केरल में बाढ़ से अब शादियों में सोने की मांग पर खतरा, 50 फीसदी तक गिर सकती है खरीदी

Author आकांक्षा दुबे|
केरल में सदी की सबसे भयावह बाढ़ से सोने के कारोबार पर भी खतरा मंडराने लगा है। अक्सर राज्य में ओणम पर सोने की अच्छी मांग रहती है लेकिन इस बार बाढ़ की वजह से पूरा कारोबार फीका रहा।
अब ऐसी आशंका है कि अगले महीने होने वाली शादियों में भी आपदा का असर बना रह सकता है और सोने की मांग 50 फीसदी तक गिर सकती है। बता दें कि भारत में सबसे ज्यादा केरल में सोना खरीदा जाता है। यहां हर शादी समारोह के लिए लोग 200 ग्राम से एक किलो तक सोना खरीदते हैं।
बी गोविंदन, ऑल इंडिया केरल गोल्ड एंड सिल्वर मर्चेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष ने एक अंग्रेजी वेबसाइट को बताया राज्य में करीब 60 से 70 फीसदी आभूषण निर्माता बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। फैक्टरियों में भी पानी भर गया है। कई श्रमिक बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फंसे हुए हैं जिसके चलते उनका वर्कशॉप जाना मुश्किल हो गया है।

मदद के लिए आगे आए आभूषण निर्माता : केरल में कई नामी आभूषण निर्माता बाढ़ग्रस्त इलाकों में मदद के लिए आगे आए हैं। कई ब्रांड्स यहां पैकेज फूड, पीने का पानी और अन्य मूलभूत चीज़ें लोगों को मुहैया करवा रही है। कुछ ब्रांड्स ने तो अपने कर्मचारियों को ही मरम्मत कार्य मे तैनात कर दिया है।

गोदामों में रखा सामान खराब : नारियल, रबर, चाय, मसालों की फसल, इलाइची, काजू, काली मिर्च का कारोबार और पैदावार सबसे ज्यादा प्रभावित हुई। कोच्चि हवाई अड्डे के बंद होने से निर्यात और पर्यटन उद्योग प्रभावित हुआ। निर्यात के लिए गोदामों में रखा सामान खराब हो गया।

इलाइची, काली मिर्च का उत्पादन प्रभावित : केरल में इलाइची उत्पादन की शुरुआत ही हुई थी लेकिन अब बाढ़ की वजह से इस सीजन में कुल उत्पादन 30 से 40 फीसदी तक गिरने की आशंका है। वहीं, काली मिर्च का अगले सीजन में उत्पादन 40 से 50 फीसदी तक कम होने की आशंका है।

रबर : भारत का 85 फीसदी रबर उत्पादन केरल में ही होता है। बाढ़ के चलते यहां कई बड़ी कंपनियों के प्लांट बंद हो गए हैं।

कॉफी :
केरल का भारत मे कॉफी उत्पादन में हिस्सा 20.8 फीसदी है। इससे 44 हजार लोगों को रोजगार मिलता है। बाढ़ से अब उत्पादन प्रभावित हो गया है। इससे अब कॉफी की कीमतें तो बढ़ेंगी ही साथ ही भारत का 2018-19 का कॉफी उत्पादन भी 20 फीसदी तक प्रभावित होगा।
तथ्यों पर एक नज़र
- 400 रुपए प्रति व्यक्ति का यहां हर महीने आभूषणों पर खर्च।(स्रोत: भारत सरकार सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय 2011-12 का सर्वे)
- 20 फीसदी कॉफी, इलाइची, रबर और काली मिर्च का राज्य की आय में हिस्सा।
- 305 रुपए प्रति किलो था काली मिर्च का भाव।भीषण बारिश के बाद यह बढ़कर 405 रुपए प्रति किलो पहुंच गया।
- 1 हजार रुपए प्रति किलो था इलाइची का भाव। अब 1,260 से 1,280 रुपए प्रति किलो पहुंच गया।
- ऑटो उद्योग में 1 हजार करोड़ रुपए की इनवेंट्री खराब।
- बैंकिंग सेवाओं पर बहुत ज्यादा असर नहीं होगा क्योंकि ज्यादातर सर्विस सेक्टर और एनआरआई डिपॉजिट को सेवाएं देते हैं।
आगे क्या होगा :
- इंश्योरेंस मुआवजा एक हजार से दो हजार करोड़ रुपए पहुचने का अनुमान। कई कंपनियां 24 घंटे के अंदर ही मुआवजा देने का प्रयास कर रही हैं।
- केरल में चाय, कॉफी, मसाले और रबर की पैदावार पर 40 फीसदी तक असर हो सकता है जिससे आगे इनकी क़ीमतें बढ़ने की आशंका है।
- दिसंबर में तैयार होने वाली फसल भी होगी प्रभावित।
- राज्य को पूरी तरह पटरी पर आने में चार से छह महीने लग सकते हैं।


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