Widgets Magazine

मंगला गौरी : जानिए श्रावण में क्यों किया जाता है यह व्रत...

राजश्री कासलीवाल|

 


* श्रावण के मंगलवार क्यों करते हैं, जानिए...
 
हर वर्ष श्रावण मास में श्रावण सोमवार के दूसरे दिन यानी मंगलवार के दिन 'मंगला गौरी व्रत' मनाया जाता है।

धार्मिक पुराणों के अनुसार इस व्रत को करने से सुहागिन महिलाओं को अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है अत: इस दिन माता मंगला गौरी का पूजन करके मंगला गौरी की कथा सुनना फलदायी होता है। इस वर्ष मंगला गौरी का पहला व्रत 11 जुलाई 2017, मंगलवार से शुरू  हुआ, दूसरा व्रत 18 जुलाई को मनाया गया। तीसरा 25 जुलाई तथा चौथा व्रत 1 अगस्त को मनाया जाएगा। 
श्रावण माह के हर मंगलवार को मनाए जाने वाले इस व्रत को मंगला गौरी व्रत (पार्वतीजी) नाम से ही जाना जाता है। ऐसा माना जाता है कि श्रावण मास में मंगलवार को आने वाले सभी व्रत-उपवास मनुष्य के सुख-सौभाग्य में वृद्धि करते हैं। अपने पति व संतान की लंबी उम्र एवं सुखी जीवन की कामना के लिए महिलाएं खासतौर पर इस व्रत को करती हैं। सौभाग्य से जुडे़ होने की वजह से नवविवाहित दुल्हनें भी आदरपूर्वक एवं आत्मीयता से इस व्रत को करती हैं।
 
ज्योतिषियों के अनुसार जिन युवतियों और महिलाओं की कुंडली में वैवाहिक जीवन में कम‍ी‍ महसूस होती है अथवा शादी के बाद पति से अलग होने या तलाक हो जाने जैसे अशुभ योग निर्मित हो रहे हों, तो उन महिलाओं के लिए मंगला गौरी व्रत विशेष रूप से फलदायी है। अत: ऐसी महिलाओं को 16 सोमवार के साथ-साथ मंगला गौरी का व्रत अवश्य रखना चाहिए।
इस दिन मां पार्वती का पूजन करते हुए 'श्री मंगला गौर्ये नम:' मंत्र का स्मरण करना मंगलकारी होता है। श्रावण में हर मंगलवार को आनेवाले इस मंगला गौरी का व्रत को रखकर हम मनोवांछित संतान, अखंड सुहाग, सौभाग्य, धन-समृद्धि आदि कई प्रकार के फल पाए जा सकते हैं।
 
नोट : ज्ञात हो कि एक बार यह व्रत प्रारंभ करने के पश्चात इस व्रत को लगातार 5 वर्षों तक किया जाता है तत्पश्चात इस व्रत का विधि-विधान से उद्यापन कर देना चाहिए।

 
वेबदुनिया हिंदी मोबाइल ऐप अब iOS पर भी, डाउनलोड के लिए क्लिक करें। एंड्रॉयड मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें। ख़बरें पढ़ने और राय देने के लिए हमारे फेसबुक पन्ने और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं।
Widgets Magazine
Widgets Magazine