मेरे लिए एक चमत्कार की तरह 'स्टार्टअप इंडिया' में प्रधानमंत्री के साथ संवाद

Narendra Modi

लेखक-पत्रकार की भूमिका के साथ-साथ अब एक स्टार्टअप का डायरेक्टर भी हूं। हालांकि ये प्रयास 100 फीसदी का है। लेकिन उनकी मदद करते करते मैं खुद कब स्टार्टअप की दुनिया का हिस्सा बन गया, पता ही नहीं चला। पिछले कुछ दिन जबरदस्त रोमांच और उत्साह से भरे रहे और आज तो खुशी का ठिकाना नहीं रहा। बेशक ये बिजनेस में बड़े लाभ का रोमांच नहीं है लेकिन आपके स्टार्टअप को मिली एक बड़ी पहचान की खुशी जरूर है।
आप इस खबर से तो वाकिफ होंगे कि प्रधानमंत्री देश के कई स्टार्टअप्स से सीधे संवाद कर रहे हैं। एक पंक्ति में खबर ये कि हमारा स्टार्टअप भी इसके लिए चयनित हुआ है। अब एक स्टार्टअप के नजरिए से यहां तक पहुंचने कि कहानी मैं आपको बताता हूं।

पहले तो सचमुच असंभव-सा लगा कि हजारों स्टार्टअप्स में आपके स्टार्टअप को चुना जाएगा।
पिछले कुछ दिन किसी परीक्षा की तरह बीते। इस परीक्षा में पास होने की खुशी के साथ-साथ एक पत्रकार का फर्ज भी निभाने का मन किया। जो कहानी हमारे स्टार्टअप को प्रधानमंत्री के साथ बातचीत करने का मौका मिलने की रही, लगभग वही कहानी तमाम स्टार्टअप्स की रही है, जो इस बेहतरीन मौके का हिस्सा बन रहे हैं।

सबसे पहले स्टार्ट इंडिया के दफ्तर से फोन आया और बाद में उनकी टीम मिलने भी आई। हमारे स्टार्टअप H2O Mantra और उसके अभी तक के काम पर काफी बातचीत की। मुझे ये जानकर आश्चर्य हुआ कि जिस काम को हम अभी तक बहुत छोटा समझ रहे थे, उस पर प्रधानमंत्री कार्यालय पूरी तरह से नजर बनाए हुए था। हमारे काम का पैमाना बड़े व्यवसायियों के मुकाबले बहुत छोटा था लेकिन हमारा स्टार्टअप H2O Mantra कई अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा का काम कर सकता था। यानी GeM के जरिए हमने पिछले 1 साल में जो भी काम किया, वो हमारी मेहनत का प्रमाण पत्र था।
बहुत ही पारदर्शी तरीके से ऐसे कई स्टार्टअप्स को चुना गया, जो व्यवसाय के साथ-साथ स्मार्टसिटी और ग्रामीण विकास जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर एक साथ काम कर रहे थे। हमने बुरहानपुर, बड़वानी, उज्जैन, नागदा, भोपाल, कटिहार और असम के दूरस्थ इलाकों तक GeM की वजह से अपनी पहुंच बनाई।

ये मौका हमें भारत सरकार की इस योजना के तहत ही मिला। ये बातें सरकार की तारीफ करती हुई लग सकती हैं, लेकिन एक स्टार्टअप के नाते मैं वाकई सरकार की तारीफ करना चाहूंगा। स्टार्टअप इंडिया की टीम ने हमारे ट्रैक रिकॉर्ड और प्रोजेक्ट्स की जानकारी लेकर उस पर एक छोटी-सी वीडियो रिपोर्ट भी बनाई जिसे संभवत: प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के दौरान दिखाया जाएगा। इसके बाद हमारे स्टार्टअप की जानकारी गाजियाबाद प्रशासन को भेजी गई।

अगले राउंड में गाजियाबाद कलेक्टर कार्यालय में लगभग 100 चुनिंदा स्टार्टअप्स को बुलाया गया। सभी को अपने बारे में बताने के लिए कहा गया। इनमें से फिर कुछ स्टार्टअप्स को सिलेक्ट किया गया, जो प्रधानमंत्री से संवाद करेंगे- 'सूचना देते हुए बहुत प्रसन्नता है कि H2O Mantra उन चुनिंदा स्टार्टअप्स में से एक है जिन्हें के लिए आमंत्रित किया गया है।'


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