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विपक्ष के राष्ट्रपति उम्मीदवार निशाने पर, किया था याकूब की फांसी का विरोध

पुनः संशोधित सोमवार, 17 जुलाई 2017 (13:10 IST)
यूपीए द्वारा उपराष्ट्रपति चुनाव में गोपालकृष्ण गांधी को उम्मीदवार बनाए जाने पर शिवसेना भड़क गई है। इसके लिए सेना ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पर निशाना साधा है। शिवसेना नेता ने पूछा है कि क्या आप गोपालकृष्ण गांधी को वोट करेंगे, जिन्होंने मुंबई में 1993 में हुए धमाके के दोषी याकूब मेमन की फांसी का विरोध किया था।
 
संजय राउत ने कहा है, 'मैं सोनिया गांधीजी से पूछना चाहता हूं कि नैरो माइंडेड की डेफिनेशन आप बताइए। आपसे मैं एक ही सवाल पूछता हूं। मैडमजी उपराष्ट्रपति चुनाव पद के लिए आपने गोपालकृष्ण गांधी को उम्मीदवार बनाया है। सोनिया गांधी ने किस आधार पर उनको उम्मीदवार बनाया है?'
 
राउत ने आगे कहा, 'गोपाल कृष्ण गांधी ने मुंबई में 1993 में हुए धमाके के दोषी याकूब मेमन की फांसी का विरोध किया था। ऐसे याकूब की फांसी रोकने के लिए गोपाल गांधी ने पूरी ताकत लगा दी थी और राष्ट्रपति को भी लेटर लिखा था और देश के सामने कहा था कि उनकी फांसी रुकनी चाहिए। ऐसे में इस व्यक्ति के उम्मीदवार बनाना सोनिया जी का नैरो माइंड है या बड़ा माइंड है।'
 
18 विपक्षी पार्टियों ने उपराष्ट्रपति पद चुनाव के लिए गोपाल कृष्ण गांधी को अपना उम्मीदवार बनाया है। वह महात्मा गांधी के पड़पोते हैं। गांधी रिटार्यड आईएएस अधिकारी और राजनयिक हैं। साल 2004 से 2009 के बीच वो पश्चिम बंगाल के गवर्नर रहे।
 
गौरतलब है कि आतंकी की फांसी रुकवाने के लिए गोपाल गांधी ने राष्ट्रपति को खत लिखकर यह गुजारिश की थी कि याक़ूब की फांसी की सजा रद्द की जाए। अपनी दलील में गोपालकृष्ण गांधी ने कहा था कि जब याकूब ने भारतीय व्यवस्था के सामने खुद को सुपुर्द किया और उससे कानून से सहयोग की बात भी सामने आई हो तब उसे फांसी दिए जाना ठीक नहीं।
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