प्रधानमंत्री की तस्वीर वाले विज्ञापन हटाने की मांग, कांग्रेस चुनाव आयोग की शरण में

नई दिल्ली| पुनः संशोधित शुक्रवार, 15 मार्च 2019 (14:20 IST)
नई दिल्ली। कांग्रेस ने हवाई अड्डों, रेलवे स्टेशनों और पेट्रोप पंपों पर लगे प्रधानमंत्री की तस्वीर वाले विज्ञापनों के मुद्दे पर शुक्रवार को का रुख किया और कहा कि हर जगह से ऐसे विज्ञापनों को हटा दिया जाना चाहिए।
चुनाव आयोग में पार्टी का पक्ष रखने के बाद कांग्रेस प्रवक्ता आरपीएन सिंह ने कहा कि कांग्रेस ने 10 मार्च को एक प्रतिवदेन चुनाव आयोग को दिया था जिसमें कहा गया था कि चुनाव आचार संहिता लागू होने के बावजूद सरकार प्रधानमंत्री की तस्वीरों वाले विज्ञापन हवाई अड्डों, रेलवे स्टेशनों और पेट्रोप पंपों पर लगा रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पेट्रोल एवं डीजल पर उत्पाद शुल्क के नाम पर सरकार ने हजारों करोड़ रुपए लिए और उसी से वह ये विज्ञापन लगवा रही थी।
सिंह ने कहा, 'चुनाव आयोग ने साफ तौर पर कहा कि उस प्रतिवेदन का संज्ञान लेते हुए हवाई अड्डों, रेलवे स्टेशन और पेट्रोल पंपों पर प्रधानमंत्री की तस्वीर वाले के विज्ञापनों को हटाने का निर्देश दिया है। आयोग ने कहा कि आज रात तक हम रिपोर्ट लेंगे कि क्या कहीं विज्ञापन मौजूद हैं।'

कांग्रेस नेता ने कहा, 'हमने यह भी कहा था कि सरकार के मंत्री कांग्रेस अध्यक्ष और हमारे कुछ नेताओं के बारे में आपत्तिजनक बयान दे रहे हैं। इस बारे में हमने आयोग को अवगत कराया था। आयोग ने इस पर भी कहा कि वीडियो मंगाया गया है। हमारी मांग है कि ऐसे बयान देने वालों को तत्काल नोटिस देकर कार्रवाई की जाए।'
चुनाव प्रचार में सेना के जवानों के पराक्रम का इस्तेमाल किए जाने संबंधी सवाल पर सिंह ने कहा कि इस संदर्भ में चुनाव आयोग ने निर्देश जारी कर रखा है और आशा है कि जवानों के पराक्रम का राजनीतिक इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग से हमने यह भी कहा कि प्रजातंत्र में सबको बराबर का अवसर मिलना चाहिए।

वीवीपैट से जुड़े एक सवाल पर सिंह ने कहा, 'एक व्यक्ति को भी चुनाव पर संदेह होता है तो चुनाव आयोग का यह कर्तव्य बनता है कि वह संदेह दूर करे। जनता को यह विश्वास होना चाहिए कि निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव हो रहा है।' (भाषा)


और भी पढ़ें :