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गजब की है वो!

शनिवार,मार्च 8, 2008
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भ्रूणों की समाधि पर

शनिवार,मार्च 8, 2008
दो हड्डियाँ एक निठारी की एक रतलाम की, चलो, दोनों को मिलाएँ एक कठोर वज्र बनाएँ। वज्र हो ऐसा जिसे उठाना तो ...
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स्नेह की निर्मल नदी- निर्बंध जैसी माँ कर्म की क्यारी की तुलसी-गंध जैसी माँ युग-युगों से दे रही ...
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बड़ी कठिन डगर संसद की

शुक्रवार,मार्च 7, 2008
करीब एक दशक से संसद की एक तिहाई सीट महिलाओं के लिए आरक्षित करने की बात हो रही है, लेकिन इसके पक्ष में आज तक कोई बिल भी ...
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सिंहासन खाली करो

शुक्रवार,मार्च 7, 2008
कैफी आजमी ने इस गीत को काफी पहले से लिखा था शायद उनकी इसी सोच ने शबाना आजमी को महिला होने का गर्व दिया। आज हमारे आसपास ...
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दस्‍तक देती दखल

शुक्रवार,मार्च 7, 2008
मार्गरेट थैचर ने एक बार कहा था- यदि आप अपनी बात आगे बढ़ाना चाहते हैं तो पुरुष से कहिए और यदि आपकी इच्‍छा है कि वो काम ...
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पिछले कुछ दशकों से ज्‍यों-ज्‍यों महिला साक्षरता में वृद्धि होती आई है, भारत विकास के पक्ष पर अग्रसर हुआ है। इसने न केवल ...
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कोख में कत्‍ल

शुक्रवार,मार्च 7, 2008
भारत में कम होती लड़कियों की संख्‍या चिंता का विषय हो गई है। यह चिंता इस बात से केवल नहीं है कि लड़कियाँ कम हो रही हैं, ...
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गुम होती लड़कियाँ

शुक्रवार,मार्च 7, 2008
नेहरूजी ने एक बार कहा था कि किसी भी देश की तरक्‍की का आकलन उस देश में महिलाओं की स्‍थिति को देखकर किया जा सकता है। ...
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भारतीय संविधान में महिला और पुरुषों को समान अधिकार मिले हैं। इसकी प्रस्‍तावना में सभी नागरिकों को अवसरों की समानता का ...
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बड़े शहरों के बारे में यह आम धारणा रहती है कि वहाँ सब कुछ दूसरे शहरों और गाँवों से बेहतर होगा, लेकिन इस बात की भूल ...
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महिला यानी हर मोड़ पर खतरा

शुक्रवार,मार्च 7, 2008
महादेवी वर्मा की कविता है- मैं नीर भरी दु:ख की बदली...। लड़कियाँ मानो माटी की गुड़िया हों। हर मोड़ पर टूटने और बिखरने ...
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अपराध के खिलाफ मुखर हों

शुक्रवार,मार्च 7, 2008
अपराधी तब तक अन्‍याय करता है, जब तक कि उसे सहा जाए। कुछ दिनों पहले अलग-अलग मामलों में कई आरोपियों को सजा सुनाई गई। ...
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महिलाएँ अपने अधिकारों का सही इस्तेमाल नहीं कर पातीं, अदालत जाना तो दूर की बात है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि महिलाएँ ...
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'नारी की उपलब्धियाँ पिछली सदी के आखिरी दशक से परवान चढ़ी हैं। इस सदी के पहले पायदान पर वह मजबूती से खड़ी है। हर जगह उसकी ...
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महिला दिवस का औचित्य तब तक प्रमाणित नहीं होता जब तक कि सच्चे अर्थों में महिलाओं की दशा नहीं सुधरती। महिला नीति है ...
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नारी अस्तित्व से जुड़े सवाल...

शुक्रवार,मार्च 7, 2008
महिला सशक्तीकरण का लक्ष्य प्राप्त करना उतना आसान नहीं है, क्योंकि कुरीतियों और कुप्रथाओं का 'पग-पसारा' विषम मायाजाल ...
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आज नारी की जो छवि टी.वी. सीरियलों में, सिनेमा के रुपहले पर्दे पर व विज्ञापनों में दिखाई जा रही है, उसमें आधुनिकता व ...
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हर दिन हो आजाद दिन...!

शुक्रवार,मार्च 7, 2008
एक भी दिन आपका दिन कॉफी के बगैर शुरु नहीं होता। ऑफिस में या दोस्तों के साथ आप जंक फूड लगभग रोज ले ही लेती हैं और ...
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आज चारों तरफ महिलाएँ हर क्षेत्र में अपना परचम लहरा रही हैं। कोई भी क्षेत्र हो, महिलाएँ पुरुषों से पीछे नहीं हैं। आज की ...
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