परीक्षा के भूत से कैसे निपटें विद्यार्थी?


की पहली से ही बोर्ड की परीक्षाएं शुरुआती रूप लेंगी। कई परीक्षार्थियों को परीक्षा के  बारे में सोचकर ही बेचैनी महसूस होने लगती है। जब परीक्षाएं सिर पर हों तो दबाव बनना  स्वाभाविक हैं, परंतु नियमित अध्ययन के दौरान विद्यार्थी इस दबाव को कम कर सकता है।
 
अब सवाल यह उठता है कि यदि विद्यार्थी इस भागदौड़भरी जिंदगी में किसी कारणवश वर्षभर  पढ़ाई नहीं कर पाया है तो उस पर यह दबाव और हावी हो जाता है, परंतु इसका मतलब यह  नहीं कि वह हिम्मत हार जाए। विद्यार्थियों के मन में परीक्षा की चिंता हमेशा रहती है, पर  जनवरी माह शुरू होते ही वे और गंभीर हो जाते हैं।
 
इस पूरे मामले में सबसे बड़ी दिक्कत का सामना कक्षा 10वीं और 12वीं के विद्यार्थी करते  दिखाई पड़ते हैं। कारण यह है कि एक तो उम्र की चंचलता और दूसरा भविष्य के प्रति सचेतता  की कमी उन्हें वक्त का एहसास नहीं करा पाती है। दिमाग में उथल-पुथल मच जाती है कि  क्या मैं सभी प्रश्नों के उत्तर दे पाऊंगा? क्या सभी उत्तर सही होंगे? जो सिलेबस छोड़ दिया  कहीं उसी में से प्रश्न आ गए तो? थोड़ा और पढ़ लेता तो ठीक रहता। परीक्षा के लिए थोड़ा और  समय मिल गया होता तो अच्छा रहता। 
 
इस तरह के न जाने कितने प्रश्न लगभग सभी विद्यार्थियों को परेशान करते हैं। थोड़ा-बहुत  मानसिक दबाव बेहतर प्रदर्शन के लिए अच्छा रहता है, मगर ज्यादा दबाव नुकसानदायक हो  सकता है। निम्न बातों पर ध्यान देकर आप परीक्षा के डर को दूर कर सकते हैं।
 
1. समय का सदुपयोग : समय के सदुपयोग का स्मार्ट तरीका है कि आप अपनी कक्षा के  समय का पूरा उपयोग करें। जब शिक्षक कक्षा में पढ़ाते हैं तो कई छात्र आपस में बातें करने या  इधर-उधर समय नष्ट करने में क्या पढ़ाया जा रहा है, उस पर ध्यान नहीं देते। यह भी समय  का दुरुपयोग है। जब शिक्षक कक्षा में पढ़ा रहे हैं तो उसे ध्यान से समझिए और जो समझ में  न आए, उसे तुरंत पूछिए। कई छात्र कुछ समझ में न आने पर संकोचवश उसे शिक्षकों से  पूछते नहीं हैं। 
 
2. पाठ्यक्रम में अंकों के अनुसार पढ़ाई : आजकल बोर्ड परीक्षा से पूर्व प्रत्येक बोर्ड विद्यार्थियों  की सुविधा के लिए ब्लूप्रिंट जारी करता आ रहा है। इस पर भी सावधानी जरूरी जान पड़ती है  कि बाजार में उपलब्ध प्रश्न बैंकों पर दिए गए ब्लूप्रिंट को एक बार बोर्ड की वेबसाइट खोलकर  मिलान अवश्य कर लें और अंतिम रूप से बोर्ड की वेबसाइट के ब्लूप्रिंट को ही स्वीकार करें।  ऐसा करने से अध्याय की महत्ता और उस पर लगाया जाने वाला अध्ययन का समय उचित  रूप से बांटा जा सकता है। 
 
जिस अध्याय से महज 2 अंकों का प्रश्न पूछा जाना हो उस अध्याय के बड़े प्रश्न को याद  करने का अनुपयोगी समय भी सकारात्मक परिणाम की ओर अग्रसर कर सकेगा। साथ ही इस  बात की जानकारी भी सहज रूप में उपलब्ध हो पाएगी कि किस इकाई से वस्तुनिष्ठ प्रश्न पूछे  जाने हैं और कौन-सी इकाई बड़े प्रश्नों के लिए आरक्षित रखी गई है। इस प्रकार से विद्यार्थी  अपनी योजना को प्रथम पायदान के रूप में उचित दिशा प्रदान कर सकेंगे। 
 
3. परीक्षाओं के दौरान टाइम मैनेजमेंट : जिंदगी में हर चीज और काम के लिए एक निर्धारित  समय होता है। पढ़ाई-लिखाई के लिए भी एक समय होता है। जब हम स्कूल या कॉलेज में  पढ़ते हैं वो समय कुछ अलग ही होता है। लाइफ के समय का एक अलग ही महत्व और  आकर्षण होता है। ये वह समय होता है, जब इंसान के सामने सिर्फ एक ही चीज महत्वपूर्ण  होती है और वो है अपनी पढ़ाई-लिखाई। एक बार ये लाइफ बीत जाए तो दोबारा वैसे का वैसा  समय दोबारा नहीं आता। इसीलिए कहते हैं कि 'विद्यार्थी जीवन जिंदगी का स्वर्णिम समय होता  है। इसे व्यर्थ के कार्यों में नहीं गंवाना चाहिए।'
 
 

वेबदुनिया हिंदी मोबाइल ऐप अब iOS पर भी, डाउनलोड के लिए क्लिक करें। एंड्रॉयड मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें। ख़बरें पढ़ने और राय देने के लिए हमारे फेसबुक पन्ने और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं।



और भी पढ़ें :

मक्खन खाना शुरू कर दीजिए, यह 11 फायदे पढ़कर देखिए

मक्खन खाना शुरू कर दीजिए, यह 11 फायदे पढ़कर देखिए
मक्खन खाने के भी अपने ही कुछ फायदे हैं। अगर नहीं जानते, तो जरूर पढ़ि‍ए, और जानिए मक्खन से ...

आगे बढ़ना ही मनुष्य के जन्म की नियति है तो हम क्यों पीछे ...

आगे बढ़ना ही मनुष्य के जन्म की नियति है तो हम क्यों पीछे लौटें...
प्रकृति ने हमारे शरीर का ढांचा इस प्रकार बनाया है कि वह हमेशा आगे बढ़ने के लिए ही हमें ...

किसी और की शादी होती देख क्यों सताती है लड़कियों को अपनी ...

किसी और की शादी होती देख क्यों सताती है लड़कियों को अपनी शादी की चिंता
ज़िंदगी में एक ऐसा समय आता है जब आपको लगने लगता है कि आपके आसपास सभी की शादी हो रही है। ...

पैरेंट्स करें ऐसा व्यवहार, तो बच्चे सीख जाएंगे सच बोलना

पैरेंट्स करें ऐसा व्यवहार, तो बच्चे सीख जाएंगे सच बोलना
बच्चे बहुत नाज़ुक मन के होते हैं, बिलकुल गीली मिट्टी जैसे। उन्हें आप जो सीखाना चाहते वे ...

बस उस क्षण को जीत लेने की बात है, फिर जिंदगी खूबसूरत है

बस उस क्षण को जीत लेने की बात है, फिर जिंदगी खूबसूरत है
आत्महत्या। किसी के लिए हर मुश्किल से बचने का सबसे आसान रास्ता तो किसी के लिए मौत को चुनना ...

सोशल मीडिया पर छाए रहे दो महाराज

सोशल मीडिया पर छाए रहे दो महाराज
बीते सप्ताह सोशल मीडिया पर दो महाराज छाये रहे। इन्दौर में रहने वाले भय्यू महाराज ने गत ...

बारिश के मौसम में बचें कान के इन्फेक्शन से, पढ़ें जरूरी ...

बारिश के मौसम में बचें कान के इन्फेक्शन से, पढ़ें जरूरी सलाह (वीडियो)
संक्रमण के कारण ही बारिश में कान के रोग भी पनपते हैं, जो फैलने पर आपके लिए परेशानी खड़ी ...

धन का संकट दूर करना है तो आजमाएं अनमोल एवं कारगर उपाय ...

धन का संकट दूर करना है तो आजमाएं अनमोल एवं कारगर उपाय (पढ़ें अपनी राशिनुसार)
अगर आप अपने ईष्ट का स्मरण कर भक्ति भाव से पूजन और नियमितता से नीचे दिए गए उपाय आजमाते हैं ...

ईयर फोन बन रहा है मौत का कारण, पढ़ें 10 जरूरी बातें

ईयर फोन बन रहा है मौत का कारण, पढ़ें 10 जरूरी बातें
आए दिन रास्ते में आपको कान में ईयरफोन लगाए लोग मिल जाएंगे जिनकी वजह से प्रतिदिन हादसे हो ...

ज्योतिष के अनुसार चंद्र की खास विशेषताएं, जो आप नहीं जानते ...

ज्योतिष के अनुसार चंद्र की खास विशेषताएं, जो आप नहीं जानते होंगे...
भारतीय ज्योतिष में नौ ग्रह गिने जाते हैं, सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु ...