प्राणायाम का रहस्य

अनिरुद्ध जोशी|

FILE
कछुए की श्वास लेने और छोड़ने की गति इनसानों से कहीं अधिक दीर्घ है। व्हेल मछली की उम्र का राज भी यही है। बड़ और पीपल के वृक्ष की आयु का राज भी यही है। वायु को योग में प्राण कहते हैं।
प्राचीन ऋषि वायु के इस रहस्य को समझते थे तभी तो वे कुंभक लगाकर हिमालय की गुफा में वर्षों तक बैठे रहते थे। श्वास को लेने और छोड़ने के दरमियान घंटों का समय प्राणायाम के अभ्यास से ही संभव हो पाता है। यही है ( Pranayama Secrets in Hindi )

शरीर में दूषित वायु के होने की स्थिति में भी उम्र क्षीण होती है और रोगों की उत्पत्ति होती है। पेट में पड़ा भोजन दूषित हो जाता है, जल भी दूषित हो जाता है तो फिर वायु क्यों नहीं। यदि आप लगातार दूषित वायु ही ग्रहण कर रहे हैं तो समझो कि समय से पहले ही रोग और मौत के निकट जा रहे हैं।

बाल्यावस्था से ही व्यक्ति असावधानीपूर्ण और अराजक श्वास लेने और छोड़ने की आदत के कारण ही अनेक मनोभावों से ग्रसित हो जाता है। जब श्वास चंचल और अराजक होगी तो चित्त के भी अराजक होने से आयु का भी क्षय शीघ्रता से होता रहता है।

फिर व्यक्ति जैसे-जैसे बड़ा होता है काम, क्रोध, मद, लोभ, व्यसन, चिंता, व्यग्रता, नकारात्मता और भावुकता के रोग से ग्रस्त होता जाता है। उक्त रोग व्यक्ति की श्वास को पूरी तरह तोड़कर शरीर स्थित वायु को दूषित करते जाते हैं जिसके कारण शरीर का शीघ्रता से क्षय होने लगता है।

हठयोगियों ने विचार किया कि यदि सावधानी से धीरे-धीरे श्वास लेने व छोड़ने और बाद में रोकने का भी अभ्यास बनाया जाए तो परिणामस्वरूप चित्त में स्थिरता आएगी। श्वसन-क्रिया जितनी गहरी, लंबी, मंद और सूक्ष्म होगी उतना ही लंबा और मंद जीवन क्रिया के क्षय होने का क्रम होगा।

इड़ा, पिंगला और सुषुम्ना ये तीन नाड़ियां प्रमुख हैं। प्राणायम के लगातार अभ्यास से ये नाड़ियां ‍शुद्ध होकर जब सक्रिय होती हैं तो व्यक्ति के शरीर में किसी भी प्रकार का रोग नहीं होता और आयु प्रबल हो जाती है। मन में किसी भी प्रकार की चंचलता नहीं रहने से स्थिर मन शक्तिशाली होकर धारणा सिद्ध हो जाती है अर्थात ऐसे व्यक्ति की सोच फलित हो जाती है। यदि लगातार इसका अभ्यास बढ़ता रहा तो व्यक्ति सिद्ध हो जाता है।
-अनिरुद्ध

Widgets Magazine
वेबदुनिया हिंदी मोबाइल ऐप अब iOS पर भी, डाउनलोड के लिए क्लिक करें। एंड्रॉयड मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें। ख़बरें पढ़ने और राय देने के लिए हमारे फेसबुक पन्ने और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं।



और भी पढ़ें :

कविता : भारत के वीर सपूत

कविता : भारत के वीर सपूत
तेईस मार्च को तीन वीर, भारतमाता की गोद चढ़े। स्वतंत्रता की बलवेदी पर,

सुनो नन्ही बच्चियों, हम अपराधी हैं तुम्हारे

सुनो नन्ही बच्चियों, हम अपराधी हैं तुम्हारे
माता-पिता की सघन छांव से अधिक सुरक्षित जगह क्या होगी.. ? सुरक्षा की उस कड़ी पहरेदारी में ...

कर्मकांड करवाने वाले आचार्य व पुरोहित कैसे हो, आप भी ...

कर्मकांड करवाने वाले आचार्य व पुरोहित कैसे हो, आप भी जानिए...
कर्मकांड हमारी सनातन संस्कृति का अभिन्न अंग है। बिना पूजा-पाठ व कर्मकांड के कोई भी हिन्दू ...

आम के यह 'खास' फायदे शर्तिया नहीं पता होंगे आपको

आम के यह 'खास' फायदे शर्तिया नहीं पता होंगे आपको
रसीले पके आम अत्यंत स्वादिष्ट लगते हैं। आइए जानते हैं इसके 5 ऐसे फायदे जो आपको अचरज में ...

मन को लुभाएगी लाजवाब चटपटी कैरी की चटनी...

मन को लुभाएगी लाजवाब चटपटी कैरी की चटनी...
एक कड़ाही में तेल गरम कर चना दाल, मैथी और जीरा डालकर भून लें। लाल मिर्च, मीठा नीम, हींग ...

बढ़ती उम्र में दिखना है युवा तो यह 7 कदम आपके लिए हैं

बढ़ती उम्र में दिखना है युवा तो यह 7 कदम आपके लिए हैं
ढ़ती उम्र मांग करती है कि हम अपने खाने को लेकर अधिक सतर्क हो जाएं। हमारा शरीर हमारा मंदिर ...

कहानी : संस्कार

कहानी : संस्कार
एक गांव में एक बहुत समझदार और संस्कारी औरत रहती थी। एक बार वह अपने बेटे के साथ सुबह-सुबह ...

आध्यात्मिक गुरु श्री सत्य साईं बाबा का महाप्रयाण दिवस

आध्यात्मिक गुरु श्री सत्य साईं बाबा का महाप्रयाण दिवस
सत्य साईं बाबा आध्यात्मिक गुरु व प्रेरक व्यक्तित्व थे, जिनके संदेश और आशीर्वाद ने पूरी ...

सिर्फ और सिर्फ एक हनुमान मंत्र, रखेगा आपको पूरे साल

सिर्फ और सिर्फ एक हनुमान मंत्र, रखेगा आपको पूरे साल सुरक्षित
इस विशेष हनुमान मंत्र का स्मरण जन्मदिन के दिन करने पर पूरे साल की सुरक्षा हासिल होती है ...

जानकी जयंती पर पढ़ें मां सीता की अचंभित कर देने वाली यह ...

जानकी जयंती पर पढ़ें मां सीता की अचंभित कर देने वाली यह कथा...
भगवान श्रीराम राजसभा में विराज रहे थे उसी समय विभीषण वहां पहुंचे। वे बहुत भयभीत और हड़बड़ी ...