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Last Modified: गुरुवार, 4 मई 2023 (15:03 IST)

कैसे करें EPFO high pension के लिए अप्लाय, कर्मचारी पर क्या होगा इसका असर

epfo
EPFO high pension : श्रम मंत्रालय ने ऊंची पेंशन का विकल्प चुनने के लिए आखिरी तारीख 3 मई से बढ़ाकर 26 जून कर दी है। इसके साथ ही श्रम मंत्रालय ने साफ कहा है कि अंशधारकों के मूल वेतन (basic salary) के 1.16 प्रतिशत के अतिरिक्त योगदान का प्रबंधन कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) द्वारा संचालित सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में नियोक्ताओं के योगदान से किया जाएगा। हालांकि यह नीति पहले से ही है। 
 
श्रम मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा, 'भविष्य निधि में नियोक्ताओं के कुल 12 प्रतिशत योगदान में से ही 1.16 प्रतिशत अतिरिक्त अंशदान लेने का फैसला किया गया है। मंत्रालय ने कहा कि ईपीएफ और एमपी अधिनियम की भावना के साथ-साथ संहिता (सामाजिक सुरक्षा पर संहिता) कर्मचारियों से पेंशन कोष में योगदान की परिकल्पना नहीं करती है।'
 
पीएफ से जुड़े मामलों के जानकार सूरज सिंह चौहान बताते हैं कि नए नियम के तहत ईपीएफ सदस्य को अपने वास्तविक मूल वेतन के 8.33 प्रतिशत तक का योगदान करने का प्रावधान प्रस्तावित है। यदि पहले से कोई मेंबर 15000 की सीलिंग के हिसाब से 8.33 प्रतिशत जो कि 1250 हुआ करता था, उसे बढ़ाकर अपने-अपने वास्तविक मूल वेतन (जो कि 15000 से ज्यादा भी हो सकता है) पर निर्धारित प्रतिशत तक योगदान दे सकता है।
 
चूंकि सुप्रीम कोर्ट ने अपने निर्णय में इस योगदान को 1 सितंबर 2014 से लागू करने का प्रस्ताव दिया है। अतः ऐसे सभी मेंबर्स जो हायर पेंशन के लिए स्वयं को नामित करना चाहते है, उन्हें उक्त दिनांक से अपने वास्तविक मूल वेतन का 8.33 प्रतिशत का योगदान पीएफ के खाते से जमा करवाना पड़ेगा, जिसकी भरपाई एम्प्लायर के लिए निर्धारित शेयर (3.67 प्रतिशत) द्वारा किया जाना प्रस्तावित है।
 
अभी तक इस पूरे मामले में बाकी बचे हुए शेयर (जो कि मेंबर का 12 प्रतिशत है) का उल्लेख नहीं है, इस तरह उक्त जमा राशि पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। हालांकि नई स्कीम के तहत कुछ भी करने से पहले कर्मचारी और नियोक्ता की आपसी सहमति जरूरी होगी।
 
वर्तमान में सरकार कर्मचारी पेंशन योजना (ईपीएस) में योगदान के लिए सब्सिडी के रूप में 15,000 रुपए तक के मूल वेतन का 1.16 प्रतिशत भुगतान करती है। ईपीएफओ द्वारा संचालित सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में नियोक्ता मूल वेतन का 12 प्रतिशत योगदान करते हैं। नियोक्ताओं के 12 प्रतिशत के योगदान में से 8.33 प्रतिशत ईपीएस में जाता है और शेष 3.67 प्रतिशत कर्मचारी भविष्य निधि में जमा किया जाता है।
 
अब वे सभी ईपीएफओ सदस्य जो उच्च पेंशन प्राप्त करने के लिए 15,000 रुपए प्रति माह की सीमा से अधिक अपने वास्तविक मूल वेतन पर योगदान करने का विकल्प चुन रहे हैं, उन्हें ईपीएस के लिए इस अतिरिक्त 1.16 प्रतिशत का योगदान नहीं करना होगा। 
 
ईपीएफओ ने हाईपेंशन विकल्प को चुनने के लिए नई तारीख 26 जून 2023 निर्धारित की है। पहले इसकी आखिरी तारीख 3 मई थी।
 
हायर पेंशन के लिए कैसे करें अप्लाय : हाईपेंशन के लिए अप्लाय करने के लिए सबसे पहले आपको e-Sewa portal - https://unifiedportal-mem.epfindia.gov.in/memberinterface/ पर जाना होगा। यहां आपको Pension on Higher Salary: Exercise of Joint Option under para 11(3) and para 11(4) of EPS-1995 on or before 26th June 2023 पर क्लिक करना होगा।
 
इस लिंक पर क्लिक करने पर एक नया पेज ओपन होगा। इस पेज पर आपको Joint options under erstwhile para 11 (3) and para 11 (4) of EPS 1995 for employees who were in service prior to 1st September 2014 and continued to the in service on or after 01.09.2014 but could not exercise joint option under erstwhile provision to para 11 (3) of EPS 1995 लिखा होगा। इसे क्लिक करें।
 
इसके बाद आपकी स्क्रीन पर एक नया पेज खुलेगा। यहां अब आपको अपना UAN, नाम, जन्म तिथि, आधार नबंर, आधार से लिंक्ड मोबाइल नंबर और कैप्चा कोड दर्ज करना होगा। अब, मैं ईपीएस योजना के पैरा 11(3) और 11(4) के तहत संयुक्त विकल्प के सत्यापन के उद्देश्य से अपनी पहचान स्थापित करने के लिए ओटीपी आधारित आधार प्रमाणीकरण के लिए अपनी सहमति देता हूं, पर टिक करें।
 
इस फॉर्म को भरने के बाद गेट ओटीपी ऑप्शन पर क्लिक करें। आधार से लिंक्ड मोबाइल नंबर पर ओटीपी आ आएगा। इसे वैलिडेट करने के बाद सब्मिट कर दें।
 
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