विजय रूपाणी : प्रोफाइल

विजय रूपाणी ने 26 दिसंबर 2017 को दूसरी बार गुजरात के मुख्‍यमंत्री पद की शपथ ली है। विधानसभा चुनाव में भाजपा को बहुमत मिलने के बाद विधायक दल ने उन्हें अपने नेता चुन लिया। रूपाणी को भाजपा अध्‍यक्ष अमित शाह का करीबी माना जाता है। मुख्‍यमंत्री बनने से पहले रूपाणी गुजरात भाजपा के अध्यक्ष भी रह चुके हैं।
 
 चुनौतियां भी कम नहीं : रूपाणी दूसरी बार राज्य के मुख्‍यमंत्री तो बन गए, लेकिन उनके सामने चुनौतियां भी कम नहीं है। उनके समक्ष सबसे बड़ी चुनौती गुजरात के लोगों खासकर युवाओं का विश्वास जीतना होगा, जो कि इस चुनाव में नजर नहीं आया। पिछली बार 115 सीटें जीतने वाली भाजपा इस बार 99 सीटों पर ही सिमट गई, जबकि पार्टी ने 150 सीटें जीतने का लक्ष्य रखा था। 
 
प्रारंभिक जीवन : स्वच्छ छवि के रूपानी का जन्म 2 अगस्त 1956 को 2 अगस्त 1956 को बर्मा के रंगून में जन्म हुआ। उन्होंने बीए, एलएलबी की शिक्षा प्राप्त की है। जैन समुदाय से ताल्लुक रखने वाले रूपानी सौराष्‍ट्र क्षेत्र से आते हैं, जहां जैन बनिया समुदाय काफी बड़ी संख्‍या में है। छात्र जीवन से ही उन्होंने राजनीति की शुरुआत कर दी थी।
 
राजनीतिक जीवन : राजकोट पश्चिम से विधायक विजय रूपानी ने 1971 में जनसंघ के सदस्य बने तथा इसी समय वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से भी जुड़ गए। उन्होंने राजनीति की शुरुआत अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से की। वे गुजरात के उन चुनिंदा नेताओं में शुमार हैं, जो आपातकाल के दौरान जेल गए। रूपानी राज्यसभा सांसद के साथ पार्टी महासचिव भी रह चुके हैं। 
 
युवाओं में लोकप्रिय रूपानी के बारे में कहा जाता है कि वे गुजरात की राजनीति को बखूबी समझते हैं। वे राज्य के ट्रांसपोर्ट मंत्री भी रह चुके हैं साथ युवाओं में काफी लोकप्रिय हैं। 60 वर्ष के रूपानी को केशुभाई पटेल के जमाने में पार्टी ने मेनिफेस्‍टो कमेटी का अध्‍यक्ष बनाया था। विजय रूपानी को कुशल चुनाव प्रबंधन के लिए भी जाना जाता है। 2007 और 2012 के विधानसभा चुनाव में सौराष्‍ट्र-कच्‍छ इलाके में उन्होंने पूरी कुशलता से चुनाव का संचालन किया था, जहां भारी मतों से भाजपा की जीत हुई थी।

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