नोटबंदी के लिए नहीं हो पाई थी पर्याप्त तैयारियां : अरुण जेटली

Last Updated: मंगलवार, 7 नवंबर 2017 (18:25 IST)
नई दिल्ली।
नई दिल्ली। नोटबंदी को भारतीय अर्थव्यवस्था के इतिहास का महत्वपूर्ण क्षण बताते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि नोटबंदी ने देश में स्वच्छ, पारदर्शितापूर्ण और ईमानदार वित्तीय प्रणाली प्रदान की है जिस पर आने वाली पीढ़ी गर्व करेगी। अरुण जेटली ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह माना कि नोटबंदी के लिए जितनी तैयारी होना थी, उतनी नहीं हो पाई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बड़े बदलाव की तैयारी में हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने कालेधन के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाया। जेटली ने कहा कि नोटबंदी को लूट बताना गलत है। उन्होंने कहा कि लूट वह है जो कोयला घोटाले में हुई है।
नोटबंदी की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा का एक साल पूरा होने के मौके पर यहां पार्टी मुख्यालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में श्री जेटली ने कहा कि लूट तो कांग्रेस के समय में हुई थी जब टू जी, राष्ट्रमंडल खेल और कोयला आवंटन जैसे घोटाले किये गये । श्री जेटली ने कहा कि कांग्रेस का यह इतिहास रहा है कि उसने कालेधन के खिलाफ कोई बड़ा कदम नहीं उठाया ।
अरुण जेटली ने नोटबंदी को जायज, जरूरी तथा देश हित में करार देते हुए कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था के विशाल स्वरुप के लिए नकदी रहित लेन-देन और स्वच्छ पूंजी आवश्यक है। जेटली ने नोटबंदी की घोषणा के एक साल पूरे होने पर यहां पार्टी मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि नोटबंदी का कदम भारतीय अर्थव्यवस्था में निर्णायक क्षण था जो देश हित में उठाया गया। यह जायज और जरूरी था। उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था के व्यापक और विशाल आकार के लिए नकदी रहित लेन देन और स्वच्छ पूंजी जरूरी है।

उन्होंने नोटबंदी की कांग्रेस और अन्य दलों की आलोचना का जवाब देते हुए कहा कि यह अर्थव्यवस्था से काला धन हटाने की मुहिम का एक हिस्सा है और यह नैतिक भी है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की नैतिकता कांग्रेस की नैतिकता से अलग है। कांग्रेस ने पिछले दस साल में निर्णय नहीं लिये और लूट होती रही। यह लूट टू जी, राष्ट्रमंडल खेल और कोयला ब्लॉक आवंटन जैसे मामलों में दिखाई दी है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश में यथास्थिति को बदलना जरुरी था इसलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक के बाद एक कदम उठाए हैं। किसी भी अर्थव्यवस्था में नकदी का आधिपत्य ठीक नहीं है। इससे कर चोरी होती है और ईमानदार करदाता को ज्यादा कर चुकाना पड़ता है।

नोटबंदी के खिलाफ 8 नवंबर को 'कालादिवस' मनाने जा रही कांग्रेस पर हमला तेज करते हुए जेटली ने कहा कि कालेधन और अर्थव्यवस्था में दृष्टिकोण काे लेकर उसमें और भाजपा में फर्क है। उन्होंने कहा कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार में 'नीतियों को लेकर पंगुता' थी जबकि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार में 'ढांचागत सुधार' हुए। कांग्रेस की मुख्य प्राथमिकता 'एक परिवार की सेवा करना ' है जबकि भाजपा 'देश की सेवा 'के लिए है। भाजपा नेता ने कहा कि कालेधन के खिलाफ अभियान नैतिक रूप से सही है इसलिए यह राजनीतिक रूप से भी सही है। (एजेंसियां)

Widgets Magazine
वेबदुनिया हिंदी मोबाइल ऐप अब iOS पर भी, डाउनलोड के लिए क्लिक करें। एंड्रॉयड मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें। ख़बरें पढ़ने और राय देने के लिए हमारे फेसबुक पन्ने और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं।



और भी पढ़ें :