दिवाली वि‍शेष : 7 प्रकार की पारंपरिक रंगोली से सजाएं आंगन



किसी भी प्रकार के मंगल कार्य में रंगाली का बहुत महत्व है। दीपों के पर्व दिवाली की तो रंगोली के बिना इस की कल्पना भी नहीं की जा सकती। समय के साथ-साथ रंगोली बनाने के तरीकों में बदलाव आया है, लेकिन इसे लेकर उत्साह बिल्कुल कम नहीं हुआ। यही कारण है कि पारंपरिक रंगोली का नयापन भी मन को मोहता है। जानिए रंगोली के 7 प्रकार और तरीके -

1 रंगों की ओली - रंगों की सहायता से, कई लयबद्ध बिंदुओं को मिलाते हुए रंगोली की कई सुंदर-सुंदर आकृतियां बनाई जाती हैं, जो बेहद आसान और आकर्षक होती है। यह तरीका आसान होने के कारण युवतियों के साथ ही छोटी बालिकाएं भी आसानी से रंगोली को आकार दे सकती हैं। इसके बाद इसमें अपने अनुसार रंग भरकर इसे और भी आकर्षक बनाया जाता है। तब तैयार होती है, खूबसूरत रंगोली। अगर आपको रंगोली बनाना कठ‍िन लगता है, तो आपके लिए सबसे बेहतर तरीका यही है। इसके लिए बाजार में किताब उपलब्ध है।
2
मांडना -
वर्तमान में रंगोली का प्रचलन सबसे अधिक है, लेकिन पुरानी परंपरानुसार आज भी आंतरिक इलाकों में मांडने बनाए जाते हैं। यह घर के या फर्श पर प्राकृतिक रंगों का उपयोग कर आकर्षक ढंग से बनाए जाते हैं। आप अगर ही दिन रंगोली नहीं बनाना चाहते तो मांडना पारंपरिक और खूबसूरत तरीका है।मांडने की एक खासियत यह भी है, कि यह लंबे समय तक बने रहते हैं। इसे बनाने के लिए गीले रंगों का प्रयोग किया जाता है, जो सूखने के बाद लंबे समय तक उतने ही आकर्षक नजर आते हैं।
3
फूलों की रंगोली -
रंगोली बनाने का एक बेहद खूबसूरत तरीका यह भी है। दुनिया में फूलों से ज्यादा सुंदर चीज और कुछ भी नहीं। इन्हीं रंगबिरंगे फूलों और पंखुड़ियों का प्रयोग कर जब रंगोली बनाई जाती है, तो यह न केवल आंखों को खूबसूरत दिखाई देती है, बल्कि इसकी महक से आपका मन भी इस खूबसूरती को महसूस करने लगता है। दक्षिण भारत में खास तौर से इस तरह की रंगोली बनाई जाती है, और अब हर जगह यह प्रचलन है।
4
तैलीय रंगों की रंगोली -
जी हां, तैलीय रंगों और सामान्य पक्के रंगों द्वारा भी रंगोली बनाई जाती है, जो लंबे समय तक बरकरार रहती है। इसे बार-बार बनाने की आवश्यकता नहीं होती। और आप इसके लिए जितने चाहें उतने रंगों का इस्तेमाल कर सकते हैं। आप इसे सीधे ब्रश की सहायता से मनचाही आकृतियों में घर के आंगन, फर्श या फिर आप जहां चाहें बना सकते हैं।

5 कृत्रिम सांचों से बनी रंगोली - यह रंगोली बाजार में उपलब्ध अलग-अलग आकृतियों और सांचों से बनाई जाती है, जिसके लिए आपको हाथ से मेहनत करने की जरूररत नहीं होती। बस सांचे में रंगोली भरकर अपने अनुसार आकृतियां उकेरी जा सकती हैं। इसमें पहले जमीन पर छन्नी से रंगों को समान रूप से फैलाया जाता है, उसके बाद सांचे या फिर छापों की सहायता से सफेद रंगोली का उपयोग कर आकृतियां बनाई जाती है। यह रंगोली अापके लिए बनाना अासान भी होगा और समय की बचत भी होगी।
6
प्राकृतिक रंगोली -
अगर आप बाजार में मिलने वाली रंगोली का उपयोग नहीं करना चाहते, तो घर में प्राकृतिक रंगोली तैयार कर आकृतियां बना सकते हैं। इसके लिए आप घर पर ही सूजी व चावल के आटे को अलग-अलग रंगों में रंग सकते हैं। इसके अलावा हल्दी, मसूर की दाल व बेसन का उपयोग कर सकते हैं।

7
दीपों की रंगोली -
घर के बरामदे या बड़े आंगन में कई दीपों और फूलों की पंखुड़ियों को सजाकर बनाई गई यह रंगोली जगमगाती हुई बेहद आकर्षक लगती है। खास तौर से दीपावली की रात यह रंगोली बनाई जाती है, जो पूरे वातावरण को रौशन करने के साथ ही महका देती है। आप इसके लिए खुशबूदार दीपों का प्रयोग भी कर सकते हैं।

इन सात तरीकों से आप अपने आंगन की रंगोली को सजा सकते हैं।

वेबदुनिया हिंदी मोबाइल ऐप अब iOS पर भी, डाउनलोड के लिए क्लिक करें। एंड्रॉयड मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें। ख़बरें पढ़ने और राय देने के लिए हमारे फेसबुक पन्ने और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं।

और भी पढ़ें :

लिपबाम के फायदे जानते हैं और इसे लगाते हैं, तो इसके नुकसान ...

लिपबाम के फायदे जानते हैं और इसे लगाते हैं, तो इसके नुकसान भी जरूर जान लें
लिप बाम सौंदर्य प्रसाधन में आज एक ऐसा प्रोडक्ट बन चुका है, जिसके बिना किसी लड़की व महिला ...

पति यदि दिखाए थोड़ी सी समझदारी तो पत्नी भूल जाएगी नाराज होना

पति यदि दिखाए थोड़ी सी समझदारी तो पत्नी भूल जाएगी नाराज होना
पति-पत्नी के बीच घर के दैनिक कार्य को लेकर, नोकझोंक का सामना रोजाना होता हैं। पति का ...

क्या आपको भी होती है एसिडिटी, जानिए प्रमुख कारण और बचाव

क्या आपको भी होती है एसिडिटी, जानिए प्रमुख कारण और बचाव
मिर्च-मसाले वाले पदार्थ अधिक सेवन करने से एसिडिटी होती है। इसके अतिरिक्त कई कारण हैं ...

फलाहार का विशेष व्यंजन है चटपटा साबूदाना बड़ा

फलाहार का विशेष व्यंजन है चटपटा साबूदाना बड़ा
सबसे पहले साबूदाने को 2-3 बार धोकर पानी में 1-2 घंटे के लिए भिगो कर रख दें।

बालों को कलर करते हैं, तो पहले यह सही तरीका जरूर जान लें

बालों को कलर करते हैं, तो पहले यह सही तरीका जरूर जान लें
हर बार आप सैलून में ही जाकर अपने बालों को कलर करवाएं, यह संभव नहीं है। बेशक कई लोग हमेशा ...

कैसे होते हैं वृश्चिक राशि वाले जातक, जानिए अपना ...

कैसे होते हैं वृश्चिक राशि वाले जातक, जानिए अपना व्यक्तित्व...
जिन जातकों के जन्म समय जन्मपत्रिका में चन्द्रमा वृश्चिक राशि में स्थित होता है, उनकी ...

मछली खाने से कैंसर और हृदय रोग होने का खतरा कम, रिसर्च का ...

मछली खाने से कैंसर और हृदय रोग होने का खतरा कम, रिसर्च का दावा
बीजिंग। ओमेगा-थ्री फैटी एसिड युक्त मछली या अन्य खाद्य वस्तुएं खाने से कैंसर या हृदय ...

नीरज की जीवनी : जीवन से रचे बसे गीत की रचना में माहिर थे ...

नीरज की जीवनी : जीवन से रचे बसे गीत की रचना में माहिर थे गोपाल दास नीरज
मुंबई। भारतीय सिनेमा जगत में गोपाल दास नीरज का नाम एक ऐसे गीतकार के तौर पर याद किया जाएगा ...

हल्दी में मक्के का पाउडर, मिर्च में चावल की भूसी... घातक है ...

हल्दी में मक्के का पाउडर, मिर्च में चावल की भूसी... घातक है मिलावट का बाजार, कर रहा है सेहत पर अत्याचार
मिलावटी सामान बेचकर लोगों को ठगा जा रहा है, साथ ही उनके स्वास्थ्य के साथ भी खिलवाड़ किया ...

नदी को धर्म मानने से ही गंगा को बचाना संभव

नदी को धर्म मानने से ही गंगा को बचाना संभव
दुनिया की सबसे पवित्र मानी जाने वाली नदी होने के साथ ही गंगा दुनिया की सबसे प्रदूषित ...