भारतीय मूल की वैज्ञानिक को कैंसर पर अनुसंधान के लिए मिले 81 लाख डॉलर

वॉशिंगटन|


वॉशिंगटन। अमेरिका में भारतीय मूल की एक वैज्ञानिक को सिर और गर्दन के पर अनुसंधान के लिए 81 का दिया गया है। अनुसंधान से रोगियों के
जीवित बचने की दर में सुधार में मदद मिल सकती है।

निशा डिसिल्वा को सिर और गर्दन के कैंसर को फैलने से रोकने तथा इसकी पुनरावृत्ति को रोकने वाली आणविक विधियों पर जारी उनके अनुसंधान के लिए प्रतिष्ठित सस्टेनिंग आउटस्टैंडिंग अचीवमेंट इन रिसर्च (एसओएआर) अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है।

डिसिल्वा को नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल एंड क्रेनियोफेशियल रिसर्च (एनआईडीसीआर) से अनुदान 8 सालों में वितरित की जाएगी। वे अमेरिका स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन में चिकित्सकीय वैज्ञानिक हैं। उनका लक्ष्य कैंसर रोगियों के बचने की दर में सुधार करना है।
यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन में स्कूल ऑफ डेंटिस्ट्री की डीन लौरी मैक्काउली ने कहा कि प्रतिष्ठित अनुदान यह बताता है कि एनआईडीसीआर डॉ. डिसिल्वा के अनुसंधान रिकॉर्ड और आगे बढ़ने की उनकी क्षमता को किस तरह देखता है।

डिसिल्वा ने कहा कि विश्व में 6ठा सर्वाधिक आम कैंसर है और इसके हर साल लगभग 6 लाख नए मामले आते हैं। उन्होंने कहा कि रोग निदान के 5 साल के भीतर लगभग आधे रोगियों की मौत हो जाती है। (भाषा)


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