भैरव अष्टमी : दुश्मन की बुरी नजर, बुरे विचार से बचाएगा 4 कील का यह टोटका


जिंदगी में हर कदम पर आपकी तरक्की से नाखुश लोग मिलते हैं। कई बार कुछ लोगों की आपकी खुशियों पर ऐसी दृष्टि बैठती है कि आप समझ नहीं पाते और आपके हर काम रूक जाते हैं। ऐसे ही हालात के लिए काल भैरव अष्टमी का यह उपाय है। आपको बस चार कील की जरूरत है.. पढ़ें यह टोटका...


काल भैरव अष्टमी की रात लगभग 10 बजे बाद दक्षिण दिशा में कालभैरव की तस्वीर को लकड़ी की एक चौकी पर रखें।

उसके बाद आप काले आसन पर बैठ जाएं।

काल भैरव की तस्वीर के सामने सरसों के तेल में चार बाती वाला दीपक जलाएं।

चार कीलों पर मौली बांधकर काल भैरव के सामने रख दें। काल भैरव से प्रार्थना करें कि वे इस विधि को सफल करें। साथ ही यह प्रार्थना भी करें कि अगर आपसे इस विधि में कोई गलती हो तो माफ कर दें।

इसके बाद आप हवन कुंड तैयार करें और हुं हु फट स्वाहा का मंत्र बोलें। हर बार मंत्र बोलने के बाद काली सरसों से आहुति दें।

हवन करते समय मंत्र आपको 108 बार करना है।

ध्यान रखें कि आपको उस जगह से तब तक नहीं उठना है, जब तक विधि पूरी न हो जाएं।

जब आप यह विधि कर रहे हैं तब किसी तरह की रोकाटोकी नहीं होनी चाहिए।

जब आप यह विधि पूरी कर लें सब कुछ वहीं पड़ा रहने दें। उसके बाद अगले दिन अपने दुश्मन के घर में उस कील को लगा दें। उसकी नजर और ईर्ष्या से आप बचकर रहेंगे। बाकी का बचा चार कीलों का टोटका सामान किसी नदी में प्रवाहित कर दें।

दुश्मन के घर कील गाड़ने के बाद जब आप अपने घर आएं तो पूरे घर में गंगाजल का छिड़काव करना ना भूलें। इस तरह से आपकी यह विधि पूरी हुई। इससे दुश्मन का कोई नुकसान नहीं होगा, बस आप उसकी बुरी नजर, बुरे शब्द, बुरे विचार से बच जाएंगे।




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