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आपका पुत्र कैसा और कौन है, जानिए

सोमवार,मई 14, 2018
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बहुत कम लोगों को यह पता होगा कि केदारनाथ से रामेश्वरम तक के अधिकतर और प्रमुख शिव मंदिर लगभग एक ही समानांतर रेखा पर ...
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शास्त्रों अनुसार हमारे जितने भी सगे-संबंधी हैं वे सभी किसी न किसी कारण ही हमारे सगे-संबंधी बने हैं। कुछ भी अकारण या ...
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हिन्दू धर्म, दर्शन, इतिहास और योग को यूं तो 10 पॉइंट में नहीं समेटा जा सकता लेकिन मोटे तौर पर आप इन 10 पॉइंट में ही ...
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पौराणिक शास्त्रों के अनुसार अप्सरा देवलोक में रहने वाली अनुपम, अति सुंदर, अनेक कलाओं में दक्ष, तेजस्वी और अलौकिक दिव्य ...
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भारत का बंटवारा जब हुआ था तब भारतीय हिन्दुओं ने अपने कई तीर्थ स्थल, शक्तिपीठ और प्राचीन मंदिरों को खो दिया। वर्तमान में ...
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कहते हैं कि धरती पर जितना भार सारी चींटियों का है उतना ही सारे मनुष्यों का है और जितने मनुष्य हैं उतने ही मुर्गे भी ...
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पुराणों अनुसार भगवान शंकर को अष्टरूप में दर्शाया गया है। दरसअल ये ब्रह्मांड में आठ रूप में विद्यमान हैं। इन आठ रूपों मे ...
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शिरडी के सांईं बाबा का यह 100वां जन्मोत्सव वर्ष चल रहा है। सांई बाबा पर वैसे तो सैंकड़ों किताबें लिखी गई है लेकिन सबसे ...
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रणभूमि में अवसर के अनुकूल 8 प्रकार के झंडों का प्रयोग होता था। ये झंडे थे- जय, विजय, भीम, चपल, वैजयन्तिक, दीर्घ, विशाल ...
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जब कोई व्यक्ति अध्यात्म या ध्यान के मार्ग पर चलने लगता है और वह निरंतर उसी मार्ग पर चलता रहता है तो उसे उस मार्ग में जो ...
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हिन्दुओं के पांच मुख्य संप्रदाय हैं- वैदिक, शैव, वैष्णव, स्मार्त और संतमत। शाक्त भी शैव के अंतर्गत आता है। भगवान शिव ...
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मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले में मैहर की माता शारदा का प्रसिद्ध मंदिर है। मान्यता है कि शाम की आरती होने के बाद जब मंदिर ...
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हम हारी हुई कौम हैं। अपने ही लोगों से हारी हुई कौम। हमें किसी बाहर के व्यक्ति ने नहीं अपने ही लोगों ने बाहरी लोगों के ...
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पितृऋण और पितृदोष अलग अलग होते हैं। पितृदोष का समाधान नासिक के पास त्रयंबकेश्वर में होता है। कहते हैं कि पुत्र या ...
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अंग्रेजी संवत 2017 समाप्त हो रहा है और 2018 शुरू होने ही वाला है। दुनियाभर में इसी कैलेंडर के आधार पर नववर्ष मनाने का ...
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पुराणों का अध्ययन करने के बाद पता चलता है कि उनमें कुछ भविष्य की बातों का भी उल्लेख है। पुराणों में कलियुग का जो चित्रण ...
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क्या आप जानते हैं कि आप क्यों दुखी और भ्रमित जीवन जी रहे हैं। नहीं तो फिर आपको जानना जरूरी है कि आखिरकर आपसे गलती कहां ...
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एक ओर हिन्दू, जैन, बौद्ध और सिख है तो दूसरी ओर यहूदी, ईसाई और इस्लाम है। यह दोनों ही दो विपरित छोर है। निश्चित ही सभी ...
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बैल की पूजा या कथा विश्व के सभी धर्मों में मिल जाएगी। सिंधु घाटी, मेसोपोटामिया, मिस्र, बेबीलोनिया, माया आदि सभी प्राचीन ...
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