हिन्दुओं का यह तीर्थ स्थल क्यों है धरती का केंद्र?

अनिरुद्ध जोशी 'शतायु'|
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देवाधि‍देव महादेव का निवास स्थान है और उसी के पास स्थित है कैलाश मान सरोवर। कैलाश के दर्शन करना अर्थात साक्षात् भगवान शिव के दर्शन करना है। चार धामों से भी बड़कर है कैलाश धाम। कैलाश पर्वत समुद्र सतह से 22068 फुट ऊंचा है तथा से उत्तरी क्षेत्र में तिब्बत में स्थित है। चूंकि तिब्बत चीन के अधीन है अतः कैलाश चीन में आता है। झील से घिरा होना कैलाश पर्वत की धार्मिक महत्ता को और अधिक बढ़ाता है।
एक अन्य पौराणिक मान्यताओं के अनुसार यह जगह कुबेर की नगरी है। यहीं से महाविष्णु के करकमलों से निकलकर गंगा कैलाश पर्वत की चोटी पर गिरती है, जहां प्रभु शिव उन्हें अपनी जटाओं में भर धरती में निर्मल धारा के रूप में प्रवाहित करते हैं। कैलाश पर्वत पर कैलाशपति सदाशिव विराजे हैं जिसके ऊपर स्वर्ग और नीचे मृत्यलोक है, इसकी बाहरी परिधि 52 किमी है।
 
आओ जानते हैं कि आखिर क्यों है कैलाश पर्वत और इसके ऊपर, नीचे, आगे, पीछे और भीतर क्या है। इसके अलावा हम आपको ऐसे बताएंगे कि आप दांतों तले अंगुलियां दबा लेंगे।
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