जो कमाल पीटी ऊषा और मिल्खासिंह भी नहीं कर पाए वो कर दिखाया है 18 साल की हिमा दास ने...

पुनः संशोधित शुक्रवार, 13 जुलाई 2018 (13:56 IST)
भारत की 18 वर्षीय एथलीट ने इतिहास रचते हुए फिनलैंड के टैम्पेयर शहर में आयोजित IAAF विश्व अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप (IAAF World U20 Championships) की 400 मीटर दौड़ में गोल्ड मेडल जीता है। हिमा ने इस दौड़ को 51.46 सेकंड में खत्म कर गोल्ड अपने नाम किया।
जानें वर्ल्ड चैपियन बारे में खास बातें : उल्लेखनीय है कि हिमा विश्व स्तर पर ट्रैक स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी हैं। इससे पहले भारत के किसी भी जूनियर या सीनियर महिला या पुरुष खिलाड़ी ने विश्व चैंपियनशिप में गोल्ड नहीं जीता है।

सबसे बड़ी बात है कि फ्लाइंग सिख के नाम से मशहूर और पीटी उषा भी यह कारनामा नहीं कर पाए थे।

धान के खेतों से निकली है नई उड़नपरी : हिमा दास असम के नगांव जिले के धिंग गांव की रहने वाली हैं। 18 साल की हिमा एक साधारण किसान परिवार से आती है। पिता चावल की खेती करते हैं और वह परिवार के 6 बच्चों में सबसे छोटी है।.
फुटबॉल प्लेयर बनना चाहती थी हिमा, पहले लड़कों के साथ फुटबॉल खेलती थीं और एक स्ट्राइकर के तौर पर अपनी पहचान बनाना चाहती थीं। 2 साल पहले ही रेसिंग ट्रैक पर कदम रखा था और कोच निपोन दास ने प्रतिभा पहचान कर तराशा।

हिमा के कोच मानते है कि हिमा ने बेहद कड़े प्रशिक्षण के बाद यह उपलब्धि हासिल की। एथलीट बनने के लिए हिमा को अपना परिवार छोड़कर लगभग 140 किलोमीटर दूर आकर रहना पड़ा था।

इसके पहले भी अप्रैल में गोल्ड कोस्ट में खेले गए कॉमनवेल्थ खेलों की 400 मीटर की स्पर्धा 51.32 सेकंड में पूरी कर हिमा दास ने छठा स्थान हासिल किया था।

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