बीमारी से लेकर पागल खाने तक, सुनिए कॉमेडियन सिद्धार्थ सागर की आपबीती


कुछ दिनों पहले ही पता चला था कि लगभग चार महीनों से लापता हैं। इसकी खबर उनकी एक दोस्त सोमी सक्सेना ने फेसबुक पर दी थी। सोमी ने बाद में वह पोस्ट डिलीट की और बताया कि वे सिद्धार्थ के पैरेंट्स पर उनसे बात करने के लिए दबाव बनाना चाहती थीं। इसके एक दिन बाद ही सिद्धार्थ ने सोशल मीडिया पर उनका एक वीडियो पोस्ट किया जिसमें उन्होंने कहा कि वे पिछले कुछ महीनों से बहुत मुश्किलों से गुज़रे हैं और इसकी पूरी जानकारी जल्द ही सामने आकर देंगे।

अब सिद्धार्थ सामने आए हैं और उन्होंने खुलासा किया कि आखिर उनके साथ इन चार महीनों में क्या-क्या हुआ। सिद्धार्थ ने हाल ही में मीडिया से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने अपने पैरेंट्स पर कई आरोप लगाए। सिद्धार्थ ने काफी बातें बताई जिसमें सबसे शॉकिंग यह थी कि उनके पैरेंट्स उन्हें देते थे और टॉर्चर करते थे। जानिए सिद्धार्थ की आपबीती-

यहां से हुई शुरुआत-
सिद्धार्थ ने बताया कि उनके पैरेंट्स को अलग हुए 20 साल हो गए हैं। सिद्धार्थ अपनी मां से काफी क्लोज़ हैं इसलिए वे उनके साथ मुंबई रहते हैं। कुछ समय पहले उनकी मां की लाइफ में सुयश गाडगिल नामक व्यक्ति की एंट्री हुई। इसके बाद सिद्धार्थ अपनी मां के लिए खुश थे लेकिन अपनी लाइफ में उन्हें काफी बदलाव देखने को मिले।
डिप्रेशन का शिकार-
सिद्धार्थ ने बताया कि उनकी सुयश से लड़ाइयां होने लगी। उन्होंने सुयश को कहा कि वे उनकी मां के इमोशंस के साथ ना खेलें। लाइफ में हो रहे बदलावों से सिद्धार्थ डिप्रेशन में रहने लगे। उन्होंने अपनी मां को इस बारे में बताया। मां ने सिद्धार्थ को कहा कि उन्हें बाईपोलर बीमारी हैं और इसलिए उन्हें दवाइयां दी जाने लगी। सिद्धार्थ अचानक दुखी रहने लगे थे और खुद भी चौंक गए थे। सिद्धार्थ इस बीमारी के बारे में जानते थे और उन्हें खुद में उस बीमारी के कोई सिम्प्टम्स नजर नहीं आये।

खाने में ड्रग्स देती थीं मां-
सिद्धार्थ के मुताबिक इसके बाद उनके पैरेंट्स खाने में ड्रग्स मिलाकर देने लगे। सिद्धार्थ को इस बात का पता तब लगा जब वे अजीब सा फील करने लगे। उनका वज़न भी कम भी होने लगा था। उन्होंने स्मोकिंग कम की तो कॉफी ज्यादा पीने लगे। मां ने तब बताया कि उन्हें बाईपोलर नाम की बीमारी है, जबकि ऐसा कुछ था नहीं।

सिद्धार्थ के पैसों से था प्यार-
सिद्धार्थ ने बताया कि मैं कभी अपने पैसों का हिसाब नहीं रखता था। सिद्धार्थ को समझ आने लगा कि उनकी मां उन्हें परेशान कर रही हैं। जब प्रॉपर्टी की बात सामने आई तो पता चला कि उनके पास कुछ भी पैसा नहीं बचा है। इस बात से उन्हें और धक्का लगा। सिद्धार्थ की दोस्त सोमी ने भी इल्ज़ाम लगाया था कि सिद्धार्थ की मां को सिर्फ सिद्धार्थ के पैसों से मतलब था।

रिहेब में किया टॉर्चर-
रिहेब सेंटर में सिद्धार्थ को काफी टॉर्चर किया गया। 4-5 लोग मिलकर उन्हें मारते थे। इतना मारते थे कि वे बेहोश हो जाते थे। वहां के मैनेजर ने सिद्धार्थ को वहां से निकालने में मदद की। करीब एक महीने बाद वे रिहेब से बाहर निकले। सिद्धार्थ घर रहने लगे यह सोचकर कि शायद सब ठीक हो जाए लेकिन स्थिति बदतर हो गई।



घर से भाग गए-
सिद्धार्थ इतने परेशान हो गए थे कि वे घर से भाग गए। उनके मुताबिक वे अध्यात्म में विश्वास रखते हैं। सिद्धार्थ के पैरेंट्स नहीं चाहते थे कि वे एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री का हिस्सा बनें। उन्होंने सिद्धार्थ को इंडस्ट्री से दूर रखने की कोशिश की लेकिन वे सफल नहीं हो पाए। शायद इसलिए ही पैरेंट्स उन्हें बीमार करने में लगे थे। वे सुयश से लड़ाई और अपने साथ होने वाले बर्ताव के कारण पुलिस में रिपोर्ट भी कराने जा रहे थे। सिद्धार्थ ने खुलासा किया कि जब वे एनसीआर फाइल करा कर गोवा से रवाना हुए तो उन्हें कुछ लोगों ने अपहरण कर पागलखाने भेज दिया।

आशा की किरण-
पागलखाने में भी सिद्धार्थ को परेशान किया जाता था। उनकी मां को यह जगह महंगी लगने लगी। इसलिए उन्होंने 'आशा की किरण' नाम के एक रिहेब सेंटर पर सिद्धार्थ को शिफ्ट कर दिया। वहां के लोगों ने उन्हें नई शुरुआत करने की प्रेरणा दी। वहां इलाज के दौरान पता चला कि गलत दवाईयों की वजह से सिद्धार्थ की यह हालत हो गई हैं।
नई शुरुआत-
सिद्धार्थ ने बताया कि अब वे ठीक हैं। वे दोबारा काम पर लौटना चाहते हैं और अब उनकी कोशिश है कि वे नए तरीके से शुरुआत करें। हालांकि सिद्धार्थ अपने परिवार से दूर हैं लेकिन उन्हें आशा की किरण, अपने दोस्तों और अनगिनत फैंस का साथ है।


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