अपनी राशि अनुसार जानें, सेहत समस्या और उपाय


हर इंसान की अपनी एक राशि और प्रकार होता है, यह तो आप जानते होंगे। लेकिन यह बात आपको शायद ही पता हो, कि न केवल मनोभाव एवं आध्यात्म के स्तर पर, बल्कि आपके स्वास्थ्य के स्तर पर भी आप अपनी राशि का प्रतिनिधित्व करते हैं। के अनुसार हर राशि का शरीर के कुछ विशेष अंगों पर अधिकार होता है और जब शरीर के वे अंग बीमार या समस्याग्रस्त होते हैं, तब उन अंगों से संबंधित राशि की ऊर्जा उन्हें स्वस्थ्य करने में कारगर साबित होती है। 
 
ऐसे में सेहत से जुड़ी समस्याओं का सही समाधान चाहते हैं, तो अपनी राशि के अनुसार चिकित्सा करना विशेष रूप से एक फायदेमंद उपाय साबित हो सकता है। जानिए ज्योतिष के अनुसार कैसे कर सकते हैं इलाज - 
1 मेष - मेष राशि शरीर में सिर, बाल और चेहरे का प्रतिनिधित्व करती है। इस राशि के लोगों में प्रतिनिधित्व करने, खुद के हक के लिए लड़ने और जो वे चाहते हैं वहां तक पहुंचने के लिए ऊर्जा का भंडार होता है। इस तरह के लोग मनोभाव, उत्साह, आत्मविश्वास और गुस्से का नियंत्रण भी इन्हीं के पास होता है। मेष राशि वालों में ऊर्जा का असंतुलन होने पर प्रमुख रूप से माइग्रेन, आत्मविश्वास की कमी, नाक बहना, साइनस, त्वचा समस्याएं, एग्जिमा, रेशेस और बालों के झड़ने की समस्याएं हो सकती हैं।
 
उपाय : इनसे निपटने के लिए जरूरी है कि आप खुद को सही मायने में पहचानें और जीवन में अपने दिल की सुनें और उसके अनुसार ही आगे बढ़ें। अगर आप खुद को दबाए हुए हैं या अंधेरे में रखें हुए हैं और आपका अहं आपके लिए सबसे ऊपर है, तो आपको खुद में बदलाव कर अपनी ऊर्जा को संतुलि‍त करने की जरूरत है। आपको अपने अत्यधिक सक्रिय दिमाग को थोड़ा आराम देना चाहिए और छोटी-मोटी चीजों को अनदेखा करने की कला आनी चाहिए। अपने आसपास की दुनिया और लोगों पर ध्यान दीजिए और खुश रहिए।

2 वृषभ - वृषभ राशि वालों का विशेष संबंध गले, गर्दन, एवं उससे जुड़ी समस्याओं जैसे थायरॉइड, टॉन्सिल्स, कंधे आदि से होता है। इसकी ऊर्जा असंतुलित होने पर कंधे के ऊपरी भाग में दर्द एवं गले की समस्याएं हो सकती हैं और कई बार बदलाव से डर से आप  चीजों को छोड़ने का साहस नहीं जुटा पाते और पुरानी चीजों से ही चिपके रहते हैं।
 
उपाय : इन समस्याओं से बचने के लिए आपको जरूरत है जीवन प्रति प्रायो‍गिक, व्यवस्थित और कर्म प्रधान रूख अपनाने की। अगर आप अपना आधार खो रहे हैं या फिर किसी ऐसी चीज मं उलझे है जिसके समाप्त होने की संभावना नजर नहीं आती, तो इस समय आपको अपनी ऊर्जा को गले पर केंद्रित कर इसे संतुलित करने की जरूरत है। ऐसा आप नीले क्रिस्टल की सहायता से कर सकते हैं। आप चाहें तो गायन में रुचि लें या फिर अपने बाहरी वातावरण में कुछ बदलाव भी कर सकते हैं।
> 3  मिथुन - इस राशि का शासन आपके दिमाग, विचार, खुद को अभिव्यक्ति करने की क्षमता, बांहें और हाथों पर विशेष रूप से होता है। अपनी ऊर्जा के जरिए इस राशि के लोग विचारों की सुव्यवस्थ‍ित अभिव्यक्ति की कला में माहिर होते हैं। इस तरह के लोग प्रमुखत: लेखक, वक्ता और संवादक होते हैं। 
 
लेकिन ऊर्जा का असंतुलन होने पर इस राशि के लोगों में विचारों में बिखराव, कंफ्यूज होना, हाथों या बाहों में दर्द, अभिव्यक्ति देने में भय, बिना सोचे समझे बोल देना या इधर-उधर की बातें करने एवं सुनने में दिलचस्पी होना जैसी समस्याएं हो सकती है। 
 
उपाय : इनसे बचने के लिए मेडिटेशन करना या डेली डायरी लिखना बेहतर उपाय हो सकता है। ऐसा करने से आपको शांत चित्त होने में मदद मिलेगी, साथ ही दिमाग में बार-बार आने वाले विचारों से भी छुटकारा मिलेगा।


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