 'स्वार्थ का गठजोड़' तथा सत्ता पाने का लालच करार दिया। (वार्ता)

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