आरुषि हत्याकांड: आज जेल से रिहा होंगे तलवार दंपति, जेल में कैसे गुजरी रात...

Last Updated: शुक्रवार, 13 अक्टूबर 2017 (10:24 IST)
देश की सबसे बड़ी मर्डर मिस्ट्री कहे जाने वाले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सबूतों के अभाव में तलवार दंपति को बरी कर दिया है। आरुषि के माता-पिता और आज शाम तक जेल से रिहा हो सकते हैं।
फैसले के बाद तलवार दंपति खुश नजर आए। गुरुवार रात को दोनों ने पूड़ी-सब्जी खाई और शुक्रवार सुबह चाय-दलिया का नाश्ता किया। दोनों करीब रात 11 बजे सोए थे।

शुक्रवार तक आदेश की कॉपी जिला अदालत में आ सकती है। आदेश पहुंचने के बाद अदालत से शुक्रवार देर शाम जेल प्रशासन को रिहाई परवाना भेजा जाएगा। इसके बाद डॉ. राजेश तलवार और उनकी पत्नी डॉ. नूपुर तलवार की जेल से रिहाई होगी।

गौरतलब है कि 15-16 मई 2008 की रात सेक्टर-25 के एल-32 नंबर के फ्लैट में
डॉ. राजेश तलवार और डॉ. नूपुर तलवार की 14 वर्षीय बेटी आरुषि तलवार की हत्या हो गई थी। 16 मई की सुबह आरुषि का शव
बेडरूम में मिला था। घटना के बाद से घर में काम करने वाला हेमराज गायब था, जिस कारण आरुषि की हत्या का शक हेमराज पर जा रहा था।

पुलिस कयास लगा रही थी कि आरुषि की हत्या कर हेमराज फरार हो गया, लेकिन 17 मई की सुबह एल-32 मकान की छत से पुलिस को हेमराज की लाश मिल गई। इसके बाद मामला पूरी तरह से उलझ गया।





मामला हाईप्रोफाइल होने के कारण राज्य पुलिस ने प्रकरण की जांच एसटीएफ के हवाले कर दी थी, लेकिन विरोध प्रदर्शन और तलवार दंपति की मांग को देखते हुए सरकार ने जून 2008 में आरुषि-हेमराज हत्याकांड की जांच सीबीआई के हवाले कर दी।



जांच के बाद सीबीआई ने अपनी फाइनल रिपोर्ट में कहा था कि आरुषि-हेमराज मर्डर केस में परिस्थितिजन्य साक्ष्य डॉ. राजेश और डॉ. नूपुर के खिलाफ है, लेकिन पुख्ता सबूत न होने के कारण उन्हें दोषी नहीं ठहराया जा सकता है।

इस रिपोर्ट पर सीबीआई की विशेष अदालत ने जांच अधिकारियों को फटकार लगाई और जो भी साक्ष्य उपलब्ध हैं, उसे कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया। आखिर में, सीबीआई की विशेष अदालत ने तलवार दंपति को बेटी और नौकर हेमराज के कत्ल के आरोप में उम्रकैद की सजा सुना दी। इस फैसले को तलवार दंपति ने हाईकोर्ट में चुनौति दी जहां से उन्हें गुरुवार को बरी कर दिया गया।

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