कश्मीर में ताबड़तोड़ हमले, नए आतंकियों के घुसने की खबरें

सुरेश एस डुग्गर| पुनः संशोधित मंगलवार, 12 जून 2018 (20:14 IST)
श्रीनगर। कश्मीर में आतंकियों के तीबड़तोड़ हमलों में के दो जवान शहीद हो गए हैं। दस जवानों समेत 12 लोग जख्मी भी हुए हैं। ताजा हमलों के बाद कश्मीर में हाई अलर्ट जारी किया गया है क्योंकि खबरें कहती हैं कि ताजा घुसे आतंकी के बचे हुए दिनों में कहर बरपाना चाहते हैं। आतंकवाद की तीन अलग अलग घटनाओं में जम्मू कश्मीर पुलिस के दो जवान शहीद हो गए और सीआरपीएफ के दस जवानों समेत 12 लोग घायल हो गए।
पिछले वर्ष इसी रात जामिया मस्जिद के बाहर सिविल ड्रेस में तैनात पुलिस उपाधीक्षक मोहम्मद अयूब पंडित की भीड ने पीट पीट कर हत्या कर दी थी। आतंकवादियों के ये हमले मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के उस बयान के कुछ घंटों बाद आए हैं जिनमें उन्होंने कहा था कि की यह राजनीतिक प्रकिया राज्य के जमीनी हालात में सुधार के बाद ही आगे बढ़ाई जा सकती है। उन्होंने कहा था कि आप रोजाना होने वाली घटनाओं के आधार पर देख सकते हैं कि ग्रेनेड हमले हो रहे हैं, सुरक्षा बलों को निशाना बनाया जा रहा है और उनके हथियार छीने जा रहे हैं। वातावरण और बदतर हो गया है।
पुलिस ने बताया कि मंगलवार को तड़के साढ़े तीन बजे पुलवामा के न्यूकोर्ट कांपलेक्स की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों पर आतंकवादियों ने हमला किया। इस दौरान कश्मीर घाटी में लोग शब ए कद्र की नमाज में व्यस्त थे। पुलिसकर्मियों ने इसका करारा जवाब दिया और आतंकवादियों की गोलीबारी में तीन जवान घायल हो गए।

जब इन जवानों को अस्पताल ले जाया जा रहा था तो स्थानीय लोगों ने उन पर पथराव करना शुरू कर दिया। इसके बाद जवानों गुलाम रसूल और गुलाम हसन को अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें लाए जाने पर मृत घोषित कर दिया। ये दोनों उत्तर कश्मीर के रहने वाले थे और तीसरे जवान की हालत गंभीर बनी हुई है।
सूत्रों ने बताया कि आतंकी जवानों के हथियार भी छीन कर फरार हो गए। इस घटना में जैशे मुहम्मद का हाथ माना जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि पुलिसकर्मियों पर पथराव करने वालों की पहचान कर ली गई है।

अधिकारियों ने बताया कि अनंतनाग जिले में जंगलात मंडी क्षेत्र में तड़के आतंकवादियों ने सीआरपीएफ के एक गश्ती दल पर ग्रेनेड फेंके जिसमें कम से कम दस जवान घायल हो गए। इलाके में काफी सुरक्षा थी लेकिन आतंकवादी अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गए। इसकी आवाज पूरे शहर में सुनाई दी और नमाज अता कर रहे लोगों में दहशत फैल गई।
अनंतनाग में सोमवार देर रात एक अन्य घटना में एक जवान घायल हो गया। जिले के वेरिनाग में सुरक्षा बलों के शिविर पर आतंकवादियों ने ग्रेनेड फेंका और बाद में गोलीबारी भी की। घायल जवान को अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। सुरक्षा बलों ने भी इसका करारा जवाब दिया, लेकिन आतंकवादी बच निकलने में कामयाब रहे।

अधिकारियों के अनुसार कश्मीर में साल के पहले पांच माह के दौरान 71 आतंकियों व 48 आम नागरिक मारे गए, जबकि 35 सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए। संबंधित अधिकारियों ने बताया कि मई में रमजान के दौरान युद्धविराम के चलते अप्रैल की तुलना में मामूली गिरावट आई। अधिकारियों ने बताया कि पांच महीने में मारे गए 48 आम नागरिकों में छह उत्तरी कश्मीर के हाजिन में आतंकियों के हाथों मारे गए, जबकि तीन नागरिक बारामुला में मारे गए हैं। अधिकांश नागरिक सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ के दौरान क्रॉस फायरिंग की चपेट में आकर मारे गए हैं।
केंद्र द्वारा शांति बहाली के लिए रमजान माह के दौरान एकतरफा संघर्षविराम किए जाने के बावजूद कश्मीर के भीतरी इलाकों में आतंकी हिंसा में लगभग 30 फीसद की बढ़ोतरी हुई है। इस दौरान दक्षिण कश्मीर में कम से कम 10 लड़कों ने आतंकी संगठनों का दामन भी थामा है। इनमें एक आईपीएस अधिकारी का भाई भी शामिल है।

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