राहुल गांधी ने किया रक्षा का वादा

किसी भी देश की तरक़्क़ी के लिए, किसी भी समाज की ख़ुशहाली के लिए चैन-अमन सबसे ज़रूरी है। पिछले 4 बरसों में देश में जो नफ़रत का माहौल बना है, कहीं मज़हबी झगड़े, तो कहीं जातिगत ख़ून-ख़राबा। इस ख़ौफ़ के माहौल में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अवाम को यक़ीन दिलाया है कि वे उसकी रक्षा करेंगे। उन्होंने उन लोगों की रक्षा करने की भी बात कही, जो हमेशा उनके ख़िलाफ़ रहते हैं, उनके ख़िलाफ़ करते हैं। सच, ऐसा राहुल गांधी ही कर सकते हैं। राहुल गांधी ही वो शख़्सियत हैं, जो अपने दुश्मनों, अपने विरोधियों के बारे में भी हमेशा अच्छा ही सोचते हैं, अच्छा ही करते हैं।
देश की राजधानी दिल्ली के में आयोजित कांग्रेस के महाधिवेशन को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने पूरे देश में डर का माहौल बना दिया है। प्रेस के लोग भी डरते हैं। जनता इंसाफ़ के लिए अदालत में जाती है। पहली बार ऐसा हुआ है कि सुप्रीम कोर्ट के 4 जज इंसाफ़ के लिए जनता की तरफ़ दौड़े। ये का काम है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी और आरएसएस में बहुत फ़र्क़ है। हम हिन्दुस्तान के इंस्टीट्यूशन की इज़्ज़त करते हैं, वो हिन्दुस्तान के इंस्टीट्यूशन को ख़त्म करना चाहते हैं। वो सिर्फ़ एक इंस्टीट्यूशन चाहते हैं, आरएसएस। और वो चाहते हैं कि हिन्दुस्तान के सब इंस्टीट्यूशन आरएसएस के नीचे काम करें। चाहे वो ज्यूडिशरी हो, चाहे वो पार्लियामेंट हो, पुलिस हो, कोई भी इंस्टीट्यूशन हो। ये सच्चाई की लड़ाई है। हम हमारे इंस्टीट्यूशन की रक्षा करेंगे। हम पीछे नहीं हटेंगे।

मीडिया के दुष्प्रचार का ज़िक्र करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि प्रेस वाले हमारे बारे में, कांग्रेस पार्टी के बारे में भी ख़राब लिखते हैं, कभी-कभी ग़लत भी लिखते हैं। लेकिन मैं आपको यक़ीन दिलाता हूं कि हम आपकी भी रक्षा करेंगे। आप जितना भी ख़राब हमारे बारे में लिखना चाहते हो, लिखो। मगर कांग्रेस पार्टी का ये हाथ आपकी रक्षा करेगा। जब आरएसएस आपको मारेगी, दबाएगी, काटेगी, ये हाथ आपकी रक्षा करेगा। हम लोग आपकी रक्षा करेंगे। उन्होंने कहा कि ये दो विचारधाराओं की लड़ाई है। हमारी विचारधारा जीतेगी। ये गांधीजी का संगठन है। शेरों का संगठन है। हम किसी से नहीं डरेंगे। सच्चाई की लड़ाई लड़ेंगे।

उन्होंने कहा कि मैं 15 साल से राजनीति में हूं। ये आसान नहीं है। झटके लगते हैं, ठोकर लगती है, चोट लगती है, दर्द भी होता है। इससे हम सीखते हैं। हमसे ग़लती होती है, तो हम उसे मान लेते हैं और कहते हैं कि फिर से ग़लती नहीं करेंगे। लेकिन आरएसएस और बीजेपी वाले ग़लती मानते नहीं हैं, किसी की सुनते भी नहीं हैं। पूरी दुनिया कह देगी कि ग़लती की, तो मोदीजी आंसू बहा देंगे, लेकिन ये नहीं मानेंगे कि ग़लती की। मोदी सरकार की नीतियों की वजह से देश बर्बाद हो गया, लेकिन वो लोग ये नहीं मानते।

राहुल गांधी ने कहा कि आज देश में ग़ुस्सा फैलाया जा रहा है। देश को बांटा जा रहा है। हिन्दुस्तान के एक व्यक्ति को दूसरे व्यक्ति से लड़ाया जा रहा है। हमारा काम जोड़ने का काम है। उन्होंने कांग्रेस के निशान का ज़िक्र करते हुए कहा कि ये जो हाथ का निशान है, यही एक निशान है, जो हिन्दुस्तान को जोड़ने का काम कर सकता है। यही एक निशान है, जो इस देश को आगे ले जा सकता है। इस निशान की जो शक्ति है, वो आपके अंदर है। अगर देश को जोड़ने का काम करना है, तो हम सबको मिलकर, देश की जनता को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि हम भविष्य की बात कर रहे हैं, बदलाव की बात कर रहे हैं।

हमारी परंपराओं में बदलाव किया जाता है, मगर बीते हुए वक़्त को भूला नहीं जाता है। युवाओं की बात होती है, मगर मैं कहना चाहता हूं कि अगर युवा कांग्रेस पार्टी को आगे ले जाएंगे, तो हमारे अनुभवी नेताओं के बिना कांग्रेस पार्टी आगे नहीं जा सकती। मेरा काम वरिष्ठ नेताओं और युवाओं को जोड़ने का काम है। एक नई दिशा दिखाने का काम है। इसके लिए संगठन में कई बदलाव करने होंगे।

उन्होंने कहा कि पार्टी के मेहनतकश कार्यकर्ताओं को आगे लाना होगा। नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच की दीवार को तोड़ना होगा। इस दीवार के अलग-अलग रूप हैं। एक रूप होता है कि पैराशूट की तरह ऊपर से टिकट लेकर कोई व्यक्ति गिरता है। दूसरा रूप होता है, 10-15 साल कार्यकर्ता ख़ून-पसीना बहाता है और फिर टिकट से पहले उसको कहा जाता है, भइया, तुम कार्यकर्ता हो, तुम्हारे पास पैसा नहीं है, तुम्हें टिकट नहीं मिलेगा। पर मैं कहता हूं- नहीं-नहीं, तुम कार्यकर्ता हो, तुम्हारे दिल में कांग्रेस की विचारधारा है, तुम्हें टिकट ज़रूर मिलेगा और गुजरात में हमने छोटा-सा उदाहरण दिया, बड़ा नहीं, छोटा-सा, कांग्रेस पार्टी ने कार्यकर्ताओं को टिकट दिया और नतीजा आपने देखा।

उन्होंने कहा कि दूसरी दीवार और शायद ये और भी बड़ी दीवार है, मगर ये जो पहली दीवार है, उसे तोड़े बिना वो दूसरी दीवार नहीं तोड़ी जा सकती। वो दीवार है- हिन्दुस्तान के युवाओं और राजनीतिक सिस्टम के बीच की दीवार। युवाओं ने मोदीजी में विश्वास किया, लेकिन वे ठगे गए। नीरव मोदी, ललित मोदी और अमित शाहजी का पुत्र अमेरिका भाग गए। उन्होंने कहा कि अगर इन दीवारों को तोड़ना है, तो इसके लिए आगे आना होगा।

उन्होंने ख़ाली स्टेज की तरफ़ इशारा करते हुए कहा कि ये स्टेज मैंने आपके लिए ख़ाली किया है। अगर हिन्दुस्तान को बदलना है, तो हर जात, हर मज़हब के लड़कों को, लड़कियों को समझना पड़ेगा कि आप ही बदल सकते हो और कोई नहीं बदल सकता। जो लोग हिन्दुस्तान के विज़न को समझते हैं, जिनके दिल में हिन्दुस्तान की आग जलती है, मैं उनसे इस स्टेज को भरूंगा। आपका हाथ पकड़कर आपको यहां बिठाऊंगा। मैं 70-80 साल पहले वाली महात्मा गांधीजी, जवाहरलाल नेहरूजी, सरदार पटेलजी, मौलाना आज़ादजी, जगजीवन रामजी वाली कांग्रेस को देखना चाहता हूं। जैसे उन दिनों कांग्रेस पार्टी हुआ करती थी, वैसी ही कांग्रेस पार्टी देखना चाहता हूं। वरिष्ठ नेता हैं, आपकी जगह है, कांग्रेस पार्टी में युवा हैं, आपकी जगह है और कांग्रेस पार्टी के बाहर करोड़ों युवा हैं, आपकी भी जगह है। हमें मिलकर काम करना है।

दुनिया में आज दो विज़न दिखाई दे रहे हैं। एक अमेरिका का विज़न और दूसरा चीन का विज़न है। मैं चाहता हूं कि 10 साल के अंदर एक इंडिया का विज़न भी दिखाई दे जाए। पूरी दुनिया ये कहे कि ये तरीक़ा सबसे अच्छा है। भाईचारे का, अहिंसा का, प्यार का। इसके लिए युवाओं को रोज़गार देना होगा। हर ज़िले में कोई न कोई चीज़ है। उत्तरप्रदेश को लीजिए। कानपुर, मिर्ज़ापुर, मुरादाबाद, कोई भी ज़िला देख लीजिए। स्किल की हिन्दुस्तान में कोई कमी नहीं है, इंटेलिजेंस की हिन्दुस्तान में कोई कमी नहीं है, ऊर्जा की कोई कमी नहीं है। कमी एक है, जिसके पास स्किल है, जिसके पास ऊर्जा है, उसके पास बैंक लोन नहीं है, उसके पास टेक्नोलोजी नहीं है। जो हमारा स्किल का ढांचा है, हर ज़िले में, हम उसे बैंकों के पैसे से और टेक्नोलोजी से जोड़ने का काम करेंगे।

दूसरी बात, किसान अनाज उगाता है, सब्ज़ी उगाता है, उसका ज़्यादा से ज़्यादा उत्पाद ख़राब हो जाता है। उत्तरप्रदेश की सड़कों पर आलू दिखाई देते हैं। किसान उन्हें फेंक देते हैं। कांग्रेस पार्टी पूरे देश में फ़ूड पार्कों का नेटवर्क फैलाएगी। हर ज़िले में किसान अपना अनाज, अपनी सब्ज़ी, अपना फल सीधा फ़ूड प्रोसेसिंग फ़ैक्टरी में जाकर बेचेगा। उन्होंने किसानों को यक़ीन दिलाया कि हमारी सरकार आने पर हम आपकी रक्षा करेंगे,
दिल से आपकी रक्षा करेंगे और जैसे हमने 70 हज़ार करोड़ रुपए का क़र्ज़ माफ़ किया था, वैसे ही ज़रूरत पड़ने पर आपकी मदद करेंगे। तीसरा सबसे बड़ा काम शिक्षा का है। आज व्यापमं स्कैम पूरे देश में फैलाया जा रहा है। दिल्ली में युवा धरना दे रहे हैं। प्रश्नपत्र बिकता है। इसे ख़रीदकर परीक्षा देने वाले पूरे देश में फैल रहे हैं। शिक्षा पर सबका हक़ है। हमारी सरकार आने पर हम देश के कोने-कोने में उच्च शिक्षा की व्यवस्था करेंगे।

उन्होंने कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच के फ़र्क़ को बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और विपक्ष में क्या फ़र्क़ है, एक सबसे बड़ा फ़र्क़ है- वो क्रोध और ग़ुस्से का प्रयोग करते हैं, हम प्यार का प्रयोग करते हैं। हम भाईचारे का प्रयोग करते हैं और चाहे कुछ भी हो जाए, मैं फिर से दोहराना चाहता हूं कि ये देश हम सबका है, हर धर्म का है, हर जात का है, हर व्यक्ति का है और जो भी पार्टी करेगी, वो पूरे देश के लिए करेगी, देश के हर व्यक्ति के लिए करेगी और किसी को पीछे नहीं छोड़ेगी।

गुजरात चुनाव के दौरान राहुल गांधी के मंदिर जाने पर भारतीय जनता पार्टी ने उन पर ख़ूब तंज़ किए थे। इस बारे में राहुल गांधी ने कहा कि गुजरात का चुनाव हुआ और वहां काफ़ी लोगों ने कहा कि मैं मंदिर जाता हूं। अजीब-सी बात है, क्योंकि मैं सालों से गुजरात चुनाव के बहुत पहले से, अपने दौरों पर मंदिर जाता हूं और मैं सिर्फ़ मंदिर में नहीं जाता हूं, मैं मस्जिद में, गुरुद्वारे में, चर्च में भी जाता हूं। मुझे जब भी कोई बुलाता है, मैं जाता हूं। उन्होंने दो मंदिरों का ज़िक्र करते हुए कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच के फ़र्क़ को बताया। उन्होंने कहा कि मैं आपको दो मंदिरों की कहानी बताता हूं। अपने दौरों पर दो अलग-अलग मंदिरों के पुजारी मिले, जिसमें एक कांग्रेस समर्थक थे और दूसरे भारतीय जनता पार्टी से थे।

पहले मंदिर गया, शिव का मंदिर था, पूजा हो रही थी, पंडितजी बैठे थे। पूजा ख़त्म हुई, अलग-अलग चीज़ें थीं। सवाल पूछने की आदत है, तो मैंने पंडितजी से पूछा, गुरुजी आप मुझे बताइए आपने किया क्या? आपने दूध डाला, पानी डाला, मंत्र पढ़े, आपने क्या किया? उन्होंने कहा कि बेटा, समझना चाहता है, तो इन सिक्योरिटी वालों को परे कर। सिक्योरिटी वालों को परे किया। उन्होंने कहा कि अच्छा इधर आ, पीछे खड़ा हो जा। मंदिर के पीछे दीवार पर माथा लगा। फिर उन्होंने कहा, तू भगवान ढूंढ रहा है न, तो तुझे भगवान कहीं भी मिल जाएगा। जहां तू देखेगा, वहीं मिल जाएगा। मंदिर में ढूंढ रहा है, तो मंदिर में मिलेगा, चर्च में मिलेगा, गुरुद्वारे में मिलेगा, पेड़-पौधों में मिलेगा, आसमान की शून्यता में मिलेगा, जहां तू देखेगा, तुझे भगवान दिखेगा। ये जो हमने किया, ये हम करते हैं, ये हमें करने दे। अगर तू भगवान ढूंढ रहा है, तो जहां भी तू देखेगा, तुझे भगवान दिखेगा।

इसके बाद बिलकुल वही हालात, वैसा ही शिव मंदिर, वही पूजा वही सवाल। मगर पंडितजी ने सवाल का जवाब देने से मना कर दिया, लेकिन मैं अड़ गया। हम बाहर आ चुके थे। पंडितजी ने कहा कि मैंने तेरे लिए पूजा कर दी है। अब तुम प्रधानमंत्री बनने जा रहे हो, वो छत देख रहे हो। ऐसा करना जब तुम प्रधानमंत्री बन जाओ, तो इस पर सोना लगा देना। मतलब एक व्यक्ति सच्चाई कहता है। हमारा भगवान मंदिर में है, मस्जिद में है, चर्च में है, गुरुद्वारे में है, सब जगह है। हम तो पहले पुजारी की तरह सच के सिपाही हैं।


उन्होंने कहा कि बीजेपी की राजनीति में बीजेपी का जो धर्म है, वो सिर्फ़ सत्ता को पाने के लिए है। लेकिन हम जनता के लिए लड़ते हैं। हमारे लोगों ने देश के लिए अपना ख़ून दिया है। हम नफ़रत नहीं करते, हम ग़ुस्सा नहीं करते। आप हमें मारो-पीटो, हम आपसे नफ़रत नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि आज देश मुश्किल में है। किसान कहते हैं कि हम जी नहीं सकते। खेती से आमदनी नहीं होती, आत्महत्या करनी पड़ती है। दूसरी तरफ़ करोड़ों युवा बेरोज़गार हैं, उन्हें रास्ता नहीं दिख रहा है। समझ नहीं आ रहा है कि क्या करें। 4 साल पहले इन लोगों ने मोदीजी पर भरोसा किया था, जो अब टूट चुका है। ख़त्म हो चुका है।

उन्होंने कहा कि देश में करोड़ों युवा, जो आज थके हुए हैं, जब वे मोदीजी की तरफ़ देखते हैं, तो उन्हें रास्ता दिखाई नहीं देता। उन्हें ये बात समझ नहीं आती कि उन्हें रोज़गार कहां से मिलेगा? किसानों को उनकी फ़सल का सही दाम कब मिलेगा? देश एक तरह से थका हुआ है, रास्ता ढूंढ रहा है और मैं दिल से कहता हूं कि देश को सिर्फ़ कांग्रेस पार्टी ही रास्ता दिखा सकती है। उन्होंने कहा कि हम साथ मिलकर काम करें, तो कांग्रेस फिर से जीत सकती है।

ग़ौरतलब है कि 16 से 18 मार्च को आयोजित कांग्रेस के 84वें महाधिवेशन में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, मोतीलाल वोरा, गु़लाम नबी आज़ाद, मल्लिकार्जुन खड़गे के अलावा स्टीयरिंग कमेटी के सदस्यों, अंतरराष्ट्रीय डेलिगेट्स, एआईसीसी सदस्यों, पीसीसी सदस्यों और देशभर से आए पार्टी कार्यकर्ताओं ने शिरकत की और अपने विचार रखे।

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