बालगीत : छुट्टी के दिन




छुट्टी के दिन गजब के बीते हैं,
सौ मीटर की रेस हमीं तो जीते हैं।
खेलकूद और शेर के चक्कर में,
होमवर्क पढ़ाई में थोड़ा पीछे हैं।
मैडम अब तो मुझे डांट सुनाएंगी,
बच्चों के बीच उठक-बैठक करवाएंगी।
जवाब सही दिया तो बच जाऊंगा,
वरना निश्चित ही मैं भी मारा जाऊंगा।

वैसे मैथ के मेरे टीचर काफी सीधे हैं,
खेलकूद और शेर के चक्कर में,
होमवर्क पढ़ाई में थोड़ा पीछे हैं।

याद बहुत आती है आम की बगिया,
जहां खेलती थीं संग-संग सखियां।
जब गई ननिहाल वहां नानी ने पुचकारा,
वो गांव बहुत सुन्दर था, खूब प्यारा।
कल ट्यूशन वाले सर ने कान को खींचे हैं,
खेलकूद और शेर के चक्कर में,
होमवर्क पढ़ाई में थोड़ा पीछे हैं।


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