Widgets Magazine

महिला दिवस : अनुभवों के दर्पण से झांकते चेहरे

Author प्रीति सोनी|
यूं तो दुनिया भर की महिलाओं के सम्मान में मनाया जाता है, लेकिन कुछ महिलाएं ऐसी भी हैं जो विशेष तौर पर इस सम्मान की हकदार होती हैंभले ही उनमें विशेष कुछ न दिखाई दे लेकिन परिस्थि‍तियों का सामना करने का हौंसला और उनका अलग अंदाज उन्हें भीड़ से अलग करता है। ये महिलाएं किसी दूसरी दुनिया की नहीं, बल्कि हमारी की दुनिया की, हमारे ही बीच होती हैं...बिल्कुल हमारे जैसी आम। ऐसी ही महिलाओं के कुछ उजले चेहरे यहां भी संजोए हैं  - 



 
पहली महिला है सुनैना, जो मेरी ही बिल्डिंग में चौकीदारी करने वाले दिनेश की पत्नी है। उसके चार बच्चे हैं और चारों की उम्र में बहुत ज्यादा अंतराल भी नहीं है। हिर दिन सुबह जल्दी उठकर पूरी बिल्डिंग में निचले तल से लेकर चौथी मंजिल तक झाड़ू और पोछा लगाने के बाद पानी बताशे बनाती है, ताकि पति दिनेश शाम के वक्त पानी बताशे का ठेला लगा सके। फिर बच्चों को तैयार करती है और बिल्डिंग के साथ-साथ बाकी घरों में काम करने निकल जाती है।

आधा दिन उसका काम में निकलता है और शाम को जब दिनेश चाट का ठेला लगाने जाता है, तब वह बिल्ड‍िंग की चौकीदारी करती है। इस बीच दिनभर बच्चों को संभालना और खाने पीने से लेकर अन्य कामों के लिए नीचे से चौथी मंजिल तक न जाने कितने ही चक्कर लगते हैं उसके। बिल्डिंग के रहवासी या पदाधि‍कारी कुछ कह न दें इस डर से वह कभी लिफ्ट का इस्तेमाल भी नहीं करती।

लेकिन उसके चेहरे पर कभी उदासी या थकान नजर नहीं आई। बचे हुए समय में वह अपनी पुरानी साड़ि‍यों से सूट या अन्य कपड़े भी सिलती है, क्योंकि उसके पास पूरे दिन का समय भले ही खत्म हो जाए लेकिन सीखने की ललक हमेशा बाकी रहती है।
Widgets Magazine
वेबदुनिया हिंदी मोबाइल ऐप अब iOS पर भी, डाउनलोड के लिए क्लिक करें। एंड्रॉयड मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें। ख़बरें पढ़ने और राय देने के लिए हमारे फेसबुक पन्ने और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं।
Widgets Magazine