आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे परियोजना में करोड़ों का घोटाला

लखनऊ| अरविन्द शुक्ला| Last Updated: रविवार, 19 जुलाई 2015 (17:53 IST)
लखनऊ। आईएएस सूर्य प्रताप सिंह ने एक सनसनीखेज खुलासा करते हुए दावा किया कि आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे परियोजना में करोड़ों का घोटाला किया गया है। सूर्यप्रतापसिंह अमिताभ ठाकुर के बाद अखिलेश सरकार के खिलाफ बागी रूख अख्तियार करने वाले दूसरे वरिष्ठ अधिकारी है।
सिंह ने आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, कन्नौज, कानपुर नगर, उन्नाव, हरदोई और लखनऊ तक फैले आगरा- लखनऊ एक्सप्रेसवे परियोजना में घोटाले का खुलासा किया है। इस घोटाले के बारे में उन्होंने अपने फेसबुक पेज पर भी जानकारियां उपलब्ध करवाई हैं।> > उनका दावा है कि लखनऊ एक्सप्रेस वे में भूमि क्रय /अधिग्रहण घोटाले, भूमाफियाओं के साथ मिलकर रियल एस्टेट घोटाले, लागत मूल्य घोटाले व टेंडर प्रक्रिया घोटाला किया गया है। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे की लम्बाई 308 किलोमीटर है और इसकी अनुमानित लागत 15 हजार करोड़ है।
आईएएस सिंह के अनुसार इटावा जनपद की इटावा तथा ताखा तहसील में किसानों को 15-20 लाख रुपए प्रति हेक्टेयर मुआवजा दिया गया है जब कि सैफई में 1.20 करोड़ से 1.25 करोड़ रुपए प्रति हेक्टेयर की दर से मुआवजा दिया गया है।

यह एक्सप्रेसवे पहले 270 किलोमीटर लम्बा प्रस्तावित था, जिसे एक सैफई व कन्नौज के चक्कर में 38 किलोमीटर और लम्बा तथा 6-लेन से 8-लेन कर दिया गया। अब इस पर 'लड़ाकू' विमान भी उतरेंगे।

जन चौपाल से चलेगा आंदोलन : सपा सरकार से पंगा लेने वाले उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव स्तर के आईएएस डॉ सूर्य प्रताप सिंह ने ऐलान किया है कि  वे जन-चौपाल या ढाबा-चौपाल के माध्यम से अखिलेश सरकार के खिलाफ आंदोलन करेंगे।



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