प्रधानमंत्री को ‘नीच आदमी’ बताने के कारण मणिशंकर अय्यर कांग्रेस से निलंबित

Last Updated: गुरुवार, 7 दिसंबर 2017 (22:20 IST)
नई दिल्ली-सूरत। नेता मणिशंकर अय्यर ने आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को ‘नीच आदमी’ बताकर और उनमें कोई ‘सभ्यता नहीं’ होने का आरोप लगाकर एक नया राजनीतिक विवाद पैदा कर दिया, जिसे मोदी ने गुजरात का अपमान तथा ‘मुगल मानसिकता’ का प्रतीक बताकर पलटवार किया। कांग्रेस ने इस बयान के कारण अय्यर को कारण बताओ नोटिस जारी किया और उन्हें पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबत कर दिया।

गुजरात विधानसभा चुनाव के प्रथम चरण के प्रचार के अंतिम दिन अय्यर की इस टिप्पणी से राजनीतिक पारा गरमाने के बीच कांग्रेस ने अय्यर को कारण बताओ नोटिस जारी किया और उनकी प्राथमिक सदस्यता को निलंबत कर दिया।

पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा, ‘यही है कांग्रेस का गांधीवादी नेतृत्व और विरोधी के प्रति सम्मान की भावना’। उन्होंने कहा कि क्या प्रधानमंत्री भी यह साहस दिखाएंगे। इससे पहले कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के कड़े रूख के बाद मणिशंकर अय्यर ने अपने हिन्दी भाषी न होने की ओर ध्यान दिलाते हुए इस शब्द के प्रयोग के लिए माफी मांग ली।

कांग्रेस ने अपनी ही पार्टी के एक वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ की गई अभद्र टिप्पणी को सिरे से खारिज करते हुए आज कहा कि इसके लिए अय्यर को सार्वजनिक तौर पर माफी मांगनी चाहिए।

पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि वह अय्यर के इस ‘लहजे और भाषा’ को पसंद नहीं करते। अय्यर ने प्रधानमंत्री मोदी के संविधान निर्माता डॉ. बीआर अंबेडकर के बारे में एक बयान पर प्रतिक्रिया जताते हुए कहा, ‘ये बहुत नीच किस्म का आदमी है। इसमें कोई सभ्यता नहीं है और ऐसे मौके पर इस किस्म की गंदी राजनीति करने की क्या आवश्यकता है?’

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल ने अय्यर की टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि वह एवं कांग्रेस, दोनों उम्मीद करते हैं कि अय्यर इस टिप्पणी के लिए माफी मांगेंगे। राहुल ने ट्वीट कर कहा, ‘भाजपा एवं प्रधानमंत्री कांग्रेस पार्टी पर हमला करने के लिए नियमित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हैं। कांग्रेस की अलग संस्कृति और विरासत है।

प्रधानमंत्री को संबोधित करने के लिए मणिशंकर अय्यर द्वारा इस्तेमाल किए गए लहजे और भाषा को मैं पसंद नहीं करता हूं। कांग्रेस और मैं, दोनों उनसे यह उम्मीद करते हैं कि उन्होंने जो कुछ कहा, उसके लिए वह माफी मांगेंगे।’

अय्यर ने कहा कि उन्होंने जो कहा वह अंग्रेजी शब्द ‘लो (निम्न)’ का हिंदी अनुवाद है जो उनकी भाषा नहीं है। किंतु प्रधानमंत्री ने जिस तरह से इस शब्द का गलत अर्थ ‘‘नीची जाति’’ के रूप में निकाला तो इसके लिए वह माफी मांगते हैं।

उन्होंने कहा, ‘मुझे बताया गया कि ‘नीच’ के हिन्दी में कई अर्थ और कई मायने हैं और यदि मोदी इसे विकृत कर यह दावा करे कि इसका अर्थ नीची जाति में पैदा होना है तो मैं सिर्फ यही कर सकता हूं कि मैं ऐसे शब्द के प्रयोग के लिए माफी मांगता हूं, जिसका अर्थ नीची जाति के रूप में किया जा सकता है। किन्तु मेरी ऐसी मंशा बिल्कुल भी नहीं थी और निश्चित तौर पर यह संस्कृति का अंग नहीं है।’

अय्यर ने कहा, ‘लिहाजा इस शब्द के गलत अर्थ निकाले जाने के लिए मैं माफी मांगता हूं विशेषकर चूंकि इससे गुजरात में कांग्रेस पार्टी के हितों को नुकसान पहुंचेगा।’ उन्होंने कहा कि हिन्दी उनकी भाषा नहीं है तथा अंग्रेजी शब्द ‘लो’ के अनुवाद में गलती हो सकती है। ‘मेरी मंशा उनके परिवार के बारे में बात करने की नहीं थी।’

साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी ने विगत में उनके शब्दों को गलत ढंग से पेश किया। उन्होंने यह दावा किया कि 2014 चुनाव से पहले उन्होंने कभी ‘चायवाला’ शब्द का इस्तेमाल नहीं किया था।

एक राष्ट्रीय चैनल पर जब अय्यर से यह बार बार पूछा गया कि क्या वह मोदी को नीच बताने के लिए माफी मांग रहे हैं, तो कांग्रेसी नेता ने कहा, ‘क्या मैं ‘लो’ शब्द के लिए माफी मांगू? नहीं। क्या मुझे उस शब्द के लिए माफी मांगनी चाहिए, जिसका अनुवाद ‘नीची जाति’ के रूप में किया गया?’ निश्चित तौर पर हां।’

अय्यर ने कहा कि उनसे एक कार्यक्रम में मोदी द्वारा कांग्रेस की आलोचना के बारे में पूछा गया था। ‘मेरे अधिकतर जवाब कांग्रेस पार्टी एवं डॉ. अंबेडकर के बारे में की गयी मोदी की बहुत, बहुत तीखी टिप्पणियों को लेकर थे और मैंने ‘नीच’ शब्द का उपयोग किया।’

अय्यर की इस विवादास्पद टिप्पणी पर पटलवार करते हुए प्रधानमंत्री ने सूरत में कहा, ‘श्रीमान मणिशंकर अय्यर ने आज कहा कि मोदी नीच जाति का है और नीच है। क्या यह गुजरात का अपमान नहीं है?’ प्रधानमंत्री ने कहा, ‘यह मुगल मानसिकता है कि यदि इस तरह (मामूली पृष्ठभूमि वाला) का व्यक्ति गांव में अच्छे कपड़े पहने तो उन्हें समस्या होने लगती है।’

मोदी ने भाजपा कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों से कहा कि वे अय्यर की टिप्पणी का जवाब नहीं दें। उन्होंने कहा, ‘एक बुद्धिमान कांग्रेस नेता द्वारा मुझे नीच कहे जाने पर मुझे कुछ भी नहीं कहना है। यह कांग्रेस की मानसिकता है। उनके पास उनकी भाषा है और हमारे पास हमारा काम। लोग उन्हें मतपेटी के माध्यम से जवाब देंगे।’

उन्होंने कहा, ‘आप हमें गधा कहें, आप हमें गंदी नाली का कीड़ा बुलाए, आप हमें मौत का सौदागर कहें, आप मुझे नीच जाति का और नीच बताएं। किन्तु हम अपने संस्कारों के अनुसार चलेंगे।’

इससे पहले राजधानी में बीआर अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र के उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने आज नेहरू-गांधी परिवार पर परोक्ष निशाना साधा।

उन्होंने कहा कि बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के जाने के बरसों बाद तक राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को मिटाने के प्रयास किए जाते रहे लेकिन जिस ‘परिवार’ के लिए ये सब किया गया, उस परिवार से कहीं ज्यादा लोग आज बाबा साहेब से प्रभावित हैं।

राहुल गांधी पर तंज कसते हुए मोदी ने कहा कि आजकल कुछ लोगों को ‘बाबा साहब’ नहीं बल्कि ‘बाबा भोले’ याद आ रहे हैं। प्रधामनंत्री के इसी बयान को लेकर अय्यर ने यह विवादास्पद टिप्पणी की थी।

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने भी अय्यर की इस विवादास्पद टिप्पणी को लेकर कहा कि यह एक ऐसी मानसिकता को दर्शाता है, जिसमें एक कुलीन परिवार ही शासक हो सकता है तथा बाकी सभी ‘नीच’ हैं।’

जेटली ने कहा, ‘कांग्रेस ने प्रधानमंत्री को ‘नीच’ कहकर भारत के कमजोर एवं पिछड़े वर्गों को चुनौती दी है। जब एक मामूली पृष्ठभूमि का व्यक्ति वंशवाद एवं उसके प्रतिनिधियों को राजनीतिक रूप से पराजित करता है तो भारत के लोकतंत्र की ताकत का पता चलता है।’

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि अय्यर द्वारा प्रधानमंत्री को ‘नीच’ बताए जाने से वह न तो स्तब्ध हैं और न ही उन्हें कोई हैरानी हो रही है। शाह ने ट्वीट कर कहा, ‘देश के दलित, पीड़ित, शोषित, वंचित और गरीब वर्ग के प्रति कांग्रेस में शुरू से ही घृणा रही है। आज जब यह वर्ग विकास कर रहा है, आगे बढ़ रहा है, तब कांग्रेस की यह घृणा बौखलाहट बनकर असभ्य भाषा के रूप में बाहर आ रही है।’

उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा, ‘यमराज, मौत का सौदागर, रावण, गंदी नाली का कीड़ा, बंदर, रैबीस का शिकार, वायरस, भस्मासुर, गंगू तेली एवं गुंडा। यह वे कुछ शब्द और वाक्यांश हैं, जो कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लिए विगत में प्रयुक्त किए हैं। कुछ बहुत ज्यादा नहीं बदला है। हम उनकी बेहतरी की कामना करते हैं। हम 125 करोड़ भारतीयों की सेवा करते रहेंगे।’

अय्यर अपनी विवादास्पद टिप्णियों के कारण विगत में भी कई बार चर्चाओं में रहे थे। 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले उन्होंने भाजपा के प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशी मोदी को ‘चायवाला’ बताया था।

उनकी इस टिप्पणी को लेकर मोदी ने चुनावी सभाओं में कांग्रेस पर तीखे प्रहार किए थे और कांग्रेस को आम चुनावों में करारी शिकस्त दी थी।

अय्यर ने 1998 में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को भी ‘नालायक’ बताया था। इसका कड़ा विरोध होने पर बाद में उन्होंने माफी मांग ली थी। (भाषा)

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