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श्री देवी सहस्रनामावली : सफलता का परचम लहराना है तो पढ़ें मां दुर्गा के 1000 दुर्लभ नाम...

बुधवार,जुलाई 18, 2018
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'गायत्री चालीसा' मां गायत्री देवी की स्तुति में लिखी गई चालीस चौपाइयों की एक रचना है। यह चालीसा पढ़ने से जहां जीवन के ...
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धूमावती अष्टक अथ स्तोत्र- यह तो सभी जानते हैं कि मां धूमावती दस महाविद्याओं में 7वीं स्थान की साधना मानी गई है। दस ...
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ज्योतिष में नवग्रह का बहुत महत्व है। कुंडली में अगर ग्रहों का अशुभ प्रभाव या ग्रहदोष हो तो यामल तंत्र में दिया गया ...
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सूर्यपुत्र भगवान शनिदेव की पूजा-अर्चना करने से जीवन की समस्त कठिनाइयां दूर होती है। शनि साढ़ेसाती, ढैया अथवा शनि महादशा ...
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भगवान शनिदेव की आरती- जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी। सूरज के पुत्र प्रभु छाया महतारी॥ जय जय श्री शनिदेव भक्तन हिकारी। ...
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आइए प्रतिदिन पूजन के साथ नवग्रह की यह आरती पढ़ने का संकल्प लें, और हर ग्रह की शुभ दृष्टि प्राप्त करें।
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जय जय जय गणपति राजू। मंगल भरण करण शुभ काजू॥ जय गजबदन सदन सुखदाता। विश्व विनायक बुद्धि विधाता॥
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अगर आप भी अपने शत्रु के कारण परेशानियों का सामना कर रहे है तो आपके लिए यह नील सरस्वती स्तोत्र बहुत ही मददगार साबित ...
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मुझे चाहिए सफलता, यश और अपार धन.. .अगर आपकी भी है यही अभिलेषा तो अवश्य पढ़ें एक ऐसा स्तोत्र जो भगवान सूर्य को समर्पित ...
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सूर्य के शुभ कवच को सुनो, जो शरीर को आरोग्य देने वाला है तथा संपूर्ण दिव्य सौभाग्य को देने वाला है।
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यहां पाठकों के लिए प्रस्तुत है एकादशी की आरती। इस आरती में सभी एकादशियों के नाम शामिल है। ॐ जय एकादशी, जय एकादशी, जय ...
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भगवान शिव के पुत्र गणेशजी का मयूरेश स्तोत्र तुरंत असरकारी माना गया है। इसका पाठ किसी भी चतुर्थी पर फलदायी है लेकिन ...
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जय महावीर प्रभो, स्वामी जय महावीर प्रभो। कुंडलपुर अवतारी, त्रिशलानंद विभो॥
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सिद्ध समूह नमों सदा, अरु सुमरूं अरहन्त। निर आकुल निर्वांच्छ हो, गए लोक के अंत ॥ मंगलमय मंगल करन, वर्धमान महावीर। तुम ...
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श्री राम चंद्र कृपालु भजमन हरण भाव भय दारुणम्। नवकंज लोचन कंज मुखकर, कंज पद कन्जारुणम्।। कंदर्प अगणित अमित छवी नव नील ...
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श्री दुर्गाजी की आरती- जय अम्बे गौरी मैया जय मंगल मूर्ति। तुमको निशिदिन ध्यावत हरि ब्रह्मा शिव री
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जय जय श्री शीतला भवानी। जय जग जननि सकल गुणधानी।। गृह गृह शक्ति तुम्हारी राजती। पूरन शरन चंद्रसा साजती।।
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जय शीतला माता, मैया जय शीतला माता, आदि ज्योति महारानी सब फल की दाता। जय शीतला माता। रतन सिंहासन शोभित, श्वेत छत्र ...
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भगवान बाहुबली की आरती- चंदा तू ला रे चंदनिया, सूरज तू ला रे किरणां… तारा सू जड़ी रे थारी आरती रे बाबा नैना संवारूं…थारी ...
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