बुरे सपने दिखाई दें तो डरने की जरूरत नहीं, ये काम करें

Last Updated: शुक्रवार, 23 जून 2017 (16:18 IST)
जब हम कोई देखते हैं तो जरूरी नहीं कि प्रत्येक सपने का अच्छा या बुरा फल होता है। अधिकतर सपने हमें हमारी दिनचर्या में किए गए कार्य से प्राप्त होते हैं। कार्य का अर्थ हमने जो देखा, सुन, समझा, इच्छा किया और भोगा वह हमारे चित्त में विराजित होकर रात में स्वप्नों के रूप में दिखाई देता है। यह सब बदले स्वरूप में इसलिए भी होते हैं क्योंकि वे हमारे शरीर में स्थित भोजन और पानी की स्थिति और अवस्था से भी संचालित होते हैं। निम्नलिखिथ बातों से आप समझ सकते हैं।
इन कारणों से दिखाई देते हैं स्वपन्न :-
* दृष्ट- जो जाग्रत अवस्था में देखा गया हो उसे स्वप्न में देखना।
* श्रुत- सोने से पूर्व सुनी गई बातों को स्वप्न में देखना।
* अनुभूत- जो जागते हुए अनुभव किया हो उसे देखना।
* प्रार्थित- जाग्रत अवस्था में की गई प्रार्थना की इच्छा को स्वप्न में देखना।
* दोषजन्य- वात, पित्त आदि दूषित होने से स्वप्न देखना।
* भाविक- जो भविष्य में घटित होना है, उसे देखना।

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