आईसीसी अपने इस फैसले से 140 साल पुरानी परंपरा को करेगी खत्‍म

पुनः संशोधित मंगलवार, 22 मई 2018 (17:25 IST)
आईसीसी के टेस्ट मैचों में टॉस को खत्म करने के फैसले पर के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने कहा कि वे टेस्ट क्रिकेट में करने के विचार से सहमत नहीं हैं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की योजना टेस्ट में टॉस की प्रथा खत्म करने की है और पहले बल्लेबाजी या गेंदबाजी करने का
फैसला मेजबान टीम के ऊपर छोड़ने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है।


इस विचार के विरोध में भारतीय टीम के दो पूर्व कप्तानों-बिशन सिंह बेदी और दिलीप वेंगसरकर ने आवाज उठाई थी और अब गांगुली ने भी इन दोनों की बातों का समर्थन किया है।

गांगुली ने कहा, यह देखना होगा कि यह प्रयोग लागू होता या नहीं। व्यक्तिगत तौर पर हालांकि मैं टेस्ट में टॉस को खत्म करने के समर्थन में नहीं हूं।
अगर टॉस हटाया जाता है तो आईसीसीसी अपनी 140 साल पुरानी परंपरा को खत्म कर देगी। इस विचार को आईसीसी की नई समिति ने पेश किया था, जिसमें कई पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी, कोच और एलिट पेनल के अंपायर शामिल हैं। प्रस्ताव के आने के बाद क्रिकेट जगत इसके पक्ष और विपक्ष में बंटा हुआ है।

भारत के पूर्व कप्तान अनिल कुंबले की अध्यक्षता वाली समिति मुंबई में इसी महीने के अंत में होने वाली बैठक में इस पर चर्चा करेगी। ऑस्ट्रेलिया के दो पूर्व कप्तान स्टीव वॉ और रिकी पोंटिंग ने हालांकि इसका समर्थन किया है। वहीं वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज माइकल होल्डिंग और पाकिस्तान के पूर्व कप्तान जावेद मियांदाद का मानना है कि इससे प्रतिस्पर्धा में इजाफा होगा।


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