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दीपावली पर्व : कहां लगाएं दीपक कि मिले लाभ और बढ़े सुख-समृद्धि...

सोमवार,अक्टूबर 16, 2017
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विष्णुसहस्रनाम का पाठ करने वाले व्यक्ति को यश, सुख, ऐश्वर्य, संपन्नता, सफलता, आरोग्य एवं सौभाग्य प्राप्त होता है तथा ...
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सर्वप्रथम पूजनीय व हर कार्य में प्रथम माने जाने वाले भगवान गणेश का जन्म भाद्रपद की शुक्ल चतुर्थी को मेष लग्न में हुआ। ...
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रमजान/ईद-उल-फित्र पर हिन्दी कविता : ईद मुबारक। जो मेरे अपने हैं, उनको ईद मुबारक हो। जो भारत के सपने हैं, उनको ईद ...
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ईद-उल-फितर पर विशेष : रोजेदारों को अल्लाह का इनाम है ईद...
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'ईद-उल-फित्र' सही मायनों में तो ये मन्नतें पूरी होने का दिन है। इन मन्नतों के साथ तो ऊपर वाले के सामने सभी मंगते बनने ...
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इस्लाम में दो ही खुशी के दिन हैं, ईद-उल फित्र और ईद उल जुहा। रमजान में पूरे महीने रोजे रखने के बाद ईद-उल फित्र मनाई ...
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रमजान/ईद-उल-फित्र की दावत के विशेष पकवान...
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चिकन को लेकर उसके सभी तरफ छुरी की सहायता से चीरा लगाएं और अलग रखें। अब जार में कटी प्याज, हरी मिर्च, हरा धनिया, ...
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उन्तीसवां रोज़ा रमज़ान की रुख़सत के इशारे के साथ रोज़ादारों और नेक बंदों से अल्लाह पर ईमान के साथ दुआ का पैग़ाम दे रहा है। ...
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आयत की रोशनी में अट्ठाईसवां रोजा बेहतर तौर पर समझा जा सकता है। गौरतलब बात है कि रमजान का यह आखिरी अशरा दोजख से निजात ...
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रसूलुल्लाह ने शब-ए-कद्र के लिए रमजान की 21, 23, 25, 27 और 29 रात बताई। इन रातों में रातभर मुख्तलिफ इबादतें की जाती हैं। ...
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आज सत्ताईसवां रोजा है। कल छब्बीसवां रोजा और शबे-क़द्र (सत्ताईसवीं रात) साथ-साथ थे। यहां यह बात जानना जरूरी है कि ...
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शबे कद्र को रात भर इबादत के बाद मुसलमान अपने रिश्तेदारों, अजीजो-अकारिब की कब्रों पर सुबह-सुबह फातिहा पढ़कर उनकी मगफिरत ...
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छब्बीसवां रोजा जिस दिन होता है, उस तारीख़ को माहे-रमजान की सत्ताईसवीं रात होती है। इस रात को ही अमूमन शबे-कद्र (अल्लाह ...
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रमजान की रातों में की जाने वाली विशेष नमाज या प्रार्थना जो चांदरात से यानी पहले रोजे की पूर्व संध्या/पूर्व रात्रि से ...
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‘माह-ए-रमजान’ में रोजे रखने का असल मकसद महज भूख-प्यास पर नियंत्रण रखना नहीं है बल्कि रोजे की रूह दरअसल आत्म संयम, ...
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कुरआने-पाक की सूरह अल आला की सोलहवीं और सत्रहवीं आयत (आयत नंबर 16-17) में ज़िक्र है- 'मगर तुम लोग दुनिया की जिंदगी को ...
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रमजान का आखिरी अशरा चूंकि दोजख (नर्क) से निजात (मुक्ति) का है, इसलिए जेहन में यह सवाल उठना बहुत कुदरती बात है कि ...
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माहे रमज़ान को मज़हबे-इस्लाम में ख़ास मुक़ाम हासिल है। पाकीज़गी (पवित्रता) और परहेज़गारी की पाबंदी के साथ रखा गया रोज़ा ...
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