एशिया कप चैंपियन हॉकी की नायिकाओं का भव्य स्वागत

Last Updated: मंगलवार, 7 नवंबर 2017 (21:10 IST)
नई दिल्ली। एशिया कप में 13 साल के लंबे अंतराल के बाद खिताब जीतने वाली भारतीय महिला हॉकी टीम का सोमवार रात स्वदेश लौटने पर भव्य स्वागत किया गया। खिलाड़ियों को फूलमालाओं से लाद दिया गया और प्रशंसकों ने खिलाड़ियों को मिठाइयां खिलाईं।
एशिया कप विजेता भारतीय महिला हॉकी टीम जब कल रात स्वदेश लौटी तो उसके स्वागत के लिए इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सैकड़ों प्रशंसक मौजूद थे। खिलाड़ियों को फूलमालाओं से लाद दिया गया और प्रशंसकों ने खिलाड़ियों को मिठाइयां खिलाईं।

विजेता ट्रॉफी के साथ लौटी भारतीय महिला खिलाड़ी इस स्वागत से अभिभूत हो गईं। रानी की अगुवाई वाली भारतीय टीम ने जापान के काकामिगाहारा में चीन को पेनल्टी शूट आउट में 5-4 से हराकर 13 साल बाद एशिया कप में खिताब जीता।
भारतीय कप्तान रानी, मुख्य कोच हरेंद्र सिंह और अन्य खिलाड़ी जैसे ही ट्रॉफी के साथ एयरपोर्ट से बाहर आए तो कैमरों के फ़्लैश चमकने लगे और मीडियाकर्मियों में खिलाड़ियों की बाईट लेने की होड़ मच गई। इस स्वागत से अभिभूत टूर्नामेंट की सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर सविता ने कहा, मैं यहां अपनी पूरी टीम के जोरदार स्वागत से खुश और अभिभूत हूं।

कप्तान रानी ने एशिया कप जीतने और विश्व कप के लिए क्वालीफाई करने को गौरवपूर्ण पल बताते हुए कहा कि टीम ने योग्यता साबित कर विश्व कप का टिकट पाया। रानी ने कहा, हमें ख़ुशी है कि हमने एशिया कप जीत लिया है और योग्यता के आधार पर अगले वर्ष होने वाले विश्व कप का टिकट हासिल किया है। हमारी टीम में कई युवा खिलाड़ी हैं, जिन्होंने ऐसे बड़े मंच पर जबरदस्त प्रदर्शन किया और खुद को साबित किया।
रानी ने कहा, यह उच्चस्तरीय टूर्नामेंट था और हमने किसी भी समय अपने खेल का स्तर गिरने नहीं दिया। सविता ने सडन डेथ में शानदार बचाव किया और मुझे ख़ुशी है कि मैंने सडन डेथ में विजयी गोल किया। यह जीत पूरे वर्ष की कड़ी मेहनत और हमारे कोचिंग स्टाफ के प्रयासों का परिणाम है।

कप्तान ने साथ ही कहा, हम हॉकी इंडिया और साई का उनके सहयोग के लिए धन्यवाद करते हैं। इस जीत से हमें अगले साल होने वाले राष्ट्रमंडल और एशियाई खेलों में बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिलेगी। मुझे पूरा भरोसा है कि हमारी टीम जीत की इस लय को आगे इन दोनों टूर्नामेंट में लेकर जाएगी।
कोच हरेन्द्र सिंह ने कहा, मैंने पिछले महीने मुख्य कोच की जिम्मेदारी संभालने के बाद खिलाड़ियों की खेल शैली में ज्यादा बदलाव नहीं किया बल्कि मैंने उनकी सोच को बदलने पर काम किया। मैंने लड़कियों से कहा कि वे सब कुछ भूलकर सकारात्मक हॉकी पर ध्यान लगाएं तो अच्छे नतीजे खुद-ब-खुद मिलने लगेंगे।

हरेंद्र ने कहा, नतीजा आप सबके सामने है। मैं इस जीत का श्रेय किसी एक को नहीं, बल्कि पूरी टीम को देता हूं। मैंने खिलाड़ियों से कहा कि वे एक समय में केवल एक मैच पर ही ध्यान लगाएं और उन्होंने मेरे इस मंत्र को मैदान पर साबित कर दिखाया। हम अपनी योग्यता के आधार पर सीधे महिला विश्व कप के लिए क्‍वालिफाई करने में कामयाब रहे। हम केवल यही नहीं रुकेंगे, बल्कि इस लय को आगे ले जाएंगे।
भारतीय टीम इस सफलता से विश्व रैंकिंग में 10वें नंबर पर पहुंच गई है। हॉकी इंडिया ने एशिया कप का खिताब जीतने वाली 18 सदस्‍यीय भारतीय महिला टीम की सदस्यों और टीम के कोच हरेंद्र सिंह को एक-एक लाख रुपए का पुरस्कार देने की घोषणा की है। हॉकी इंडिया ने इसके साथ ही सपोर्ट स्टाफ के सदस्यों को भी 50-50 हजार का नकद पुरस्कार देने की भी घोषणा की है। (वार्ता)

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