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किस्मत के खेल निराले मोरे भैया...

लखनऊ| पुनः संशोधित रविवार, 19 मार्च 2017 (16:34 IST)
लखनऊ। 'किस्मत के खेल निराले मोरे भैया' किसी सिनेमा का यह गीत के में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में शामिल की गईं पर सटीक बैठता है।

स्वाति को पिछली जुलाई के पहले उनके घर-परिवार के अलावा शायद ही कोई जानता रहा हो लेकिन उनके पति दयाशंकर सिंह की बहुजन समाज पार्टी (बसपा) अध्यक्ष मायावती पर की गई टिप्पणी उनके लिए एक तरह से वरदान साबित हो गई। दयाशंकर सिंह को मायावती के खिलाफ की गई टिप्पणी के कारण भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से निलंबित कर दिया गया। 
 
उनकी टिप्पणी को लेकर बसपा सड़क पर उतर आई। बसपा के लोगों ने भी दयाशंकर सिंह, उनकी पत्नी, मां और बेटी के खिलाफ आपत्तिजनक नारे लगाए। बसपा की ओर से दयाशंकर सिंह के खिलाफ हजरतगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई जबकि स्वाति सिंह ने मायावती और उनके पार्टी के कई नेताओं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। 
 
महीनों चले इस मामले में स्वाति सिंह की छवि संघर्षशील महिला के रूप में उभरकर आई। मामला शांत होते ही भाजपा ने उन्हें पार्टी की प्रदेश महिला मोर्चे का अध्यक्ष बना दिया। थोड़े दिन में चुनाव घोषित हो गया। वे लखनऊ की सरोजनी नगर सीट से चुनाव लड़ीं, जीतीं और रविवार को मंत्री भी बन गईं! (वार्ता)
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