अलवर घटना के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ हो कड़ी कार्रवाई : राहुल

नई दिल्ली| Last Updated: गुरुवार, 6 अप्रैल 2017 (16:57 IST)
नई दिल्ली। राजस्थान के में गोरक्षकों द्वारा कथित रूप से के पशुओं को ले जाते हुए व्यक्तियों की पिटाई से घायल एक व्यक्ति की उपचार के दौरान मौत की घटना को बुधवार को कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कानून एवं व्यवस्था बिगड़ने की स्तब्ध करने वाली घटना बताया तथा इस क्रूर एवं विवेकहीन हमले के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग की।
राहुल ने बुधवार को इस घटना के बारे किए गए विभिन्न ट्वीट में सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि जब सरकार अपना दायित्व त्याग देती है और पीट-पीटकर मार देने वाली भीड़ को शासन करने की अनुमति दे देती है तो इसी तरह की विकट त्रासदियां होती हैं।

इस घटना पर कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि इस क्रूर और विवेकहीन हमले के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सरकार कड़ी कार्रवाई करेगी। राहुल ने कहा कि सभी सही सोचने वाले भारतीयों को इस अंध बर्बरता की भर्त्सना करनी चाहिए।
उल्लेखनीय है कि राजस्थान पुलिस के अनुसार 4 वाहनों में अवैध रूप से गोवंश को हरियाणा की ओर ले जाने की सूचना मिलने पर बहरोड के निकट वाहनों को रोककर उसमें सवार 10 लोगों को उतारकर हिन्दूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने कथित मारपीट की और गोवंश को मुक्त कर दिया तथा मारपीट में हरियाणा के नूंह निवासी पहलू खां (50) समेत 4 लोग घायल हो गए थे। उन्होंने बताया कि पहलू खां ने सोमवार रात को उपचार दौरान दम तोड़ दिया था।

रिपोर्ट पेश करें : राजस्थान के अलवर जिले में बहरोड़ में गौरक्षकों द्वारा एक मुस्लिम की कथित रूप से पिटाई के बाद हुए मौत को लेकर विपक्ष ने राज्यसभा में जबरदस्त हंगामा किया जिसके कारण करीब आधे घंटे तक शोर-शराबा होता रहा।

संसदीय कार्य मंत्री मुख़्तार अब्बास नकवी ने ऐसी किसी घटना के होने से इनकार किया और अख़बारों की रिपोर्ट को गलत बताया। इससे विपक्षी दल और भड़क गए और शोर मचाने लगे तब उप सभापति पीजे कुरियन ने श्री नकवी को कहा कि वह इस घटना से गृहमंत्री राजनाथ सिंह को अवगत कराएँ और इस बारे में एक रिपोर्ट मांगे ताकि इस घटना की सत्यता का पता चले।
सदन की कार्यवाही शुरू होने पर पहले समाजवादी पार्टी के नरेश अग्रवाल ने सोशल मीडिया पर सांसदों की छवि बिगड़ने का मुद्दा उठाया। उसके बाद कांग्रेस के मधुसूदन मिस्त्री ने अलवर जिले में एक
मुस्लिम की गौ रक्षकों द्वारा कथित रूप से पिटाई से मौत का मुद्दा उठाने की कोशिश की लेकिन श्री कुरियन ने उन्हें इस मुद्दे को उठाने की अनुमति नहीं दी।

कुरियन ने कहा कि इस मुद्दे पर नियम 267 के तहत चार लोगों ने नोटिस दिया है लेकिन वह नोटिस मंज़ूर नहीं हुआ है और मिस्त्री को शून्यकाल में इस मुद्दे को उठाने की अनुमति दी गई है इसलिए वे शून्यकाल में ही इस मुद्दे को उठाएं लेकिन मिस्त्री नहीं माने। वे बार-बार इस मुद्दे को उठाने लगे। इस बीच सदन में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आज़ाद ने कहा कि श्री मिस्त्री के नियम 267 के तहत दिए गए नोटिस को या तो मंज़ूर किया जाये या फिर छः सात लोगों को इस मुद्दे पर बोलने की अनुमति दी जाए। (भाषा)

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