इंदौर में राष्ट्रीय सीनियर कुश्ती को लेकर ऐतिहासिक तैयारियां पूरी

Last Updated: बुधवार, 15 नवंबर 2017 (00:45 IST)
- सीमान्त सुवीर
को यूं ही मध्यप्रदेश की खेल राजधानी नहीं कहा जाता है, बल्कि यहां पर ऐसे सफल आयोजन होते हैं, जो देश-दुनिया के खिलाड़ियों पर अमिट छाप छोड़ जाते हैं। मखमली ठंडक का शहर में आगमन हो चुका है और 15 नवम्बर से शुरू होने जा रही 62वीं राष्ट्रीय सीनियर कुश्ती प्रतियोगिता के लिए भी सभी ऐतिहासिक तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। आने वाले दिनों में यह शहर पूरी तरह कुश्तीमय होने जा रहा है...

क्रिकेट को लेकर इंदौर शहर में हमेशा से दीवानगी रही है और यही हाल कुश्ती का भी है। यहां छोटे से दंगल में 5 से 10 हजार कुश्ती दीवानों का जमा होना आम बात है..और जब राष्ट्रीय कुश्ती का मामला हो तो यकीन मानिए कि शहर के दिल में बसे अभय प्रशाल की दीर्घाएं भी कुश्तीप्रेमियों के लिए कम पड़ जाएंगी। इंदौर में कुश्ती का जुनून सिर आंखों पर चढ़ने में देर नहीं लगती है...
मध्यप्रदेश में पहली बार इतनी बड़ी स्पर्धा के आयोजन को लेकर जो मेहनत और मध्यप्रदेश कुश्ती संघ के सचिव कर रहे हैं, वह उनके चेहरे से साफ देखी जा सकती है। 'वन मैन आर्मी' की तर्ज पर पप्पू दिल से इस आयोजन को सफल बनाने में जुटे हुए हैं और कई रातों से ठीक से सोए भी नहीं हैं।

इंदौर को राष्ट्रीय सीनियर कुश्ती की मेजबानी का श्रेय पप्पू यादव को ही जाता है। पहलवानों के ठहरने से लेकर उनके आवागमन को खुद ही देखने वाले पप्पू अभय प्रशाल में आयोजन की तैयारियों पर भी पैनी नजर रख रहे हैं। उनकी यही तमन्ना है कि यह आयोजन अब तक का सर्वश्रेष्ठ आयोजन साबित हो और पहली बार मालवा की जमीं पर आने वाले सभी पहलवान इस शहर की सुखद यादों को लेकर लौटें।
यह पहला मौका है जबकि देश के कई ऐसे स्टार पहलवान यहां दांवपेच दिखाने आ रहे हैं, जिन्हें आप सिर्फ टीवी पर देखते आए हैं। कुश्ती को देश का प्रिय खेल बनाने वाले ओलंपिक पदक विजेता और के अलावा भी कई नाम हैं, जो आपके लिए नए नहीं हैं।

साक्षी मलिक के पति सत्यव्रत कादियान तो कुश्ती मैट पर उतर रहे हैं, साथ ही विनेश फोगाट, गीता फोगाट, बजरंग पुनिया, ललिता कुमारी, अमित धनगड़ भी आकर्षण का केंद्र रहेंगे। देर शाम पता चला है कि राष्ट्रीय कुश्ती में नरसिंह यादव पहलवान नहीं उतर रहे हैं बल्कि उनकी बनारस की पत्नी शिल्पी यादव अपनी चुनौती पेश करने जा रही हैं।

अभय प्रशाल का देर शाम नजारा ही अलग था। यहां पर तमाम तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा था। विशाल लकड़ी का प्लेटफार्म बनाकर एरिनों का निर्माण कार्य भी आखिरी चरण में है। दोपहर में मध्यप्रदेश ओलंपिक संघ के अध्यक्ष रमेश मेंदोला ने भी तमाम तैयारियों का अवलोकन किया।
बहरहाल, इंदौर शहर का कुश्ती मंच सितारा पहलवानों के लिए सज चुका है। ओलंपिक और अं‍तरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले पहलवानों की विज्ञापन एजेंसियां किसी कार्यक्रम में फीता काटने या फिर रेस्टोरेंट के शुभारंभ के लिए लाखों रुपए लेती हैं, वही पहलवान यहां पर मुफ्त में अपनी कुश्ती कला का प्रदर्शन करने जा रहे हैं।

देर रात तक कई प्रमुख पहलवान और 29 राज्यों की टीमों के अलावा सेना, रेलवे के पहलवान पहुंच चुके थे। इंदौर के हजारों कुश्तीप्रेमी और कुश्ती को दिल से प्यार करने वाले उस्ताद, उस पल का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, जब वे अपनी आंखों के सामने एक से बढ़कर एक दांवपेच लगते हुए देखेंगे...बुधवार को पहलवानों के वजन होंगे और मुकाबले गुरुवार सुबह 9 बजे से प्रारंभ होंगे।

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