यूजेसी बोला, उसके हाईवे स्‍क्‍वॉड ने किया पठानकोट में हमला

श्रीनगर| Author सुरेश एस डुग्गर|
श्रीनगर। फिदायीन हमले के तीसरे दिन 13 कश्मीरी आतंकी गुटों के संगठन (यूजेसी) ने हमले की जिम्मेदारी ली है। इस हमले की जिम्मेदारी संगठन के प्रमुख सईद सलाहुद्दीन ने ली है। उसने इस दौरान कहा है कि पंजाब में हुआ हमला संगठन के हाईवे स्‍क्‍वॉड के कश्मीरी मिलिटेंट्स ने किया है। 
इससे पहले यह कहा जा रहा था कि आतंकी हमले के पीछे जैश-ए-मुहम्मद है। हालांकि सुरक्षा एजेंसियां अभी भी इस दावे पर अड़ी हुई हैं कि हमले को उस जैश-ए-मुहम्मद केआतंकियों ने अंजाम दिया है जिसने 1999 में कारगिल युद्ध के बाद कश्मीर में मानव बम हमलों और फिदायीन हमलों की शुरुआत की थी। इस बीच पठानकोट में 70 घंटे के बाद एक और आतंकी को मार गिराने का दावा किया जा रहा है जबकि इस हमले में सात सुरक्षाधिकारी शहादत पा चुके थे।
 
जानकारी के लिए यूनाइटेड जेहाद काउंसिल 13 आतंकी संगठनों का एक ग्रुप है जिसमें हिजबुल मुजाहिदीन प्रमुख संगठन है। यूजेसी के प्रवक्ता के अनुसार, हर हमले के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराकर भारत हर बार कश्मीर की आजादी के संघर्ष को खराब करने में असफल रहा है और भविष्य में भी सफल नहीं होगा। कश्मीर में आतंकी भारतीय सेना से पिछले 27 सालों से लड़ रहे हैं, इस दौरान भारत ने हरसंभव कोशिश करते हुए कश्मीर आंदोलन को कुचलने की कोशिश की है।
 
प्रवक्ता का कहना था कि पठानकोट एयरबेस पर हमले के माध्यम से कश्मीर के मुजाहिदीनों ने संदेश दिया है, उनके पहुंच से कोई भी सुरक्षा संस्थान दूर नहीं है। पाकिस्तान पर आरोप लगाने की बजाय भारत दीवारों पर लिखी बातें पढ़े और बिना कोई वक्त गंवाए कश्मीरियों को उनके भविष्य का निर्णय लेने दे।
 
उधर, पठानकोट एयरबेस में भारतीय सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच 70 घंटे के बाद भी मुठभेड़ जारी है। भारतीय सेना ने अभी तक 5 आतंकियों को ढेर कर दिया। भारतीय सेना को आशंका है कि अभी भी एयरबेस में 2 आतंकी मौजूद हैं। यहां पर रुक-रुककर फायरिंग की आवाज सुनाई दे रही है।
 
आज इस हमले में शामिल 5वें आतंकी को मौत की नींद सुला दिया गया है। सेना ने कैंटीन एरिया की उस बिल्डिंग को गिरा दिया, जिसमें यह आतंकी छुपा हुआ था।
इसमें भारतीय सुरक्षाबलों ने भी 7 अधिकारी खोए हैं। इनमें में शहीद हुए वीर जवानों के नाम हैं- लेफ्टिनेंट कर्नल निरंजन ई कुमार, कैप्टन फतेह सिंह, कांस्टेबल गुलवंत सिंह, कांस्टेबल जगदीश सिंह, कांस्टेबल संजीव कुमार, कांस्टेबल गुरसेवक और कमांडो करतार सिंह।
 
वायुसेना के अड्डे के भीतर और आसपास के इलाकों में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान जारी है। इस अभियान में राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी), वायुसेना, अर्ध सैनिक बल और पंजाब पुलिस सहित अन्य सुरक्षा एजेंसियां शामिल हैं। वायुसेना के हेलीकॉप्टर भी इस अभियान में शामिल हैं। 

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