साइबर फ्रेंडशिप हो सकती है खतरनाक, इन 6 सावधानियों से रहेंगे सुरक्षित

निवेदिता भारती|
चलिए शुरुआत करते हैं 2012 में सामने आए रेप के उस केस से जिसने उस दौर में काफी सुर्खियां बटोरीं। एक मुंबई की शादीशुदा महिला के साथ उसके ऑनलाइन फ्रेंड्स ने बलात्कार किया। खाड़ी के देशों में काम करने वाले दो आरोपियों ने एक महिला के साथ एक सोशल नेटवर्किंग साइट पर दोस्ती की।


कैसे आई साइबर बदमाशों के झांसे मेें : महिला ब्यूटी पार्लर के काम में निपुण थी। ऑनलाइन फ्रेंड ने उसे जॉब का झांसा देकर एक जगह इंटरव्यू के लिए बुलाया। इसी जगह महिला के साथ बलात्कार की घटना हुई। महिला ने इस राज को अपने परिवार के सामने भी नहीं जाहिर किया लेकिन जब आरोपी अश्लील वीडियो के सहारे उसे ब्लैकमेल करने लगे तो महिला ने चुप्पी तोड़ी।

इस पूरी घटना में महिला ने जो सहा उसका बहुत कुछ एहसास हम सभी समझ सकते हैं। कैसे खुद को इन अंजान वर्चुअल दोस्तों से सुरक्षित रखें यह एक बड़ा प्रश्न बन चुका है।

कुछ बेहद गंभीर सवाल : आपके कितने दोस्त हैं? ऊंगलियों पर गिना और 2, 3 या 5, 6 आपने जवाब दे दिया। इन पर है भारी भरोसा। इनके साथ न दिन में न ही रात में आप कोई खतरा महसूस करते हैं। क्या आपने कभी सोचा कि आपने बिना सोचे समझे वर्चुअल वर्ल्ड में कितने दोस्त बना लिए हैं?




संख्या इतनी है कि न तो आपको नाम याद है और न ही आप ऊंगलियों पर गिन सकते हैं। भरोसे कि तो बात ही क्या है क्योंकि शायद इन दोस्तों ने कभी अपना सही नाम भी आपको नहीं बताया। इंटरनेट के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर अगर आप भी बढ़ा चुके हैं अनगिनत दोस्तों की फौज तो अपने चारों और एक सुरक्षा घेरा भी कर लें तैयार वर्ना आगे जो होगा शायद बहुत ही भयानक हो।

क्या होते हैं मिलने के बहाने : ऑनलाइन दोस्त अक्सर ही कुछ दिनों की बातों के बाद आपके ऊपर मिलने का दबाव बनाने लगते हैं। आप भी इन दिनों में दोस्त से कुछ अधिक घुलमिल चुके हैं। आपने अपने दिल की और जीवन की कई बातें इस दोस्त के साथ शेयर की हैं।

कभी आपके टूटे दिल पर मरहम लगाने के लिए, कभी जॉब के लिए, कभी साथ ट्रिप के लिए, कभी इंजॉय करने के लिए आपके इस दोस्त से मिलने के प्लान बनते हैं।



कैसे बचाएं रखें खुद को ऑनलाइन जालसाजों से : आपको अपने जीवन में कुछ बेहद जरूरी सावधानियां रखनी होंगी। अगर इनका रखा ध्यान तो मुश्किल की कोई बात ही नहीं।

1. इन पर ही निर्भर न बनें : आपने कहा कि आपके कुछ बढ़िया दोस्त हैं। उन्हें करीब रखें और इन ऑनलाइन फ्रेंड्स पर निर्भर होने से बचें। ऐसा न हो कि दोस्तों का साथ छोड़कर आप ऑनलाइन फ्रेंड से बात करने के लिए चल दें। साथ ही इतने भी इनको लेकर गंभीर न बनें कि ये ऑनलाइन आना छोड़ दें तो आप डिप्रेशन में आ जाएं।

2. भावुक होकर चाहे जो खुलासे न करें : अपनी जिंदगी में आपके कुछ राज हैं। कुछ खास बातें हैं जिन्हें या तो शेयर किया ही नहीं जाना चाहिए या परिवार या खास दोस्तों के साथ ही शेयर किया जाना चाहिए। ऑनलाइन फ्रेंड ने कुछ अपने राज कहे तो आप कुछ भी मत उगल दीजिए। उनकी कहानी पर कतई विश्वास नहीं किया जा सकता।

3. फिट रहे और सेहत का ध्यान रखें : आप अपने आसपास के लोगों से क्यों नहीं घुल पा रहे इस पर विचार करें। समय की कमी, सेहत या किसी बात को लेकर हीन भावना। इनमें से कोई भी बात ऐसी नहीं जिसके चलते अजनबियों पर भरोसा किया जाए। फिट रहें और अपने दोस्तों के साथ वक्त बिताएं।


4. जो भी कह रहे हैं उस बात के नतीजे पर विचार करें : कभी शेखी बघारने में या कभी इमोशनल होकर, ऐसी कोई भी बात न करें जो सामने वालों को आपके साथ अपराध करना आसान कर दे। अपने सही पते, आने जाने के समय, स्कूल, कॉलेज, दफ्तर, घर के सदस्यों की संख्या, उनके काम, उनकी आदतें, धन की जानकारी, अकाउंट, पासवर्ड या अपने बाहर जाने को लेकर भी कोई जानकारी न दें।



5. फिजूल की डिमांड पर विचार करें : उनका कहना था वीडियो चैटिंग करते हैं आपने मान ली। वो आपकी तस्वीरें चाहते हैं। इसके आगे आप समझदारी से काम लें। कोई भी ऐसी मांग जो आपको अनुचित लगती है या उन्होंने आपको बताने से मना किया है या आप परिवार को नहीं बता सकते तो समझ लीजिए कि इस बात को मानने का कोई औचित्य नहीं।

6. उनकी बातों पर आंख मूंदकर न करें भरोसा : आपके ऑनलाइन फ्रेंड कभी अपनी दुखभरी कहानी सुनाकर भी आपका भरोसा और साथ जीतने की कोशिश कर सकता है। ऐसा न हो कि आप उनके दुख से इतने व्यथित हो जाएं कि उनकी मदद का फैसला करें। कई कहानियां गढ़कर ऑनलाइन फ्रॉड अपराधों को अंजाम देते हैं। हर कदम पर सावधान रहें।


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