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भगवान श्री विश्वकर्मा का पावन चालीसा

सोमवार,सितम्बर 17, 2018
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भगवान विश्वकर्मा जी की आरती। ॐ जय श्री विश्वकर्मा प्रभु जय श्री विश्वकर्मा। सकल सृष्टि के कर्ता रक्षक श्रुति धर्मा ॥ ...
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राधाजी का कवच श्रीब्रह्मवैवर्ते पुराण से लिया गया है। कृष्णप्रिया राधाजी को वृंदावन की अधीश्वरी माना जाता है। अत: कृष्ण ...
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आरती राधाजी की कीजै। टेक... कृष्ण संग जो कर निवासा, कृष्ण करे जिन पर विश्वासा। आरती वृषभानु लली की कीजै। ...
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भगवान श्री गणेश विघ्नहर्ता है। उनकी आराधना बहुत मंगलकारी मानी जाती है। प्रतिदिन प्रात:शुद्ध होकर गणपति अथर्वशीर्ष का ...
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जय जय जय गणपति राजू। मंगल भरण करण शुभ काजू॥ जय गजबदन सदन सुखदाता। विश्व विनायक बुद्धि विधाता॥
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जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा माता जाकी पार्वती पिता महादेवा ॥
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सुखकर्ता दुखहर्ता वार्ता विघ्नाची। नुरवी पुरवी प्रेम कृपा जयाची। सर्वांगी सुंदर उटी शेंदुराची। कंठी झळके माळ ...
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श्री गणेश जी की आरती- शेंदुर लाल चढ़ायो अच्छा गजमुखको। दोंदिल लाल बिराजे सुत गौरिहरको। हाथ लिए गुडलद्दु सांई सुरवरको। ...
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पढ़ें आदिशक्ति मां पार्वतीजी की प्रिय चालीसा। हिन्दू धर्म की मान्यता के अनुसार दुर्गा, मां काली, अन्नपूर्णा, गौरा सभी ...
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आरती मां मंगला गौरी की...

सोमवार,अगस्त 6, 2018
मां मंगला गौरी की आरती- जय मंगला गौरी माता, जय मंगला गौरी माता ब्रह्मा सनातन देवी शुभ फल कदा दाता। जय मंगला गौरी माता, ...
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सम्पूर्ण मंगला गौरी स्तोत्रं का पाठ यहां पढ़ें- ॐ रक्ष-रक्ष जगन्माते देवि मङ्गल चण्डिके। हारिके विपदार्राशे हर्षमंगल ...
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शिव मानस पूजा सुंदर भावनात्मक स्तुति है। इसके द्वारा हम बिना किसी साधन और सामग्री के शिव पूजन संपन्न कर सकते हैं। ...
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शिव चालीसा के माध्यम से अपने सारे दुखों को भूला कर शिव की अपार कृपा प्राप्त कर सकते हैं। शिव पुराण के अनुसार शिव-शक्ति ...
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ज्यादा कुछ न करके कोई भी साधक यदि भगवान शिव का ध्यान करते हुए रामचरित मानस से लिया गया इस लयात्मक स्तोत्र का ...
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जैन चौबीसी स्तोत्र

सोमवार,जुलाई 23, 2018
घनघोर तिमिर चहुंओर या हो फिर मचा हाहाकार कर्मों का फल दुखदायी या फिर ग्रहों का अत्याचार
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प्रतिदिन देवी सहस्रनामावली का जाप जीवन को वैभवशाली और ऐश्वर्यशाली बनाता हैं। इन नामों को पढ़ने से दिन-प्रतिदिन सफलता के ...
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'गायत्री चालीसा' मां गायत्री देवी की स्तुति में लिखी गई चालीस चौपाइयों की एक रचना है। यह चालीसा पढ़ने से जहां जीवन के ...
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धूमावती अष्टक अथ स्तोत्र- यह तो सभी जानते हैं कि मां धूमावती दस महाविद्याओं में 7वीं स्थान की साधना मानी गई है। दस ...
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ज्योतिष में नवग्रह का बहुत महत्व है। कुंडली में अगर ग्रहों का अशुभ प्रभाव या ग्रहदोष हो तो यामल तंत्र में दिया गया ...
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