भारत बनेगा तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था : पनगढ़िया

मुंबई| पुनः संशोधित शनिवार, 18 जुलाई 2015 (19:54 IST)
मुंबई। के उपाध्यक्ष अरविन्द पनगढ़िया ने विश्वास जताया है कि विकास आधारित नीतियों पर आगे बढ़ते रहने से भारतीय अर्थव्यवस्था अगले 15 साल या उससे भी कम समय में 8000 अरब तक पहुंच सकती है और यह दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकती है।
पनगढ़िया ने शुक्रवार को यहां छठे आरके तलवार स्मृति व्याख्यान में कहा, 15 साल से भी कम समय में हमारी अर्थव्यवस्था में दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की संभावनाएं बहुत प्रबल हैं। विकास, गरीबी एवं आर्थिक बदलाव विषय पर यह व्याख्यान इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग एंड फाइनेंस ने आयोजित किया था।

तलवार को भारतीय स्टेट बैंक का सबसे सफल चेयरमैन माना जाता है। उन्होंने 1969 से 1976 तक बैंक का नेतृत्व किया था। विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) सहित कई विश्लेषक यह अनुमान व्यक्त कर चुके हैं कि अमेरिका और चीन के बाद भारत तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है। वर्ष 2030 तक भारत की जीडीपी 10000 अरब डॉलर तक पहुंच सकती है।
पनगढ़िया ने कहा, वर्ष 2003-04 से 2012-13 के दशक के दौरान रुपए में आई वास्तविक मजबूती पर यदि गौर किया जाए तो डॉलर के लिहाज से हमने सालाना 10 प्रतिशत की वृद्धि हासिल की।

उन्‍होंने कहा, इस रफ्तार से हम 2014-15 के दाम पर मौजूदा 2000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था को अगले 15 साल अथवा इससे भी कम समय में 8000 अरब डॉलर तक पहुंचा सकते हैं, इसके साथ ही हम दुनिया की तीसरे नंबर की अर्थव्यवस्था जापान से आगे निकल सकते हैं। वर्ष 2003-04 से लेकर 2012-13 के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था 8.3 प्रतिशत की अच्छी रफ्तार से आगे बढ़ी थी।

पनगढ़िया ने कहा, यही वह दौर था जब गरीबी रेखा से नीचे जीवन-यापन करने वाले लोगों की संख्या में सबसे अधिक कमी आई। पनगढ़िया ने कहा कि वर्तमान सरकार की नीतियों पर आगे बढ़ते हुए आने वाले वर्षों में इतनी अथवा इससे भी ऊंची वृद्धि हासिल की जा सकती है। (भाषा)


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