इस वजह से शूट नहीं होता रजनीकांत की मौत का सीन

सुपरस्टार एक ऐसा नाम है जो सिर्फ भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी अपनी एक अलग पहचान रखते हैं। उनका रजनीकांत साउथ में अपने अभिनय और स्टाइल के लिए जाने जाते है। बॉक्स ऑफिस पर फिल्में उनके नाम से हिट हो जाती है।

रजनीकांत की फैन फालोइंग का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जब रजनी की फिल्म रिलीज होती है तो फैंस सुबह पांच बजे ही सिनेमाघर के बाहर पहुंच जाते है और सिनेमाघर मालिकों को शो तभी शुरू करना पड़ता है। इसका ताजा उदाहरण उनकी हाल ही में रिलीज हुई फिल्म 2.0 में देखने को मिला था। जब दर्शक सुबह 4 बजे ही सिनेमाघरों में पहुंच चुके थे।

रजनीकांत के फैंस की दीवानगी ऐसी है कि वो उन्‍हें भगवान की तरह पूजते हैं। रजनीकांत जब पर्दे पर आते है तो फैंस खुशी से सिक्के उछालते हैं और कई बार एक साथ कई सिक्के पड़ने पर सिनेमाघर के पर्दे तक फट गए। बाद में सिनेमाघर में सिक्के ले जाने पर पाबंदी लगानी पड़ी। रजनीकांत फिल्म इंडस्ट्री के एक ऐसे कलाकार हैं जो 60 की उम्र के बाद लीड हीरो का रोल कर रहे हैं।

रजनीकांत की लोकप्रियता इतनी है कि उनकी फिल्म के डायरेक्टर्स को भी यह डर लगता है कि अगर उन्होंने स्क्रीन पर रजनीकांत को मरते दिखाया तो फिल्म फ्लॉप हो जाएगी। इस वजह से पिछले कई सालों से रजनी ने स्‍क्रीन पर मौत का सीन नहीं किया है।

रजनीकांत हिंदी, कन्‍नड़, मलायलम, बंगाली और अंग्रेजी फिल्‍मों में भी काम कर चुके हैं, लेकिन उन्‍होंने कभी मराठी फिल्‍मों में काम नहीं किया, जबकि रजनीकांत मूलरूप मराठी हैं। हाल ही में रिलीज हुई उनकी फिल्म 2.0 बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा रही हैं और यह फिल्म अगले साल चीन के बॉक्स ऑफिस पर भी 56 हजार स्क्रीन पर रिलीज की जाएगी।


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