फिर कश्मीर बंद, जनजीवन अस्त-व्यस्त

जम्मू| सुरेश एस डुग्गर| पुनः संशोधित बुधवार, 11 जुलाई 2018 (21:53 IST)
जम्मू। कश्मीर आज भी रखा गया। नतीजतन जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। अधिकारियों ने अलगाववादी नेताओं द्वारा बुलाए गए बंद के मद्देनजर उनके किसी भी तरह के को रोकने के लिए श्रीनगर के कुछ हिस्सों में आज निषेधाज्ञा लागू कर दी थी।


कश्मीर के शोपियां जिले में प्रदर्शनकारियों पर कथित रूप से सुरक्षा बलों की गोलीबारी में एक असैन्य नागरिक के मारे जाने के खिलाफ इस बंद का आह्वान किया गया था। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत पांच थाना क्षेत्रों- खानयार, महाराजगंज, नौहट्टा, साफाकदल और रैनावारी में कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए ऐतिहातन प्रतिबंध लगाए गए थे, वहीं बंद के चलते घाटी में सामान्य जनजीवन प्रभावित हो गया।


अधिकारी ने बताया कि स्कूल और बंद रहे जबकि सार्वजनिक परिवहन न मिल पाने के कारण सरकारी दफ्तरों में कर्मियों की उपस्थिति कम दर्ज की गई। शोपियां में हुई मुठभेड़ में जैश-ए-मोहम्मद के दो आतंकवादी मार गिराए गए थे जबकि सुरक्षा बलों से झड़प में एक असैन्य नागरिक की मौत हो गई थी और 20 अन्य को इस दौरान चोटें आई थीं।


दरअसल, बीते कुछ दिनों से विशेषकर घाटी में आतंकियों की सक्रियता बढ़ गई थी, ऐसे में सुरक्षाबलों ने भी आतंकियों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया। जम्मू-कश्मीर में भारतीय सुरक्षाबलों द्वारा रमजान के महीने में सीजफायर के ऐलान के बाद भी आतंकियों की ओर से लगातार घटनाओं को अंजाम दिया जाता रहा। रमजान के बाद से इसमें और तेजी देखने को मिल रही है।


श्रीनगर में पत्थरबाजी की घटनाएं भी बढ़ गई हैं। जहां तक हो सके आम नागरिकों के प्रति सुरक्षाबल संयम से काम ले रहे हैं। उनके उकसाने के बाद भी सुरक्षाबल की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जाती है, लेकिन आतंकियों के मामले सुरक्षाबल कठोरता से पेश आ रहे हैं।


सुरक्षाबलों ने सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है। कश्मीर घाटी में सुरक्षा बलों की कार्रवाई में आम नागरिकों के मारे जाने के खिलाफ अलगाववादियों की ओर से आहूत हड़ताल के कारण बुधवार को ट्रेन सेवाएं एक बार फिर स्थगित कर दी गई।


रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पुलिस की ओर से मंगलवार रात परामर्श मिलने के बाद सुरक्षा कारणों से उत्तर कश्मीर में बारामुल्ला से जम्मू क्षेत्र के बनिहाल के लिए जाने वाली सभी ट्रेन स्थगित कर दी गई। इसके कारण मध्य कश्मीर के श्रीनगर-बडगाम और उत्तर कश्मीर के बारामुल्ला के बीच रेलगाड़ियों का परिचालन बंद रहा।

इसी तरह दक्षिण कश्मीर में बडगाम-श्रीनगर-अनंतनाग-काजीगुंड से जम्मू क्षेत्र के बनिहाल के लिए भी सभी रेलगाड़ियों का परिचालन स्थगित रहा। अधिकारी ने बताया कि जुलाई में घाटी में तीसरी बार रेल सेवाएं स्थगित की गई हैं। उन्होंने कहा कि हम स्थानीय प्रशासन की सलाह पर काम कर रहे हैं, जिसने सुरक्षा कारणों से रेल सेवाएं स्थगित रखने का निर्णय लिया है। पहले भी हड़ताल और बंद के दौरान परिचालन पर रेलवे को पथराव और हिंसा के कारण काफी नुकसान उठाना पड़ा है।


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