नार्वे में शैलेश मटियानी को याद किया

fatter kafe
 
- नार्वे से 'शरद आलोक'
 
ओस्लो। को हिंदी के जाने-माने लेखक शैलेश मटियानी को याद किया गया। इस लेखक गोष्ठी में विद्वान को 'स्पाइल-दर्पण पुरस्कार' प्रदान किया गया जो स्वयं सैकड़ों शोधपत्रों और कहानियों के लेखक हैं। 
 
यह पुरस्कार संयुक्त रूप से संगीता शुक्ल दिदरिक्सेन, भारतीय दूतावास के काउंसलर अमरजीत और इंगेर मारिये लिल्लेएंगेन ने प्रदान किया और शाल एवं फूलगुच्छ से स्वागत किया।
 
हमबर्ग विश्विद्यालय जर्मनी में प्रोफ़ेसर डॉ. रामप्रसाद भट्ट ने शैलेश मटियानी के महिला पात्रों का जिक्र करते हुए कहा कि शैलेश मटियानी प्रेमचंद के बाद सबसे बड़े कहानीकार थे। अभाव और विभिन्न कठिन असहनीय स्थितियों में रहते हुए शैलेश ने हिंदी साहित्य को अपनी रचनाओं से समृद्ध किया। जरूरत है उनके साहित्य को विस्तार से प्रचारित करने की। उनकी कहानी 'अर्द्धांगिनी', 'दो दुखों का एक सुख' और 'वासंती हुरक्यानी' का जिक्र किया और रोचक तरीके से उसे सुनाया।
 
नार्वे में बसे सुरेशचंद्र शुक्ल ने कहा कि शैलेश मटियानी के साहित्य को अधिक प्रचारित करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि नार्वे में हिंदी के प्रचार प्रसार में जुड़े होने के कारण उन्हें भी अपनी रचनाओं के प्रचार का उतना मौक़ा नहीं मिल पाता, जितनी कि आज सुविधा है। उन्होंने अपनी कहानियों का जिक्र करते हुए कहा कि 'तलाशी', 'लाश के वास्ते' 'मदरसे के पीछे', 'लाहौर छूटा अब दिल्ली न छूटे', 'विसर्जन के पहले' को वह सामयिक स्थान नहीं मिला, जिनकी वे हकदार हैं।
 
उन्होंने अपनी लघु कहानी 'विदेशी माल' सुनाई और कहा कि एक संपादक के नाते वह सही भूमिका निभा रहे हैं और भारतीय और प्रवासी साहित्य की नयी-पुरानी रचनाओं और नए-नए रचनाकारों की रचनाओं को स्थान दे रहे हैं।
 
अंत में कवि गोष्ठी संपन्न हुई जिसमें भारतीय दूतावास के अमरजीत ने अपनी रोचक हास्य रचनाएं और गजल सुनाई। नार्वेजीय भाषा में अपनी कविताएं सुनाईं इंगेर मारिये लिल्लेएंगे और नूरी रोयसेग ने। अलका भरत ने रोचक हास्य लेख पढ़ा 'फूफा जी'। संगीता शुक्ल दिदरिक्सेन ने अपने संचालित हिंदी स्कूल, नार्वे में युवा और बच्चों की हिंदी शिक्षा और उनके योगदान पर विचार व्यक्त किए। 

वेबदुनिया हिंदी मोबाइल ऐप अब iOS पर भी, डाउनलोड के लिए क्लिक करें। एंड्रॉयड मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें। ख़बरें पढ़ने और राय देने के लिए हमारे फेसबुक पन्ने और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं।

और भी पढ़ें :

दुर्घटनाएं अमावस्या और पूर्णिमा पर ही क्यों होती है? आइए ...

दुर्घटनाएं अमावस्या और पूर्णिमा पर ही क्यों होती है? आइए जानते हैं यह रहस्य-
पूर्णिमा के दिन मोहक दिखने वाला और अमावस्या पर रात में छुप जाने वाला चांद अनिष्टकारी होता ...

क्या आपका बच्चा भी अंगूठा चूसता है? तो हो जाएं सावधान, जान ...

क्या आपका बच्चा भी अंगूठा चूसता है? तो हो जाएं सावधान, जान लें नुकसान
शायद ऐसा कोई व्यक्ति नहीं होगा, जिसने किसी बच्चे को अंगूठा चूसते हुए कभी न देखा हो। अक्सर ...

यही है वह मौसम जब शरीर का बदलता है तापमान, रहें सावधान, ...

यही है वह मौसम जब शरीर का बदलता है तापमान, रहें सावधान, जानें वजह और बचाव के उपाय
मौसम आ गया है कि आपको चाहे जब लगेगा हल्का बुखार। तो क्या घबराने की कोई बात है? जी नहीं, ...

प्रेशर कुकर में नहीं कड़ाही में पकाएं खाना, जानिए क्यों...

प्रेशर कुकर में नहीं कड़ाही में पकाएं खाना, जानिए क्यों...
अगर आप से पूछा जाए कि प्रेशर कुकर में या कड़ाही खाना बनाना बेहतर है तो आप तुरंत प्रेशर ...

मलाईदार नारियल क्रश, सेहत के यह 8 फायदे पढ़कर रह जाएंगे दंग

मलाईदार नारियल क्रश, सेहत के यह 8 फायदे पढ़कर रह जाएंगे दंग
आजकल मार्केट में नारियल पानी से ज्यादा नारियल क्रश को पसंद किया जा रहा है। इसकी बड़ी वजह ...

खतरे में है भारत की सांस्कृतिक अखंडता और विरासत

खतरे में है भारत की सांस्कृतिक अखंडता और विरासत
भारत देश एक बहु-सांस्कृतिक परिदृश्य के साथ बना एक ऐसा राष्ट्र है जो दो महान नदी ...

'समग्र' के सलाहकार मंडल में शामिल हुए रूसेन कुमार

'समग्र' के सलाहकार मंडल में शामिल हुए रूसेन कुमार
स्वच्छता क्षेत्र के अग्रणी संगठन- समग्र सशक्तिकरण फाउंडेशन ने इंडिया सीएसआर नेटवर्क के ...

कितने सीजेरियन या सी-सेक्शन झेल सकती है एक मां?

कितने सीजेरियन या सी-सेक्शन झेल सकती है एक मां?
अब जमाना ऐसा है कि आप चाहकर भी सी-सेक्शन से बच नहीं पाते। कभी जटिल परिस्थितियां और कभी नई ...

जल्दी वजन कम करना है तो ये 5 फल खाना कर दें शुरू

जल्दी वजन कम करना है तो ये 5 फल खाना कर दें शुरू
क्या बढ़ा हुआ वजन आपकी भी समस्या बन चुका है? हर वक्त आपके मन में चलता रहता है कि कैसे इस ...

क्या आपको भी आ रही है लड़कों जैसी 'दाढ़ी-मूंछ', तो करें ये ...

क्या आपको भी आ रही है लड़कों जैसी 'दाढ़ी-मूंछ', तो करें ये उपाय
चेहरे पर कील-मुंहासे व दाग-धब्बे जितने खराब लगते हैं, उतने ही छोटे-छोटे बालों का चेहरे पर ...