शिखर को छूने के बाद लुढ़का सेंसेक्स

पुनः संशोधित मंगलवार, 7 नवंबर 2017 (17:04 IST)
मुंबई। वैश्विक दबाव के बीच चौतरफा बिकवाली से मंगलवार को घरेलू शेयर बाजारों में भारी गिरावट देखी गई। शुरुआती कारोबार में नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने वाला सेंसेक्स अंतत: 1.07 प्रतिशत यानी 360.43 अंक फिसलकर 33,370.76 अंक पर आ गया।




नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 0.97 प्रतिशत यानी 101.65 अंक लुढ़ककर 10,350.15 अंक पर बंद हुआ। रिलायंस इंडस्ट्रीज पर खासा दबाव देखा गया। इसके शेयर करीब तीन प्रतिशत उतर गए। सबसे ज्यादा गिरावट ल्यूपिन में रही। उसने आज बताया कि अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन से उसे इंदौर तथा गोवा संयंत्रों के लिए चेतावनी मिली है, जिससे भविष्य में नई दवाओं के लिए मंजूरी मिलने में देरी हो सकती है।

इससे उसके शेयर 17 प्रतिशत लुढ़क गए। अन्य दवा कंपनियों पर भी दबाव रहा। सिप्ला के शेयर सात फीसदी से ज्यादा टूटे। देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक के शेयरों में साढ़े तीन फीसदी से अधिक की गिरावट रही।


आईटी एवं टेक कंपनियों में तेजी रही। इंफोसिस के शेयर करीब तीन प्रतिशत और टीसीएस के डेढ़ फीसदी से ज्यादा चढ़े। इनके साथ विप्रो भी सेंसेक्स में सर्वाधिक बढ़त बनाने वाली तीन कंपनियों में शामिल रही। बीएसई में आईटी और टेक को छोड़कर अन्य सभी समूह लाल निशान में रहे।




सेंसेक्स 49.82 अंक की तेजी के साथ 33,781.01 अंक पर खुला और कुछ ही देर में 33,865.95 अंक के बीच कारोबार के अब तक के रिकॉर्ड स्तर 33,865.95 अंक पर पहुंच गया। लेकिन पहले ही घंटे में बाजार में बिकवाली शुरू हो गई और यह लाल निशान में आ गया। रिलायंस इंडस्ट्रीज ने सेंसेक्स पर सबसे ज्यादा दबाव बनाया।

दोपहर बाद ल्यूपिन के खुलासे से सेंसेक्स ग्राफ ज्यादा तेजी से नीचे उतरा। कारोबार की समाप्ति से पहले 33,341.82 अंक के दिवस के निचले स्तर को छूते हुए गत दिवस की तुलना में 360.43 अंक लुढ़ककर यह 33,370.76 अंक पर रहा। यह सेंसेक्स का एक सप्ताह का निचला स्तर भी है। (वार्ता)

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