पेट्रोल और डीजल के दाम घटे

Last Updated: मंगलवार, 3 अक्टूबर 2017 (21:19 IST)
नई दिल्ली। सरकार के पेट्रोल और पर लगने वाले उत्पाद शुल्क में दो रुपए प्रति लीटर की कटौती करने के निर्णय से अब ये दोनों पेट्रोलियम उत्पाद बुधवार से सस्ते हो जाएंगे। इस कटौती से एक वर्ष में 26 हजार करोड़ रुपए का सरकारी राजस्व घटेगा, जबकि चालू वित्त वर्ष की शेष अवधि में 13 हजार करोड़ रुपए का राजस्व घटेगा।
वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि वैश्विक स्तर तेल की कीमतों में हो रही बढ़ोतरी के कारण घरेलू स्तर पर पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों के बढ़ने से आम लोगों को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। यह कटौती ब्रांडेड और गैर ब्रांडेड दोनों तरह के उत्पादों के लिए है।

उसने कहा कि इन दोनों उत्पादों पर बेसिक उत्पाद शुल्क में दो रुपए प्रति लीटर की कमी की जा रही है जो चार अक्टूबर से प्रभावी होगी। इस कटौती से एक वर्ष में 26 हजार करोड़ रुपए का सरकारी राजस्व घटेगा, जबकि चालू वित्त वर्ष की शेष अवधि में 13 हजार करोड़ रुपए का राजस्व घटेगा।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतों में बढ़ोतरी होने से दो अक्टूबर 2017 को राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत बढ़कर 70.83 रुपए प्रति लीटर और डीजल 59.07 रुपए प्रति लीटर पर हो गया था। तेल की कीमतें बढ़ने का असर महंगाई पर हो रहा है इससे महंगाई भी बढ़ रही है।

तेल विपणन कंपनियां अब प्रतिदिन इन दोनों प्रमुख उत्पादों की कीमतों की समीक्षा करती है और उसी के अनुरूप इनके दाम घटते बढ़ते हैं। हालांकि पिछले कुछ महीने से लगातार इसकी कीमतों में बढ़ोतरी होने और पेट्रोल के मूल्य के 70 रुपए प्रति लीटर के पार पहुंचने पर राजनीतिक दलों ने इसका विरोध किया था।
हालांकि इसके बाद वित्तमंत्री अरुण जेटली और तेल मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा था कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशेष कर अमेरिका में आए भीषण तूफान की वजह से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतें बढ़ी है और उसका असर घरेलू स्तर पर भी हुआ है। दोनों मंत्रियों ने आगे पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तीव्र बढ़ोतरी नहीं होने की संभावना जताई थी। (वार्ता)

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