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अगर पति-पत्नी में हो रहा है खूब कलह तो यह 4 उपाय कराएंगे सुलह

बुधवार,मई 23, 2018
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इन दिनों पुरुषोत्तम मास चल रहा है। यह महीना श्रीहरि विष्णुजी की उपासना का माना गया है। इन दिनों सच्चे मन से भगवान ...
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प्रतिदिन श्रीयंत्र के दर्शन मात्र से ही इसकी अद्भुत शक्तियों का लाभ मिलना शुरू हो जाता है, ऐसा पौराणिक शास्त्रों में ...
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अक्षय पुण्य की प्राप्ति तथा जीवन के समस्त पीड़ा, कष्टों तथा परेशानियों से मुक्ति के लिए हमें पुरुषोत्तम मास में निम्न ...
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ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यदि नौकरी में आपकी मेहनत, प्रतिभा और वरिष्ठता के बावजूद मनचाही पदोन्नति नहीं मिल रही है तो यह ...
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इन विशेष शनि मंत्रों के जाप से यश, सुख, समृद्धि, कीर्ति, पराक्रम, वैभव, सफलता और अपार धन-धान्य के साथ प्रगति के द्वार ...
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इस वर्ष 15 मई 2018, मंगलवार को ज्येष्ठ कृष्ण अमावस्या के दिन वट सावित्री व्रत तथा शनि जयंती रहेगी। इस बार मंगलवार के ...
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भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए प्रत्येक राशि के जातकों के लिए विधि बताई गई है।
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भगवान सूर्य देव की पवित्र आराधना पौराणिक काल से होती आई है। हम लाए हैं सूर्यदेव की अति प्राचीन प्रार्थना खास आपके ...
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पहाड़ों वाली माता वैष्णोदेवी को इन विशेष मंत्रों से स्मरण किया जाता है। यही मंत्र उन्हें प्रसन्न भी करते हैं। आइए ...
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यदि आपकी जन्मपत्रिका में मंगल अशुभ भावों का स्वामी है तब मंगल के शांति उपाय कर आप लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
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कुबेर भगवान शिव के परमप्रिय सेवक हैं। कुबेर धन के अधिपति यानि धन के राजा हैं। धन के अधिपति होने के कारण इन्हें मंत्र ...
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पितृदोष के कारण हमारे सांसारिक जीवन में अनेक बाधाएं उत्पन्न होती हैं। ज्योतिष और पुराणों मे भी पितृदोष के संबंध में ...
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श्रीगणेश की विशेष मंत्रों से पूजा अत्यंत फलदायी मानी गई है। गणेश गायत्री मंत्र का शांत मन से लगातार 11 दिन तक 108 बार ...
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आज से हम "वेबदुनिया" के पाठकों के लिए सम्पूर्ण नवग्रहों की शांति के लिए प्रामाणिक ग्रह शांति उपायों की जानकारी प्रदान ...
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श्रीयंत्र की अधिष्ठात्री देवी त्रिपुर सुंदरी हैं। इसे शास्त्रों में विद्या, महाविद्या, परम विद्या के नाम से जाना जाता ...
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लाल कपड़े में सौंफ बांधकर अपने शयनकक्ष में रखें। मंगल अशुभ अथवा कमजोर हो तो अवश्य आजमाएं....
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आइए प्रतिदिन पूजन के साथ नवग्रह की यह आरती पढ़ने का संकल्प लें, और हर ग्रह की शुभ दृष्टि प्राप्त करें।
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अगर सही दिशा में प्रयास किए जाए तो सफलता अवश्य मिलती है। आइए जानते हैं अपनी राशि के उस विष्णु मंत्र को, जिसे पढ़कर ...
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शनिदेव को कर्म प्रधानदेव कहा जाता है इसलिए जब शनि की दृष्टि जब किसी जातक पर पड़ती है तो उसे उसके कर्मों के आधार पर ही फल ...
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