शेयर बाजार में भारी गिरावट, डेढ़ माह के ‍निचले स्तर पर, जानिए क्या है कारण...

मुंबई| Last Updated: मंगलवार, 18 सितम्बर 2018 (18:19 IST)
मुंबई। रुपए में जारी गिरावट, व्यापार घाटा बढ़ने और ट्रेड वॉर में तेजी की आशंका से
घरेलू शेयर बाजार मंगलवार को लगातार दूसरे दिन टूटते हुए डेढ़ महीने के निचले स्तर पर आ गया।
बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 294.84 अंक यानी 0.78 प्रतिशत की गिरावट के साथ 37,290.67 अंक पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 98.85 अंक यानी 0.87 प्रतिशत लुढ़ककर 11,278.90 अंक पर बंद हुआ।

दोनों प्रमुख सूचकांकों का यह 2 अगस्त के बाद का निचला स्तर है। बैंक ऑफ बड़ौदा, विजया बैंक और देना बैंक के विलय की सरकार की घोषणा के बावजूद बैंकिंग क्षेत्र पर आज दबाव रहा और भारतीय स्टेट बैंक के शेयर सेंसेक्स में सबसे ज्यादा चार प्रतिशत टूटे। अधिकतर अन्य बैंकों में भी गिरावट रही। ब्याज दरों के प्रति संवेदनशील ऑटो तथा रियल्‍टी क्षेत्रों के शेयरों में भी बिकवाली का जोर रहा।

विदेशों से मिले सकारात्मक संकेतों के बीच लगभग दिनभर उतार-चढ़ाव में रहने वाले शेयर बाजारों में आखिरी घंटे में जोरदार बिकवाली हुई। सेंसेक्स 74.68 अंक की तेजी के साथ 37,660.19 अंक पर खुला और शुरुआती कारोबार में ही इसने दिवस के उच्चतम स्तर 37,745.44 अंक को छुआ। इसके बाद यह कभी हरे तो कभी लाल निशान में रहा।

कारोबार की समाप्ति से पहले 37,242.85 अंक के दिवस के निचले स्तर को छूने के बाद यह गत दिवस के मुकाबले 294.84 अंक नीचे 37,290.67 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स की 30 में से 24 कंपनियों के शेयर लाल और शेष छह के हरे निशान में रहे। मझौली और छोटी कंपनियों पर भी दबाव रहा।

बीएसई का मिडकैप 1.49 प्रतिशत लुढ़ककर 15,983.64 अंक पर और स्मॉलकैप 1.51 प्रतिशत का गोता लगाकर 16,412.37 अंक पर बंद हुआ। बीएसई में कुल 2,848 कंपनियों के शेयरों में कारोबार हुआ, जिनमें 1,805 के शेयर गिरावट में और 881 के बढ़त में रहे, जबकि 162 कंपनियों के शेयर दिनभर के उतार-चढ़ाव के बाद अंतत: अपरिवर्तित रहे।

निफ्टी 3.80 अंक की तेजी के साथ 11,381.55 अंक पर खुला। कारोबार के दौरान 11,411.45 अंक के दिवस के उच्चतम और 11,268.95 अंक के निचले स्तर से होता हुआ यह गत दिवस के मुकाबले 98.85 अंक नीचे 11,278.90 अंक पर रहा। निफ्टी की 50 में से 41 कंपनियों के शेयरों में बिकवाली और शेष नौ में लिवाली का जोर रहा। (वार्ता)


और भी पढ़ें :