11 शुभ उपाय, ग्रहों के अनुसार आजमाएं

Widgets Magazine


ग्रह पीड़ा निवारण के लिए टोटके 
 
आचार्य वराहमिहिर ने अपने प्रसिद्ध ग्रंथ 'वराह संहिता' में ग्रह पीड़ा निवारण के लिए रत्न धारण करने पर बल दिया है। दीर्घकालीन एवं असाध्य रोगों के लिए 'रुद्रसूक्त' का पाठ या 'महामृत्युंजय' का जाप कराना भी शुभ फल देने वाला होता है।
 
1. जब सूर्य जन्म कुंडली की बुरी स्थिति में पड़ा हो और हानिकारक हो रहा हो, जैसे दिल की बीमारी, शासकीय कार्यों में परेशानी, आंखों में कष्ट हो, पेट संबंधी बीमारियां हो, हड्डियों में तकलीफ होती है, उस समय गुड़ का दान करना, गेहूं का दान, लाल रंग की वस्तुओं का दान, तांबे का दान एवं यज्ञ और हवन करना लाभप्रद, शुभ होगा। संकट कम होंगे। रात्रि के समय आग को दूध से बुझाने से अग्निरूपी सूर्य को उसके मित्र दूधरूपी चंद्रमा की सहायता प्राप्त होगी तथा अनिष्ट ग्रह की शांति में सहयोग मिलेगा।
 
2. यदि चंद्रमा के कारण कष्ट हो रहा है, माता बीमार है, मानसिक चिंता, मानसिक निर्बलता हो, फेफड़ों में रोग हो अथवा धन का नाश हो रहा है, तो चांदी को बहते पानी में बहा देने से चंद्र संबंधित कष्टों का निवारण होगा।
 
3. रात में दूध और पानी एक ही बर्तन में रखकर सिरहाने रखकर सो जाएं एवं प्रात: पीपल के वृक्ष में डाल दें। चंद्र से संबंधित वस्तुएं जैसे पानी, दूध, चांदी अपने से पृथक करें अर्थात किसी को भी दान कर दें। शिवजी को इस ग्रह से संबंधित माना गया है। शिव मस्तक पर चंद्रमा विराजमान है अत: भगवान शिव का दूधमिश्रित जल से पूजन करें तथा रात्रि में दूध नहीं पीएं।
वेबदुनिया हिंदी मोबाइल ऐप अब iOS पर भी, डाउनलोड के लिए क्लिक करें। एंड्रॉयड मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें। ख़बरें पढ़ने और राय देने के लिए हमारे फेसबुक पन्ने और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं।
Widgets Magazine