भारोत्तोलक जेरेमी लालरिनुंगा ने भारत को ओलंपिक में पहला स्वर्ण दिलाया

पुनः संशोधित मंगलवार, 9 अक्टूबर 2018 (17:02 IST)
ब्यूनस आयर्स। जेरेमी लालरिनुंगा ने युवा में इतिहास रचते हुए भारत को पहला दिलाया। वह पुरुषों के 62 किलो वर्ग में अव्वल रहे। आइजोल के 15 वर्षीय जेरेमी ने 274 किलो (124 और 150) किलो वजन उठाया। उसने विश्व युवा चैम्पियनशिप में भी रजत पदक जीता था। रजत पदक तुर्की के तोपटास कानेर ने 263 किलो वजन उठाकर जीता। कोलंबिया के विलार एस्टिवन जोस को कांस्य पदक मिला।

इस महीने 26 तारीख को 16 बरस के होने जा रहे जेरेमी ने में रजत (युवा) और कांस्य (जूनियर) पदक जीता था। मिजोरम भारोत्तोलन संघ के अध्यक्ष एन थांगचुंगनुंगा ने कहा, ‘जेरेमी के पिता लालनेइतलुंगा पूर्व मुक्केबाज हैं जो राष्ट्रीय स्तर पर 7 स्वर्ण पदक जीत चुके हैं।’

जेरेमी भी मुक्केबाज बनना चाहता था लेकिन कोचों की सलाह पर भारोत्तोलन में पदार्पण किया। उसे 8 बरस की उम्र में 2011 में सैन्य खेल संस्थान ने चुना। इस पदक के बाद भारत का युवा ओलंपिक में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन तय हो गया।
भारत 4 पदक पहले ही जीत चुका है।

तुषार माने और मेहुली घोष ने 10 मीटर एयर राइफल में रजत पदक जीता जबकि जूडो में टी तबाबी देवी ने 44 किलो वर्ग में दूसरे स्थान पर रहकर भारत को पहला पदक दिलाया। भारत ने 2014 में नानजिंग युवा ओलंपिक में एक रजत और एक कांस्य पदक जीता था जबकि 2010 में सिंगापुर में छह रजत और दो कांस्य पदक जीते थे।

भारोत्तोलक स्नेहा सोरेन महिलाओं के 48 किलो वर्ग में पांचवें स्थान पर रही। तैराकी में श्रीहरि नटराज 100 मीटर बैकस्ट्रोक के फाइनल में छठे स्थान पर रहे। टेबल टेनिस में अर्चना कामथ और मानव ठक्कर ने अपने अपने लीग मैच जीते।

कामथ ने मलेशिया के जीवन चूंग को 4-2 से और ठक्कर ने स्लोवाकिया की अलेक्जेंद्रा वोक को 4-1 से हराया। भारतीय हॉकी टीम ने ऑस्ट्रिया को 9-1 से शिकस्त दी। में लक्ष्य सेन ने पहले मैच में उक्रेन के डेनिलो बोस्नियुक को 23-21, 21-8 से हराया।


और भी पढ़ें :