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Last Updated : शुक्रवार, 7 सितम्बर 2018 (21:22 IST)

अवैध कॉल सेंटर : अमेरिकी नागरिकों से 20 लाख रुपए ठगने वाले गिरफ्तार

अवैध कॉल सेंटर : अमेरिकी नागरिकों से 20 लाख रुपए ठगने वाले गिरफ्तार - Bhopal, Madhya Pradesh, Illegal Call Center
भोपाल। मध्यप्रदेश पुलिस की साइबर शाखा ने भोपाल में अवैध कॉल सेंटर चलाकर अमेरिकी नागरिकों से 'लोन सेटलमेंट' के नाम पर कथित तौर पर वित्तीय ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 7 युवकों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों से 12 लाख अमेरिकी नागरिकों का व्यक्तिगत डेटा भी जब्त किया गया है। आरोपियों ने लगभग 20 लाख रुपए की राशि अमेरिकी नागरिकों से ठगी की है। 
 
 
विशेष पुलिस महानिदेशक (साइबर) अरुणा मोहनराव एवं साइबर अपराध शाखा के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने शुक्रवार को यहां पत्रकार वार्ता में बताया कि इस मामले में अहमदाबाद निवासी 3 आरोपियों अभिषेक पाठक (22), वत्सल गांधी (25) एवं श्रवण कुमार मौर्य (19) तथा भोपाल निवासी 4 आरोपियों रामपाल सिंह (29), फरहान खान (19), शुभम गीते (19) और सौरभ राजपूत (19) को गिरफ्तार किया गया है।
 
उन्होंने बताया कि साइबर थाना, भोपाल के दल ने कॉल सेंटर संचालक अभिषेक पाठक और उसके अन्य सहयोगियों को गिरफ्तार किया, जो अत्याधुनिक साइबर सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म का उपयोग करके अमेरिकियों के मोबाइल नंबर से उपलब्ध डेटा के आधार पर अमेरिकी नागरिकों के मोबाइल नंबर पर कॉल व टेक्स्ट मैसेज भेजकर कानून प्रवर्तन अधिकारी बताकर बकाया लोन न चुका पाने पर गिरफ्तारी वॉरंट या कानूनी नोटिस देकर उनसे सेटलमेंट के नाम पर अवैध राशि वसूल करते थे।
 
राव ने बताया कि ठगी की यह राशि बिटकॉइन वॉलेट या मनीग्राम के जरिए हासिल की जाती थी। अभिषेक ने अपने दोस्त रामपाल के साथ मिलकर भोपाल के इन्द्रपुरी इलाके में कॉल सेंटर संचालित करने के लिए फ्लैट किराए पर लिया था। इस कॉल सेंटर पर फरहान, शुभम, सौरभ और श्रवण कुमार को मासिक वेतन पर टेक्स्ट मैसेज व मेल करने के लिए रखा गया था, जो रात्रि शिफ्ट में अमेरिकी नागरिकों को मैसेज और मेल करते थे और वापस इसी नंबर पर संपर्क करने के लिए कहते थे।
 
यदि किसी अमेरिकी नागरिक द्वारा डरकर वापस से संपर्क किया जाता था तो उसका कॉल रामपाल या अभिषेक को डाइवर्ट कर दिया जाता था, जो अमेरिकी लहजे में धाराप्रवाह अंग्रेजी बोलकर स्वयं को कानून प्रवर्तन अधिकारी बताकर लोन सेटलमेंट करने के लिए कहते थे। यदि कोई सेटलमेंट के लिए तैयार हो जाता था तो उसे मनीग्राम या बिटकॉइन के जरिए किसी मनीग्राम होल्डर के खाते में अथवा स्वयं के बिटकॉइन वॉलेट में राशि ट्रांसफर करके ठगी की राशि प्राप्त कर ली जाती थी।
 
उन्होंने बताया कि पाठक द्वारा इन्द्रपुरी के फ्लैट से यह कॉल सेंटर पिछले 1 साल से संचालित किया जा रहा था। अभिषेक ने अमेरिकी नागरिकों का डेटा अहमदाबाद के वत्सल गांधी से खरीदा था। साइबर पुलिस के दल ने अहमदाबाद से गिरफ्तार कर उसके पास से कुल 12 लाख अमेरिकियों के डेटा जब्त किया है।
 
राव ने बताया कि अभी तक की जानकारी के अनुसार इनके द्वारा लगभग 20 लाख रुपए की राशि अमेरिकी नागरिकों से ठगी की गई है। साइबर पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है। इसमें ठगी गई और राशि के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
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